सांसद आदर्श ग्राम योजना : पांच गांव तक नहीं संवार पाए सांसद,आदर्श ग्राम योजना ‘माननीयों’ ने की फेल - primary ka master | basic shiksha news | updatemarts | uptet news | basic shiksha parishad
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    Sunday, 13 May 2018

    सांसद आदर्श ग्राम योजना : पांच गांव तक नहीं संवार पाए सांसद,आदर्श ग्राम योजना ‘माननीयों’ ने की फेल

    सांसद आदर्श ग्राम योजना : पांच गांव तक नहीं संवार पाए सांसद,आदर्श ग्राम योजना ‘माननीयों’ ने की फेल

    गांवों को विकसित बनाने की सांसद आदर्श ग्राम योजना ‘माननीयों’ को नहीं भायी। तभी तो सांसदों ने अपने संसदीय क्षेत्र के पांच गांवों को भी संवारने में कोई रुचि नहीं दिखाई। आंकड़ों के हिसाब से संसद के दोनों सदनों के कुल मौजूदा 784 सांसदों में से 615 ने योजना से ही पल्ला झाड़ लिया है। केवल 172 सांसदों ने तीसरे चरण में भी अपने संसदीय क्षेत्र के गांवों का चयन किया। सत्तापक्ष के माननीयों ने भी योजना से मुंह मोड़ा है, जिनमें कुछ मंत्री भी हैं।

    सांसदों के चयनित गांवों के विकास में केंद्र व राज्य सरकारों की दर्जनों योजनाओं की मदद लेनी है। महात्मा गांधी के विचारों से प्रेरित होकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सभी सांसदों से स्वैच्छिक तौर पर हर साल एक गांव चुनकर उसे संवारने का दायित्व लेने को कहा था। योजना अक्टूबर 2014 में लांच हुई थी जो 2019 तक पूरी हो जाएगी। पहले साल लोकसभा के सांसदों में पश्चिम बंगाल के तृणमूल कांग्रेस के सभी 37 सांसद, उड़ीसा के दो, दिल्ली, आंध्र प्रदेश और उत्तर प्रदेश के एक-एक सांसदों ने इस योजना का बायकाट किया था। जबकि राज्यसभा के 50 सांसदों ने योजना से दूरी बना ली थी।

    दूसरे चरण में तो सत्तापक्ष के भी ज्यादातर सांसदों ने योजना से किनारा करना शुरू कर दिया है। लोकसभा में सांसदों की मौजूदा संख्या 544 के मुकाबले 204 ने अपने संसदीय क्षेत्र के गांवों को गोद नहीं लिया। राज्यसभा में 242 सदस्यों के मुकाबले 125 माननीयों ने गांवों के चयन से तौबा कर ली। लेकिन सांसद आदर्श गांव बनाने की योजना का तीसरा चरण बहुत दयनीय रहा।