नए सत्र में फिर से गरीब बच्चों पर होगा सरकारी मशीनरी का सितम, न किताबों का इंतजाम और न की गई ड्रेस वितरण की तैयारी : बाराबंकी

बाराबंकी : माध्यमिक स्कूलों में शिक्षकों की कमीं को दूर करने के लिए 23 सेवानिवृत्त शिक्षकों व 11 सेवानिवृत्त प्रवक्ताओं को मानदेय पर रखा गया है। यह शिक्षक व प्रवक्ता नए सत्र में विभिन्न स्कूलों में छात्र, छात्रओं को शिक्षण कार्य कराएंगे। जिला विद्यालय निरीक्षक राजकुमार ने बताया कि सेवानिवृत्त शिक्षकों व प्रवक्ता सहायता प्राप्त स्कूलों से सेवानिवृत्त हुए थे। उनकों माध्यमिक विद्यालयों में लगाया गया है। 15 हजार सहायक अध्यापकों व व 20 हजार प्रवक्ता को मिलेगा। जबतक कि कोई नई अध्यापकों की नियुक्ति नहीं होती है। तबतक यह सेवानिवृत्त शिक्षक व प्रवक्ता कॉलेजों में पढ़ाएंगे अथवा शैक्षिक सत्र 20 मई तक इन्हें रखा जायेगा।

संवादसूत्र, बाराबंकी : जिला प्रशासन की लापरवाही से एक बार फिर जिले में परिषदीय विद्यालयों के बच्चों पर सितम होगा। सोमवार से स्कूल खुलने वाले हैं, लेकिन शिक्षा विभाग में बच्चों की गुणवत्ता सुधार, ड्रेस वितरण, किताबों का वितरण आदि सुविधाएं पर चुप्पी साधे हुए है। कक्षा एक से कक्षा पांच तक सितंबर में किताबें देने की उम्मीद है। आधी अधूरी तैयारियों के बीच स्कूल खुल जाएंगे। 1जिले में 2202 प्राथमिक विद्यालय हैं और 932 पूर्व माध्यमिक विद्यालयों में तीन लाख 55 हजार बच्चे हैं। इसमें से कक्षा पांच तक सितंबर तक किताबें और अक्टूबर तक ड्रेस वितरित होना बताया जा रहा है। अभी सिर्फ कक्षा आठ की ही अंग्रेजी, गणित, विज्ञान, संस्कृत, हंिदूी आदि विषय की पुस्तकें विद्यालयों में आ चुकी है, जो स्कूल खुलते ही वितरित होंगी।पूर्व माध्यमिक विद्यालय कुर्सी के परिसर में भरा बारिश का पानी।

संवादसूत्र, बाराबंकी: शहर के राजकीय इंटर कॉलेज में चार जुलाई को प्रधानाचार्यों की कार्यशाला आयोजित होगी। इसमें शैक्षिक पंचाग से लेकर छात्रों की बेहतर पढ़ाई कैसे हो इस पर ¨बदुवार चर्चा होगी। डीआइओएस राजकुमार ने बताया कि शैक्षिक वर्ष 2018-19 में शैक्षिक गतिविधियों में शैक्षिक पंचाग, पढ़ाई, लिखाई, शिक्षक डायरी, प्रयोगशाला, पुस्तकालय, खेल सामग्री, परिसर की साफ सफाई, अध्यापकों की उपस्थित, छात्रों को गृह कार्य देना, कापियों की जांच करना, समय से विद्यालय संचालन करना, प्रार्थना आदि पर चर्चा की जाएगी। उन्होने बताया कि विद्यालय के वित्तीय एवं प्रशासनिक अभिलेखों के रखरखाव एवं उसके प्रबंधन पर विचार किया जाएगा। बैठक में सभी विद्यालयों के प्रधानाचार्य प्रतिभाग करेंगे। अभिभावक अध्यापक एसोसिएशन की विनियमावली 1986 में दी गई व्यवस्था के अनुसार कार्यकारिणी के कर्तव्य एवं अधिकार पर विचार किया जाएगा। शैक्षिक सत्र 2018-19 में शैक्षिक गुणवत्ता में सुधार के लिए राजकीय विद्यालयों के त्रैमास का ऑन लाइन श्रेणीकरण पर विचार किया जाएगा। बैठक जीआइसी के चंद्रशेखर आजाद सभागार में आयोजित होगी।नए सत्र में मानदेय पर विभिन्न स्कूलों में शिक्षण कार्य कराएंगे सेवानिवृत्त शिक्षक और प्रवक्ता

ड्रेस सिर्फ एक और कक्षा छह को : 
जिले में तीन लाख 55 हजार बच्चों को दो-दो ड्रेस के लिए प्रस्ताव शासन को भेजा था। सरकार ने ड्रेस के लिए बजट जिले को भेज दिया है। ड्रेस सिलाने का कार्य जुलाई में ही शुरू हो जाएगा। फिलहाल अभी कक्षा एक और कक्षा छह वाले नए बच्चों को ही ड्रेस दी जाएगी।

बिना सफाई के खुलेंगे स्कूल : परिषदीय विद्यालयों के भवनों में फैली गंदगी, दीवारों पर लगे जाले भी साफ नहीं हुए हैं। विद्यालयों की रंगाई और पुताई भी बजट के अभाव में नहीं हुई हैं। इस गंदगी के बीच दो जुलाई को स्कूल खुलेंगे। इसके अलावा विद्यालयों में चटाई, बाल्टी, लोटा, बर्तन, चाक, डस्टर तथा स्टेशनरी का बजट न मिलने से यह व्यवस्था भी नहीं होगी।

पानी से भरे स्कूल : 
सोमवार को स्कूलों के पट खुलेंगे। स्कूली बच्चों को पहले दिन ही अव्यवस्था से गुजरना होगा। हुई बारिश से विद्यालय और आंगनबाड़ी केंद्र में पानी भर गया।180 विद्यालय में अंग्रेजी के पढ़ाई1जिले के 80 परिषदीय विद्यालय को इंग्लिश मीडियम बनाया गया है। यहां बच्चों को अंग्रेजी माध्यम पढ़ाई की जाएगी। 1158 विद्यालयों में फर्नीचर1जिले के कक्षा छह से कक्षा आठ तक के 158 विद्यालयों में फर्नीचर के लिए शासन से बजट मुहैया हो चुका है। अब इन विद्यालयों के बच्चे सीटों पर बैठकर पढ़ाई करेंगे।

घर बुलाने जाएंगे अध्यापक :
प्रभारी बीएसए आलोक कुमार सिंह ने बताया कि ऐसे बच्चे जो स्कूल कम आ रहे या नहीं आ रहे हैं, उन्हें बुलाने के लिए प्रतिदिन अध्यापक घर-घर जाएंगे। जिसके निर्देश जारी हो चुकी है। साथ ही कमजोर बच्चों का हर महीने चिन्हांकन कर उन्हें विशेष शिक्षा दी जाएगी।

 
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