Reservation in Promotion Supreme Court Latest News : प्रमोशन में आरक्षण की ताजाखबरें : प्रोन्नति में आरक्षण पर सुप्रीम कोर्ट तीन अगस्त को करेगा सुनवाई: एससी/एसटी प्रोन्नति में आरक्षण का मामला, केंद्र की नागराज फैसले पर पुनर्विचार की मांग - primary ka master | basic shiksha news | updatemarts | uptet news | basic shiksha parishad up
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    Thursday, 12 July 2018

    Reservation in Promotion Supreme Court Latest News : प्रमोशन में आरक्षण की ताजाखबरें : प्रोन्नति में आरक्षण पर सुप्रीम कोर्ट तीन अगस्त को करेगा सुनवाई: एससी/एसटी प्रोन्नति में आरक्षण का मामला, केंद्र की नागराज फैसले पर पुनर्विचार की मांग

    Reservation in Promotion Supreme Court Latest News : प्रमोशन में आरक्षण की ताजाखबरें : प्रोन्नति में आरक्षण पर सुप्रीम कोर्ट तीन अगस्त को करेगा सुनवाई: एससी/एसटी प्रोन्नति में आरक्षण का मामला, केंद्र की नागराज फैसले पर पुनर्विचार की मांग

    नई दिल्ली: एससी/एसटी को प्रोन्नति में आरक्षण मामले पर सुप्रीम कोर्ट तीन अगस्त से सुनवाई करेगा। पांच न्यायाधीशों की संविधान पीठ देखेगी कि 2006 के एम. नागराज फैसले पर पुनर्विचार की जरूरत है कि नहीं। हालांकि कोर्ट ने बुधवार को इस मामले में कोई अंतरिम आदेश नहीं दिया है जिसका मतलब है कि संविधान पीठ में सुनवाई होने तक पूर्व व्यवस्था ही लागू रहेगी। यानी पिछड़ेपन के आंकड़े जुटाने के बाद ही इस पर कदम आगे बढ़ सकता है।1आंकड़े न होने से रद हुए सरकारों के आदेश : एम नागराज के फैसले में पांच न्यायाधीशों की पीठ ने कहा था कि एससी/एसटी को प्रोन्नति में आरक्षण देने से पहले सरकारों को उनके अपर्याप्त प्रतिनिधित्व और पिछड़ेपन के आंकड़े जुटाने होंगे। 1इस फैसले के आधार पर सुप्रीम कोर्ट और विभिन्न हाई कोर्ट से कई फैसले आए, जिसमें पर्याप्त आंकड़े न होने के आधार पर राज्य सरकारों के प्रोन्नति में आरक्षण के नियम कानूनों को रद कर दिया गया है। कई राज्यों की अपीलें सुप्रीम कोर्ट में लंबित हैं। इसी बीच गत वर्ष 23 अगस्त को दिल्ली हाई कोर्ट ने केंद्र सरकार का डीओपीटी का केंद्रीय कर्मियों को प्रोन्नति में आरक्षण देने वाला आदेश रद कर दिया था। इसके खिलाफ केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में अपील कर रखी है।

    केंद्र बोला, नागराज फैसले पर हो पुनर्विचार
    केंद्र की ओर से पेश अटार्नी जनरल केके वेणुगोपाल ने उनकी दलील का समर्थन करते हुए कहा कि एम नागराज मामले पर पुनर्विचार होना चाहिए। कोर्ट जल्दी ही 7 जजों की पीठ का गठन करे, जो एम नागराज फैसले पर पुनर्विचार करे। वहीं आरक्षण का विरोध करने वालों की ओर से पेश वकील शेखर नाफड़े ने कहा कि नागराज के फैसले पर पुनर्विचार की जरूरत नहीं है। इन दलीलों पर मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि वह पहले ही मामला विचार के लिए पांच न्यायाधीशों की पीठ को भेज चुके हैं। पांच न्यायाधीशों की पीठ देखेगी कि नागराज के फैसले पर पुनर्विचार की जरूरत है कि नहीं। अगर पांच न्यायाधीशों की पीठ को फैसले पर पुनर्विचार की जरूरत लगती है तब सात न्यायाधीशों की पीठ का गठन किया जाएगा।

    सभी याचिकाएं मुख्य मामले के साथ होंगी संलग्न
    मुख्य न्यायाधीश दीपक मिश्र, एएम खानविलकर व न्यायमूर्ति डीवाई चंद्रचूड़ की पीठ ने बुधवार को एससी/एसटी को प्रोन्नति में आरक्षण से जुड़ी याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान कहा कि फिलहाल संविधान पीठ विभिन्न मामलों की सुनवाई कर रही है। कोर्ट ने मौजूदा याचिकाओं को भी मुख्य मामले के साथ सुनवाई के लिए संलग्न करने का आदेश देते हुए केस को तीन अगस्त को 2 बजे सुनवाई के लिए लगाने का आदेश दिया। इससे पहले एससी/एसटी को प्रोन्नति में आरक्षण का विरोध कर रहे वकील राजीव धवन ने कहा कि गत 15 नवंबर को सुप्रीम कोर्ट ने संविधान पीठ में सुनवाई का आदेश दिया था, उसके बाद से पीठों द्वारा अलग-अलग आदेश देने से भ्रम की स्थिति पैदा हो गई है।