UP Primary Teacher Interdistrict Transfer 2018 प्रदेश में 11963 बेसिक शिक्षकों के हुए अंतर्जनपदीय तबादले: मुख्यमंत्री ने किया ऑनलाइन अंतर जिला स्थानांतरण प्रक्रिया का शुभारंभ, प्रक्रिया 30 तक पूरी करने का निर्देश

लखनऊ : बेसिक शिक्षा परिषद के स्कूलों के 11963 शिक्षकों की आखिरकार एक साल के लंबे इंतजार के बाद पसंदीदा जिलों में तबादले की मुराद पूरी हो गई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को सचिवालय एनेक्सी स्थित अपने कार्यालय में परिषदीय स्कूलों के शिक्षकों की ऑनलाइन अंतर जिला तबादला प्रक्रिया का शुभारंभ किया। स्थानांतरित किये गए शिक्षकों में से 8918 प्राथमिक विद्यालयों के सहायक अध्यापक हैं, जबकि 3045 प्राथमिक विद्यालयों के प्रधानाध्यापक व उच्च प्राथमिक विद्यालयों के सहायक अध्यापक हैं। मुख्यमंत्री ने स्थानांतरण की प्रक्रिया हर हाल में 30 जून तक पूरी करने का निर्देश दिया है। कहा कि जून के बाद कोई भी ट्रांसफर-पोस्टिंग नहीं होनी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को सचेत किया कि छुट्टी, ट्रांसफर पोस्टिंग आदि के लिए शिक्षकों का धनदोहन कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ऐसी शिकायतें मिलने पर जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध कठोरतम कार्रवाई की जाएगी।

इन जिलों से नहीं स्थानांतरित किये गए शिक्षक : भदोही, प्रतापगढ़, कानपुर नगर, इटावा, सुलतानपुर के प्राथमिक विद्यालयों में तैनात किसी शिक्षक का तबादला नहीं किया गया है। वहीं चंदौली, मुजफ्फरनगर, संभल, रायबरेली, महराजगंज, सिद्धार्थनगर, औरैया, सीतापुर, पीलीभीत, हरदोई, कुशीनगर, बदायूं, श्रवस्ती, कासगंज, गोंडा, बहराइच, बलरामपुर, सोनभद्र, शाहजहांपुर व लखीमपुर खीरी के उच्च प्राथमिक विद्यालयों में तैनात शिक्षक भी अन्यत्र नहीं भेजे गए हैं। वजह यह है कि इन स्कूलों में शिक्षकों के 15 फीसद से ज्यादा पद खाली हैं। इनके अलावा प्रदेश के आठ एस्पिरेशनल जिलों-सिद्धार्थनगर, श्रवस्ती, बहराइच, सोनभद्र, चंदौली, फतेहपुर, चित्रकूट, बलरामपुर से भी किसी शिक्षक को अन्य जिले में स्थानांतरित नहीं किया गया है। इन जिलों में जाने के इच्छुक शिक्षकों का तबादला करने का निर्णय लिया गया है।

इतने पद थे उपलब्ध : अंतर जिला तबादले के लिए प्राथमिक विद्यालयों में सहायक अध्यापकों के 40766 तथा प्रधानाध्यापक प्राथमिक विद्यालय व सहायक अध्यापक उच्च प्राथमिक विद्यालय के 6719 पद उपलब्ध थे।

वेटेज अंक के आधार पर हुए तबादले : शासनादेश में दी गई व्यवस्था के अनुसार दिव्यांग/असाध्य/गम्भीर बीमारी/महिला अध्यापकों को उनकी सेवा के प्रत्येक पूर्ण वर्ष के लिए वेटेज अंक प्रदान किये गए। वेटेज अंक के आधार पर शिक्षकों की सूची सार्वजनिक की गई।


 
Top