साथियों,
सोशल मीडिया के माध्यम से संज्ञान में आया है प्रदेश अध्यक्ष श्रीमान गाजी इमाम आला जी ने 15 अप्रैल को सभी को अपने कार्यालय पर आमंत्रित किया है समस्त प्रदेश के संगठनों से जुड़े लोगों को पूर्वाग्रहों को किनारे रखते हुए शिक्षामित्र के हित को ध्यान में रखते हुए 15 तारीख को इस बैठक में प्रतिभाग जरूर करना चाहिए।

जानकारी सोशल मीडिया के माध्यम से मिली है इसलिए सोशल मीडिया के माध्यम से ही पूछना चाहूंगा की इस बैठक का उद्देश्य संयुक्त मोर्चे का गठन करना है अथवा प्रदेश के सारे संगठनों का विलय करते हुए एक संगठन का निर्माण करना है।

क्योंकि संयुक्त मोर्चा आम शिक्षामित्र 12 सितंबर 25 जुलाई के बाद देख चुका और आपस में हुई तू-तू मैं-मैं भी देख कर के लगातार आहत हो चुका है ।
ऐसी स्थिति में यदि इस बैठक का उद्देश्य योग्य व्यक्तियों को प्रतिनिधित्व प्रदान करते हुए पूरे प्रदेश के शिक्षामित्र को एक मंच पर  लाने का तब तो स्वागत योग्य कदम है इससे एक साथ दो फायदे होंगे एक तो यह फायदा होगा शिक्षामित्र प्रकरण को शासन-प्रशासन मीडिया के सामने वह लोग उठाएंगे जो शिक्षामित्र प्रकरण को पूर्ण रूप से जानते हैं।

दूसरा फायदा यह होगा शिक्षामित्र पर लगा हुआ समाजवादी का धब्बा काफी हद तक कम हो जाएगा ।
इसके अतिरिक्त यदि वही पुरानी खिचड़ी पकानी है और संयुक्त मोर्चा बनाना है तो उसका कोई भी बेहतर परिणाम ना 12 सितंबर के बाद मिला और ना ही 25 जुलाई के बाद।
इसका सीधा अर्थ है की आप सभी लोगों को अभी भी अपनी अपनी लाल बत्ती ज्यादा प्यारी है शिक्षामित्र की लाशों पर राजनीति करना आप नहीं छोड़ेंगे।
उम्मीद है जिनकी नजर में सिर्फ और सिर्फ शिक्षामित्र के हित के प्रति समर्पण होगा वह मेरी बात को समझेंगे और संगठन के प्रमुखों तक मजबूती के साथ पहुंचाने का प्रयास करेंगे।
( जागरुक शिक्षा मित्र साथी मेरी इस पोस्ट को विभिन्न मंचों पर शेयर करते हुए संगठन के पदाधिकारियों से प्रत्युत्तर प्राप्त करने का प्रयास करें ।)
             *आकाश सिंह*

 
Top