HCL FOUNDATION WORK IN PRIMARY SCHOOL : Primary Ka Master : अब सरकारी स्कूलों में भी दिखेगा एचसीएल का हुनर, फाउंडेशन ने 20 स्कूलों के आधुनिकीकरण का उठाया बीड़ा - primary ka master | basic shiksha news | updatemarts | uptet news | basic shiksha parishad
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    Sunday, 3 June 2018

    HCL FOUNDATION WORK IN PRIMARY SCHOOL : Primary Ka Master : अब सरकारी स्कूलों में भी दिखेगा एचसीएल का हुनर, फाउंडेशन ने 20 स्कूलों के आधुनिकीकरण का उठाया बीड़ा

    HCL FOUNDATION WORK IN PRIMARY SCHOOL : Primary Ka Master : अब सरकारी स्कूलों में भी दिखेगा एचसीएल का हुनर, फाउंडेशन ने 20 स्कूलों के आधुनिकीकरण का उठाया बीड़ा

    लखनऊ : निजी स्कूलों की तर्ज पर अब सरकारी स्कूल के बच्चे भी अपने व्यक्तित्व में निखार ला सकेंगे। क्वालिटेटिव व डिजिटल एजुकेशन प्लेटफार्म के जरिये उनके भविष्य को नया आयाम देने की शुरुआत हो चुकी है। शिक्षा के क्षेत्र में इस व्यापक सुधार की दिशा में यह पहल की है एचसीएल फाउंडेशन ने चकगजरिया स्थित एचसीएल सिटी में शनिवार को एचसीएल फाउंडेशन व जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी के बीच मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग (एमओयू) हुआ। सोशल कॉरपोरेट रिसपांसबिलिटी के तहत एचसीएल फाउंडेशन ने माई स्कूल प्रोजेक्ट में फिलहाल राजधानी के 15 बेसिक व पांच माध्यमिक स्कूलों को चुना है। एचसीएल फाउंडेशन ने जिला प्रशासन की मदद से इन स्कूलों की दिशा व दशा सुधारने के लिए एक साल का समय मांगा है। एमओयू के तहत अगले पांच से छह वर्षो के दौरान योजना के माध्यम से स्कूल क्लासेज में लाइब्रेरी, खेल के मैदान, विज्ञान प्रयोगशालाओं में सुधार की जिम्मेदारी एचसीएल ने उठाने का निर्णय लिया है।

    एचसीएल फाउंडेशन के डायरेक्टर, सीएसआर हेड निधि पुंधीर ने इस योजना के तहत एचसीएल फाउंडेशन के बारे में जानकारी दी। इस अवसर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी प्रवीण मणि त्रिपाठी, सांसद प्रतिनिधि दिवाकर त्रिपाठी, नीरज सिंह तथा एचसीएल टेक्नोलॉजीज के ऋषि कुमार समेत जिले के सभी एबीएसए व संबंधित स्कूलों के प्रधानाध्यापक मौजूद रहे।

    जिलाधिकारी बोले, सराहनीय है यह पहल

    इस मौके पर मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा ने कहा कि आरटीई के तहत कई हजार ऐसे स्कूली बच्चों के आवेदन आए हैं, जिनके घर के पास सरकारी स्कूल हैं, मगर अभिभावक उन्हें वहां न पढ़ाकर निजी स्कूलों में पढ़ाना चाहते हैं। अभिभावक यह मान चुके हैं निजी स्कूल ही अच्छे हैं। जबकि सरकारी स्कूलों में भी योग्य शिक्षक हैं, बावजूद इसके परिणाम अच्छे नहीं दिखते।

    इन पर होगा प्रयास

    ’ फिजिकल इंफ्रास्ट्रक्चर एंड फैसिलिटी

    ’ स्टूडेंट परफॉर्मेस

    ’लीडरशिप व स्कूल मैनेजमेंट

    ’ कम्युनिटी इंगेजमेंट।

    हर हाल में लाना होगा बदलाव

    डीएम ने एबीएसए व हेड मास्टर से कहा कि सबका मकसद बच्चों को बेहतर शिक्षा मुहैया करा अभिभावकों की अपेक्षाओं पर खरा उतरना है। ऐसा न होने पर स्पष्ट है कि विभाग अपने मकसद से भटका हुआ है। हमारे इसी मकसद को पूरा करने के लिए ही एचसीएल ने यह पहल की है।