एनपीएस NPS and Tax (national pension system) में 50000 की कैसे पाएं एक्स्ट्रा टैक्स छूट - primary ka master | basic shiksha news | updatemarts | uptet news | basic shiksha parishad
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    Tuesday, 29 January 2019

    एनपीएस NPS and Tax (national pension system) में 50000 की कैसे पाएं एक्स्ट्रा टैक्स छूट

    एनपीएस NPS and Tax (national pension system) में 50000 की कैसे पाएं एक्स्ट्रा टैक्स छूट


    नेशनल पेंशन सिस्टम या NPS भविष्य में पेंशन का इंतजाम करता है तो वर्तमान में टैक्स भी बचाता है। सरकार ने इस scheme को बढ़ावा देने के लिए कई तरह के टैक्स छूट दी है। हालांकि NPS का मिलने वाली टैक्स छूट सिर्फ Tier-1 Account पर ही मिलती है। NPS के टियर-2 अकाउंट पर tax deduction सिर्फ केंद्र सरकार के employees को मिलती है।


    आप जानते ही होंगे कि एनपीएस अकाउंट दो तरह के होते हैं, टियर-1 और टियर-2। इसमें से पहले वाले account  के बाद ही दूसरा account खुलवा सकते हैं। पहले अकाउंट में कई तरह के बंधन हैं लेकिन टैक्स छूट भी मिलती है। जबकि टियर-2 अकाउंट में बंधन नहीं हैं लेकिन टैक्स छूट भी नहीं है। Tier-2 Account से आप कभी भी पैसा निकाल सकते हैं।

     

    पूरा लेख एक नजर में

    ● NPS टैक्स बचत की बड़ी बातें
    ● NPS पर टैक्स छूट
    ● NPS की निकासी पर Tax Exemption
    ● टियर-2 खाते पर टैक्स

    NPS टैक्स बचत की बड़ी बातें -


    यह स्कीम सेक्शन 80C के तहत टैक्स छूट देती है। ये छूट, पीपीएफ और ELSS को मिलने वाली टैक्स छूट की तरह है ।


    अगर आपका नियोक्ता आपके एनपीएस खाते में पैसा जमा करता है तो उस पर भी टैक्स छूट मिलेगी। इसे आपकी taxable income में नहीं जोड़ा जाएगा। EPF scheme में भी इसी तरह की छूट मिलती है।


    पीपीएफ, ईपीएफ, ELSS के मुकाबले NPS और ज्यादा टैक्स बचाने का मौका देता है। इस स्कीम में पैसा लगाकर आप 50 हजार के extra investment पर टैक्स छूट पा सकते हैं। सेक्शन 80सी के तहत 1.5 लाख तक के निवेश पर tax deduction मिलता है। लेकिन अगर आप एनपीएस में निवेश करते हैं तो पचास हजार रुपए की अतिरिक्त टैक्स छूट मिल जाएगी।


    60 साल की उम्र के बाद आप अपने NPS टियर-1 अकाउंट से 60% तक रकम निकाल सकते हैं। इस निकासी पर टैक्स नहीं लगेगा। बाकी बचे हुए पैसे को पेंशन प्लान (Annuity Plan) में लगाना होगा।


    एन्यूटी स्कीम आपके आजीवन पेंशन देती हैं। इस पर टैक्स स्लैब के हिसाब से टैक्स लगेगा।


    अगर जरूरत पड़ती है तो आप NPS में जमा पैसे का 25% तक निकाल सकते हैं। इस निकासी पर कोई टैक्स नहीं लगेगा।


     NPS पर टैक्स छूट

    NPS पर तीन तरह से टैक्स छूट मिलती है। तीनों तरह के टैक्स छूट को अलग-अलग सेक्शन में रखा गया है।

    1. NPS Scheme में पैसा जमा करने पर छूट- section 80CCD(1)

    पीपीएफ और ELSS की ही तरह इस स्कीम में पैसा लगाने पर आप टैक्स छूट के हकदार होते हैं। ये छूट इनकम टैक्स एक्ट के सेक्शन 80CCD(1) के तहत दी जाती है। आप जितना भी पैसा इस स्कीम में लगाते हैं उसे आपकी टैक्सेबल इनकम से घटा दिया जाता है। ध्यान रहे के कि फिलहाल सेक्शन 80सी के तहत अधिकतम 1.5 लाख के investment पर टैक्स छूट मिले रही है।

