घटिया माल और बेइंतहा लापरवाही, बच्चे रहे गए नंगे पैर, एक ही पैर के भेजे 52 हजार जूते : अलीगढ़ - primary ka master | basic shiksha news | updatemarts | uptet news | basic shiksha parishad
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    Wednesday, 18 April 2018

    घटिया माल और बेइंतहा लापरवाही, बच्चे रहे गए नंगे पैर, एक ही पैर के भेजे 52 हजार जूते : अलीगढ़

    प्राथमिक शिक्षा के सुधार में सरकार एड़ी से चोटी तक जोर लगा रही है, पर यहां उनके साथ मजाक हो रहा है। पिछले सत्र के खत्म होने से तीन माह पूर्व बच्चों के लिए जूते-मोजे आए, पर जब डिब्बे खुले तो लापरवाही की भी पोल खुल गई। एक ही पांव के 52 हजार जूते भेज दिए गए। इसी तरह मोजे भी निकले, जबकि बैगों की क्वालिटी भी घटिया निकली। इसमें मोटा खेल होने की बू आ रही है। जूते भेजने वाली गाजियाबाद की फर्म पावरटेक इलेक्ट्रो इंफ्रा प्राइवेट लिमिटेड को अब ये जूते वापस भेजे जा रहे हैं। इन सबके बीज यह तथ्य महत्वपूर्ण है कि इससे सरकार का मकसद अधूरा तो रहा ही और बच्चे नंगे पैर ही रह गए। 1सर्व शिक्षा अभियान के तहत पिछले सत्र से आठवीं तक के बच्चों को पहली बार जूते की आपूर्ति की गई। अलीगढ़ के 1776 प्राइमरी और 735 जूनियर हाईस्कूल में पढ़ने वाले 2.11 लाख बच्चों को भी लाभ मिलना था। सरकार ने 2.86 करोड़ रुपये बजट दिया और गाजियाबाद की फर्म को आपूर्ति का ठेका दिया। फर्म से दो लाख 11 हजार 216 जूते खरीदे गए। तीन महीने पहले आए डिब्बे जब खोले गए तो घटिया माल और बेइंतहा लापरवाही सामने आई। गिनती हुई तो एक ही पांव के व कटे-फटे 52,804 जूते निकले। ये बांटे भी न जा सके। इन्हें टेस्टिंग लैब ने भी ‘ओके’ बता दिया था। एक साल की वारंटी में आए ‘अच्छे’ जूते भी तीन महीने में ही फट गए। सवाल है कि यह कैसी जांच थी?


    खादिम इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के भेजे मोजे भी छोटे-बड़े हैं। हजारों तो एक ही पांव के हैं। ऐसे 23,234 मोजे लौटाए जा रहे हैं। इसी तरह 3.16 करोड़ के बैग में भी मोटा खेल होने की बू आ रही है। सुमाजा कंपनी के भेजे 73,864 बैग भी दिल्ली की लैब टेस्टिंग में फेल हो गए हैं।