बायोमीटिक मशीन में हाजिरी लगाकर गायब होने की परंपरा पर पूर्णविराम लग : सीसीटीवी कैमरों से पढ़ाई की निगरानी, परीक्षा के बाद कालेजों में लगे कैमरों का नियमित उपयोग


इलाहाबाद बायोमीटिक मशीन में हाजिरी लगाकर गायब होने की परंपरा पर पूर्णविराम लगने जा रहा है। नए शैक्षिक सत्र में शिक्षकों की गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाने की है। अब उन्हें कक्षाओं में हर हाल में पढ़ाना ही होगा, वहीं कालेजों में दाखिला लेने वाले छात्र-छात्रएं भी सिर्फ कोचिंग व ट्यूशन के सहारे नहीं रहेंगी, उन्हें भी रोज स्कूल पहुंचना होगा। नए सत्र से माध्यमिक कालेजों की पढ़ाई की निगरानी सीसीटीवी कैमरों के जरिए करने की है। जिसमें महकमे के अफसर व विभागीय मंत्री तक कार्यालय में बैठकर ही स्कूलों का हाल सीधे जान सकेंगे।1यूपी बोर्ड के प्रदेश में 26 हजार से अधिक हाईस्कूल व इंटर कालेज हैं। शासन ने सभी कालेजों में सीसीटीवी कैमरा लगाना अनिवार्य किया है। पिछली हाईस्कूल व इंटर की परीक्षा के लिए बड़ी संख्या में कालेजों ने दावेदारी की, उनमें से अधिकांश ने यह कैमरे लगवा लिए हैं। परीक्षा में नकल पर अंकुश लगाने में इन कैमरों का प्रयोग कारगर रहा है। अब इसी के जरिए कालेजों में पढ़ाई कराने का खाका खींचा गया है, यानि कालेजों में पढ़ाई हो रही है या नहीं इसका निरीक्षण इन कैमरों के जरिये होगा।

बुलंदशहर के स्कूल से हुई शुरुआत : यूपी बोर्ड ने बुलंदशहर जिले के शिव कुमार जनता इंटर कालेज जहांगीराबाद की गतिविधियां लाइव देखी थी, क्योंकि इस कालेज में लगे कैमरे का कोड बोर्ड को मुहैया कराया था। इसी तर्ज पर अन्य को भी जोड़ा जा रहा है, नई तकनीक के जरिए महकमे के अफसर वहां पहुंचे बगैर अपने कार्यालय में बैठकर भी कालेज में पढ़ाई का हाल सकते हैं।

परीक्षा छोड़ने वालों पर अंकुश : बोर्ड परीक्षा में प्रदेश में करीब सवा 11 लाख से अधिक परीक्षार्थियों ने इम्तिहान छोड़ा था। इनमें से अधिकांश वह परीक्षार्थी थे, जो नकल के भरोसे रहे हैं। भले ही सरकार परीक्षा छोड़ने वालों को गैर प्रांत का बता रही है लेकिन, सभी स्वीकार करते हैं कि ठीक से पढ़ाई न होने से परीक्षार्थी इम्तिहान छोड़ते हैं। नए सत्र में कालेजों पर दबाव होगा कि वह तय घंटों व दिनों में पाठ्यक्रम पूरा करें।

निदेशक ने दिए थे सख्ती के संकेत : माध्यमिक शिक्षा निदेशक डा. अवध नरेश शर्मा ने पुस्तकों के टेंडर के दौरान कहा था कि सीसीटीवी कैमरों के जरिए स्कूलों में पढ़ाई जांची जाएगी। शिक्षक बाहर की किताबें न पढ़ाये इस पर विशेष जोर होगा। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार परीक्षाओं की तर्ज पर पढ़ाई के लिए भी अभियान चलाएगी।



 
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