परिषदीय विद्यालयों में प्रधानाध्यापक के पद नही होंगे खत्म,यह होगी प्रक्रिया Head Teachers, Vacancy - primary ka master | basic shiksha news | updatemarts | uptet news | basic shiksha parishad
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    Thursday, 25 October 2018

    परिषदीय विद्यालयों में प्रधानाध्यापक के पद नही होंगे खत्म,यह होगी प्रक्रिया Head Teachers, Vacancy

    परिषदीय विद्यालयों में प्रधानाध्यापक के पद नही होंगे खत्म,यह होगी प्रक्रिया Head Teachers, Vacancy

    राज्य ब्यूरो, प्रयागराज : बेसिक शिक्षा परिषद के प्राथमिक व उच्च प्राथमिक स्कूलों में प्रधानाध्यापक के पद खत्म नहीं होंगे। जिन विद्यालयों में प्रधानाध्यापक नियुक्त नहीं है, वहां सबसे वरिष्ठ शिक्षक को कार्यवाहक का दायित्व सौंपा जाएगा। बेसिक शिक्षा परिषद की पिछले दिनों लखनऊ में हुई बैठक में यह निर्णय लिया गया है। यह भी संकेत है कि परिषद सचिव रूबी सिंह जल्द ही बेसिक शिक्षा अधिकारियों को इस संबंध में निर्देश भी जारी करेंगी।1प्रदेश के डेढ़ लाख से अधिक परिषदीय स्कूलों में कुछ महीने पहले ही परिषद ने आरटीई 2009 के तहत पदों का निर्धारण किया है। इसके तहत प्राथमिक स्कूल में 150 व उच्च प्राथमिक में 100 से कम छात्र संख्या पर प्रधानाध्यापक न होने का सुझाव दिया गया। 
    परिषद ने आरटीई के मानक पर मौजूदा छात्र संख्या के आधार पर शिक्षकों का पद निर्धारण कर दिया है, उसी समय तत्कालीन परिषद सचिव संजय सिन्हा ने आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया था कि किसी स्कूल में प्रधानाध्यापक का पद खत्म नहीं हुआ है और न ही छात्र संख्या के आधार पर किसी को हटाया जा रहा है। 1यह प्रकरण पिछले दिनों परिषद की बैठक में भी प्रमुखता से उठा। अफसरों ने स्पष्ट किया कि प्रदेश सरकार आरटीई के सुझाव पर शिक्षकों का ही पद निर्धारण कर चुकी है, प्रधानाध्यापक के मामले में निर्णय यथावत है। हर स्कूल में प्रधानाध्यापक रहेगा, इसके बिना स्कूल की व्यवस्था संचालित होना संभव नहीं है। यह जरूर है कि जहां पर प्राथमिक व उच्च प्राथमिक एक ही परिसर में होंगे वहां उच्च प्राथमिक का प्रधानाध्यापक दोनों विद्यालयों का अगुआ होगा। उसी परिसर के प्राथमिक स्कूल का प्रधानाध्यापक अपनी जिम्मेदारी का निवर्हन करता रहेगा। 
    सचिव रूबी सिंह ने बताया कि पद निर्धारण के बाद प्रधानाध्यापकों को लेकर शिक्षक गुमराह हुए हैं, इसलिए बीएसए को इस संबंध में निर्देश भेजे जाएंगे। सरकार अपने निर्णय पर अडिग है। आरटीई का इस मामले में सुझाव नहीं माना जा रहा है।