हनुमानजी सुंदर काण्ड सस्वर पाठ, पूजन विधि विधान,कर मांगा प्राथमिक शिक्षक भर्ती पूरा करने का आशीर्वाद, शिक्षा निदेशालय परिसर में 12460 शिक्षक भर्ती के अभ्यर्थियों ने अनूठे अंदाज में किया प्रदर्शन - primary ka master | basic shiksha news | updatemarts | uptet news | basic shiksha parishad
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    Sunday, 3 June 2018

    हनुमानजी सुंदर काण्ड सस्वर पाठ, पूजन विधि विधान,कर मांगा प्राथमिक शिक्षक भर्ती पूरा करने का आशीर्वाद, शिक्षा निदेशालय परिसर में 12460 शिक्षक भर्ती के अभ्यर्थियों ने अनूठे अंदाज में किया प्रदर्शन

    हनुमानजी सुंदर काण्ड सस्वर पाठ, पूजन विधि विधान,कर मांगा प्राथमिक शिक्षक भर्ती पूरा करने का आशीर्वाद, शिक्षा निदेशालय परिसर में 12460 शिक्षक भर्ती के अभ्यर्थियों ने अनूठे अंदाज में किया प्रदर्शन

    इलाहाबाद : पिछले दिनों लखनऊ में बीएड-टीईटी मोर्चा के अभ्यर्थियों ने उग्र प्रदर्शन करके हक मांगा तो बदले में उन्हें लाठियां मिलीं। वहीं, शनिवार को शिक्षा निदेशालय परिसर में 12460 शिक्षक भर्ती के अभ्यर्थियों ने अनूठे अंदाज में प्रदर्शन करके सभी पदों पर नियुक्तियां करने की मांग भगवान हनुमान से की। सुंदरकांड का सस्वर पाठ हुआ, विधि-विधान से पूजन के बाद अभ्यर्थियों ने अफसरों को भी प्रसाद दिया।
    बेसिक शिक्षा परिषद के प्राथमिक स्कूलों में 12460 सहायक अध्यापक भर्ती का विज्ञापन दिसंबर 2016 में जारी हुआ। पहली काउंसिलिंग के बाद प्रदेश सरकार ने उस पर रोक लगा दी थी। हाईकोर्ट ने यह भर्ती पूरा करने का आदेश दिया। बेसिक शिक्षा के अफसरों ने इसे नहीं माना तो प्रकरण मुख्यमंत्री तक पहुंचा। सीएम के निर्देश पर 11 अप्रैल को शासनादेश जारी हुआ और एक मई को नियुक्ति पत्र जिलों में बांटे गए। यह भर्ती प्रदेश के 51 जिलों में ही हो रही है। हाईकोर्ट ने दूसरे जिले के अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र देने पर रोक लगा रखी है। अफसरों ने मानें तो एक मई को करीब चार हजार से अधिक अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र दिए गए, आठ हजार को नियुक्ति पत्र देने का प्रकरण जिलों में लंबित है। भर्ती शुरू होने और 68500 सहायक अध्यापक भर्ती की लिखित परीक्षा सकुशल होने की खुशी में अभ्यर्थियों ने अलग अंदाज में प्रदर्शन किया। बेसिक शिक्षा परिषद मुख्यालय के सामने पार्क में करीब चार घंटे तक पूजन चला। परिषद सचिव व एससीईआरटी निदेशक संजय सिन्हा आदि को बुलाकर प्रसाद बांटा गया। नमामि गंगे के नाम पर स्मृति चिन्ह बनवाकर परिषद सचिव को भेंट किया। यह आयोजन खासा चर्चा में रहा।