10768 एलटी ग्रेड शिक्षक भर्ती 2018 : भर्ती में योग्यता का मानक ‘याची’, बाकी अयोग्य? भर्ती पर लगे सवालिया निशान - primary ka master | basic shiksha news | updatemarts | uptet news | basic shiksha parishad
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    Saturday, 2 June 2018

    10768 एलटी ग्रेड शिक्षक भर्ती 2018 : भर्ती में योग्यता का मानक ‘याची’, बाकी अयोग्य? भर्ती पर लगे सवालिया निशान

    10768 एलटी ग्रेड शिक्षक भर्ती 2018 : भर्ती में योग्यता का मानक ‘याची’, बाकी अयोग्य? भर्ती पर लगे सवालिया निशान

    इलाहाबाद : एलटी ग्रेड शिक्षक भर्ती 2018 में नए सिरे से आवेदन की व्यवस्था ने ऐसे तमाम अभ्यर्थियों को परीक्षा से पहले ही ‘फेल’ कर दिया है जिन्होंने 2016 में तो आवेदन किया था लेकिन, उम्र के तकाजे ने इस बार उनके सामने बैरियर लगा दिया। दूसरा यह भी कि उप्र लोकसेवा आयोग से निर्धारित अर्हता और विभिन्न याचिकाओं पर हाईकोर्ट के निर्देश के अनुपालन में योग्यता का मानक ही ‘याची’ तय कर दिया गया है। ऐसे अभ्यर्थी भटक रहे हैं और आयोग से लेकर सरकार तक में उनकी सुनवाई नहीं हो रही है।

    राजकीय माध्यमिक कालेजों में एलटी ग्रेड शिक्षकों के 9342 रिक्त पदों भर्ती के लिए 2016 में शिक्षा निदेशालय ने ऑनलाइन आवेदन लिए थे। करीब पांच लाख आवेदन होने के बाद यह परीक्षा रद कर दी गई थी। इसके बाद एलटी ग्रेड शिक्षक भर्ती 2018 की जिम्मेदारी राज्य सरकार की ओर से उप्र लोकसेवा आयोग को दी गई। इसमें 10768 रिक्त पदों पर भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन मांगे गए। हंिदूी, कला और कंप्यूटर विषय में अर्हता को लेकर कई अभ्यर्थियों ने आपत्ति जताई और इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की। इनके अलावा उन अभ्यर्थियों ने भी याचिका दाखिल की जिन्होंने 2016 में आवेदन किया था लेकिन, आयोग से हो रही परीक्षा में आयु की गणना के अनुसार वे 40 साल की अधिकतम आयु सीमा को पार कर गए। इन सभी याचिकाओं पर हाईकोर्ट ने याचियों को परीक्षा में शामिल करने के लिए आयोग को निर्देश दिया। जिसका अनुपालन करते हुए आयोग ने सभी याचियों के चार जून से आवेदन के लिए विज्ञापन भी जारी कर दिया है। इलाहाबाद के शिवकुटी निवासी दीपेंद्र बहादुर सिंह समेत अन्य ने इस व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए हैं। कहा है कि उन्होंने भी 2016 की परीक्षा में आवेदन किया था, इस बार आयु सीमा अधिक बताकर उन्हें वंचित किया जा रहा है। राज्य सरकार भी इस मामले में चुप है। कहा कि नए विज्ञापन में उन सभी अभ्यर्थियों को शामिल होने का मौका दिया जाना चाहिए था जिन्होंने 2016 में आवेदन किया था, क्योंकि यह भर्ती सरकार ने ही रद की थी, यही तर्क संगत और न्याय संगत भी है।