महा हड़ताल : मिशन पुरानी पेंशन हेतु 25, 26,27 पूर्ण तालाबंदी के टेट प्राथमिक शिक्षक एसोसिएशन का समर्थन का किया ऐलान - primary ka master | basic shiksha news | updatemarts | uptet news | basic shiksha parishad
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    Tuesday, 23 October 2018

    महा हड़ताल : मिशन पुरानी पेंशन हेतु 25, 26,27 पूर्ण तालाबंदी के टेट प्राथमिक शिक्षक एसोसिएशन का समर्थन का किया ऐलान

    महा हड़ताल  : मिशन पुरानी पेंशन हेतु 25, 26,27 पूर्ण तालाबंदी के टेट प्राथमिक शिक्षक एसोसिएशन का समर्थन का किया ऐलान



    हम बचपन से सुनते आए है कि एकता में शक्ति होती है अब इसकी मिसाल पेश करने का समय आ चुका है। मैं पहले भी कहता रहा हूँ आज भी कह रहा हूँ कि हमे झंडे नही बल्कि उदेश्य पर ध्यान देना होगा। *आज पेंशन की लड़ाई पूरे जोर पर है अगर अब पूरे जोर से प्रयाश कर दिया गया तो निश्चित ही प्रयाश सफल हो जाएगा* पेंशन के लिए किए जा रहे हर उस प्रयाश का समर्थन होना चाहिए जो सार्थक दिशा में हो।
        पेंशन की लड़ाई तो काफी दिन से चल रही है पर आगामी दिनों में होने वाले *2 आयोजन की सफलता पेंशन की लड़ाई के मील के पत्थर साबित होंगे।*
    *1- महा हड़ताल*
    *2- सांसदों के घर पर धरना।*
    आइये समझते है कि दोनों आयोजन क्यो महत्वपूर्ण है-
    👉 अभी तक पेंशन की लड़ाई के लिए धरने होते रहे है जिले से ले कर दिल्ली तक सरकारों को पता है कि इस तरह के धरने तो होते रहते है इसलिए सरकारों ने लखनऊ में तथा दिल्ली में अलग से धरने स्थल ही बना रखे है कि आइये मंच लगाइए अपनी बात कहिये फ़ोटो खीचिए ग्रुप पर डालिये शाम को ज्ञापन दीजिये और घर जाइये इससे सरकार को कोई दिक्कत नही होती धरने स्थल के लिए फोर्स लगा दी जाती है और एक अधिकारी ज्ञापन के लिए भेज दिया जाता है सरकार को ऐसे धरनों से कोई फर्क नही पड़ता क्योकि उसे की दिक्कत नही हुई उसके सारे काम चलते ही रहे। आप आये दिन लखनऊ और दिल्ली के जन्तर मंतर पर धरने की खबर सुनते होंगे कुछ सेकेंड की न्यूज़ आती है फिर एक कमेटी गठित कर दी जाती है लोग भी पिकनिक मना कर घर चले आते है कितने धरने के परिणाम निकले *लोकपाल से ले कर अभी तक किसान के आंदोलन के बीच 2 सरकारें रही और 5 साल बीते पर एक का भी परिणाम नही निकल।*

    👉इसे और अच्छे से समझिए *मान लीजिए आप की पत्नी आपसे नाराज है पर वो सुबह की चाय भी दे रही है नास्ता भी दे रही है कपड़े भी दे रही है बच्चों को स्कूल भी भेज रही है शाम को बढ़िया से खाना भी खिला रही है और आप से प्रेम से बात भी कर रही है बस आपका कोई उपहार नही ले रही तो उसकी नाराजगी की चिंता कौन करेगा पर जरा सोचिए एक सुबह आप की चाय न मिले नास्ता न मिले पत्नी बोले हम कुछ नह करेंगे बच्चे आपके भी आप ही स्कूल भेजो तब क्या होगा आप उसी दिन CL लेंगे और दिन भर में हर हाल में पत्नी जी को मनाएंगे मेरे ख्याल से हड़ताल की उपयोगिता आप समझ चुके होंगे*।
        अब बात करते है अगले आयोजन की वो है *सांसद आवास पर उपवास* मित्रो सरकारे आम आदमी की सुने न सुने अपने सांसदों की जरूर सुनती है जरा सोचिये जब *सांसद के क्षेत्र के ही 500 लोग उनके दरवाजे पर उपवास करेंगे और बोलेंगे की पेंशन नही तो वोट नही तब सांसद जी को अपनी कुर्सी हिलती नजर आएगी और तुरंत अपनी पार्टी के मुखिया को काल करेंगे कि नेता जी ये तो हमारे सारे मुखिया जिनके दम पर हम जीतते है वो हमारे दरवाजे पर है इनके बिना चुनाव नही जीत सकते तब तो हड़कंप मचेगा*💪💪💪
    मित्रों ये दोनों ही आयोजन बहुत ही मत्वपूर्ण है अगर आप पेंशन की लड़ाई में वेतन कटने के डर से डर गए तो फिर आपके बस का नही है लड़ना कोई भी लड़ाई हो डर के साथ नही जीती जा सकती।
    *तो आइए अपने भविष्य के लिए हड़ताल को सफल बनाये* ये हम सब की जिम्मेदारी है कि हड़ताल पूरी तरह सफल हो आपको पता होना चाहिए *सरकार भी कर्मचारी ही चलाते हैं*।🤝🤝🤝
    25, 26,27 पूर्ण तालाबंदी होनी ही चाहिए।
                  आपका अनुज
                 🙏विवेकानंद🙏
         *टेट प्राथमिक शिक्षक एसोसिएशन*