CHILD CARE LEAVE (CCL) बाल्य पाल अवकाश : महिलाओं ही नहीं, पुरुषों को भी मिल सकेगी चाइल्ड केयर लीव,अब महिला कर्मचारी इन छुट्टियों में विदेश भी जा सकेंगी, - primary ka master | basic shiksha news | updatemarts | uptet news | basic shiksha parishad
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    Saturday, 14 April 2018

    CHILD CARE LEAVE (CCL) बाल्य पाल अवकाश : महिलाओं ही नहीं, पुरुषों को भी मिल सकेगी चाइल्ड केयर लीव,अब महिला कर्मचारी इन छुट्टियों में विदेश भी जा सकेंगी,

    CHILD CARE LEAVE (CCL) बाल्य पाल अवकाश : महिलाओं ही नहीं, पुरुषों को भी मिल सकेगी चाइल्ड केयर लीव,अब महिला कर्मचारी इन छुट्टियों में विदेश भी जा सकेंगी,

    नई दिल्ली : केंद्रीय कर्मचारियों को बच्चों को पालने के लिए मिलने वाली खास छुट्टी ‘चाइल्ड केयर लीव’ पुरुषों को मिले या नहीं, इस पर सरकार जल्द फैसला लेगी। अब तक यह छुट्टी सिर्फ महिलाओं को मिलती है। हालांकि, सातवें वेतन आयोग में अनुशंसा की गई थी कि कुछ शर्तों के साथ यह सुविधा पुरुष कर्मचारियों को भी मिले, जिसे केंद्र सरकार ने स्वीकार भी कर लिया था। लेकिन अब तक इसे लागू नहीं किया गया है। कर्मचारी संगठनों ने इस मामले को लेकर दबाव बनाया है, जिसके बाद सरकार ने इसे किस तरह लागू किया जाय, इसका रोडपैप तैयार करने के लिए एक कमिटी का गठन किया है। चाइल्ड केयर लीव के अंतर्गत 18 महीने से छोटे बच्चे को पालने के लिए 2 साल तक की छुट्टी मिलती है। यह अलग-अलग चरणों में भी ली जा सकती है।

    7वें वेतन आयोग की अनुशंसा में कहा गया था कि आज की तारीख में कई ऐसे पुरुष कर्मचारी हैं, जो अकेले हैं और जिनपर अपने बच्चों की परवरिश की जिम्मेदारी रहती है। ऐसे में आयोग ने इनके लिए भी महिलाओं की तरह चाइल्ड केयर लीव देने की अनुशंसा की। यह छुट्टी सबसे पहले छठे वेतन आयोग में लागू हुई थी। पहले दो साल की छुट्टी में महिला कर्मचारी को पूरी सैलरी मिलती थी। लेकिन 7वें वेतन आयोग में इसमें संशोधन करते हुए पहले साल में 100 फीसदी वेतन तो दूसरे साल 80 फीसदी वेतन देने की अनुशंसा हुई, जो लागू हो चुकी है। इस छुट्टी के बारे में सरकार का तर्क है कि इसके दुरुपयोग के कई मामले सामने आए, जिससे काम प्रभावित हुआ। इस कारण पुरुषों को अब तक यह सुविधा नहीं दी गई थी। लेकिन अब कर्मचारी संगठनों की ओर से दबाव बढ़ने के कारण सरकार इस दिशा में गंभीरतापूर्वक पहल कर रही है। सरकार के एक अधिकारी ने कहा कि इस छुट्टी का मुख्य मकसद छोटे बच्चों की पढ़ाई और उनकी स्वास्थ्य जरूरतों को पूरा करना है।

    अखिल भारतीय स्वास्थ्य कर्मी संघ के संयोजक रामकृष्ण ने कहा कि चाइल्ड केयर लीव की जरूरत पुरुषों को भी होती है। उन्होंने इसके लिए न सिर्फ पुरुषों तक यह सुविधा बढ़ाने का आग्रह किया, बल्कि 7वें वेतन आयोग के बाद इसमें जो कटौती की गई है, उसे भी वापस लेने की मांग लिखित रूप से की है। वहीं, डिपार्टमेंट ऑफ पर्सनेल ऐंड ट्रेनिंग (डीओपीटी) ने चाइल्ड केयर लीव में बड़ा बदलाव करते हुए महिलाओं को कई तरह की सहूलियतें देने का फैसला किया है। संशोधित फैसले के तहत अब महिला कर्मचारी इन छुट्टियों में विदेश भी जा सकेंगी। पहले इसपर प्रतिबंध था। साथ ही इन छुट्टियों के दौरान एलटीसी भी ले सकती हैं। हालांकि, इनके लिए हेडक्वॉर्टर से पूर्व अनुमति लेनी होती है। इस बदलाव को तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है।