    सैलरी का 10%

    Salaried आदमी अगर अपनी Annual Salary का 10% तक स्कीम में लगाता है तो उसे टैक्स छूट मिलेगी। उससे ज्यादा के निवेश पर टैक्स छूट नहीं मिलेगी। ध्यान रहे कि सैलरी में DA भी शामिल होता है। वैसे ज्यादातर Employer एनपीएस में सैलरी का 10% ही जमा करते हैं।

    कमाई का 20%

    जो लोग नौकरी के जरिए पेंशन स्कीम में पैसा नहीं जमा करते हैं उन्हे ज्यादा टैक्स छूट मिलती है। ऐसे लोग अपनी कमाई का 20% तक एनपीएस में जमा करके टैक्स छूट पा सकते हैं। गैर-नौकरीपेशा लोगों को ये सुविधा इसलिए दी गई है क्योंकि उनके मामले में कोई Employer नहीं होता है इसलिए वो Employer के जरिए मिलने वाली 10% की टैक्स छूट नहीं ले पाते हैं। इस बारे में आगे मैंने विस्तार से बताया है।

    छूट की सीमा

    इस सेक्शन के तहत एनपीएस को मिलने वाली टैक्स छूट सेक्शन 80C की कुल छूट के अधीन होती है। जैसा कि आप जानते हैं कि सेक्शन 80C के तहत मिलने वाली तमाम छूटों की ऊपरी सीमा 1.5 लाख रुपए है। ये सीमा सभी तरह के निवेशों को मिलाकर है। इसलिए अगर आप सिर्फ NPS का Deduction क्लेम करते हैं तो सिर्फ 1.5 लाख तक के निवेश पर टैक्स छूट मिलेगी।

    2. Employer Contribution पर टैक्स छूट- Section 80 CCD (2)

    सभी सरकारी नौकरियों में सरकार अपनी ओर से NPS स्कीम  में कर्मचारी की सैलरी का 10% जमा करती है। कई प्राइवेट कंपनियां भी इसी तरह अपने कर्मचारियों के एनपीएस अकाउंट में पैसा डालती हैं। हालांकि वो इसे CTC सैलरी में जोड़ती भी हैं।

    नियोक्ता जो ये 10% का योगदान देता है इस पर कर्मचारी को कोई टैक्स नहीं देना होता है। भले ही ये रकम बाद में कर्मचारी के पास ही जाती है लेकिन इसे उसकी टैक्सेबल इनकम में जोड़ने की जरूरत नहीं है।

    सेक्शन 80CCD (2) के तहत इस योगदान को टैक्स छूट दी गई है। चूंकि अब केन्द्र सरकार ने अपने कर्मचारियों के NPS अकाउंट में योगदान को 10% से बढ़ाकर 14% कर दिया है इसलिए संभव है कि टैक्स छूट को भी 14% तक कर दिया जाए। अभी इसके बारे में सूचना नहीं है। फिलहाल इस नियम के बाद कर्मचारी की सैलरी के 20% तक जमा पर टैक्स छूट मिल जाती है।

    3. 50 हजार की अतिरिक्त टैक्स छूट- Section 80CCD (1B)

    NPS के जरिए आपको extra tax deduction पाने का मौका होता है। अगर आप NPS स्कीम में अपनी मर्जी से पैसा लगाते हो तो 50 हजार के अतिरिक्त NPS investment पर टैक्स छूट मिल जाएगी।

    एनपीएस निवेश में रकम को और बढ़ाने के लिए सरकार ने सेक्शन 80CCD (1B) में इस अतरिक्त छूट का प्रावधान किया है।
    ध्यान रहे के ये अतिरिक्त टैक्स छूट नौकरी के चलते होने वाली अनिवार्य कटौती पर नहीं मिलेगी। बल्कि उस कटौती के अलावा आप खुद से जो भी पैसा NPS में लगाएंगे उस पर टैक्स छूट मिलेगी।

    गैर-नौकरीपेशा लोगों के लिए इस सेक्शन का फायदा शुरू से है।
    इस छूट के लिए आपको इनकम टैक्स रिटर्न फॉर्म में अलग से भरना होगा। गौर से देखिएगा वहां एक अलग से कॉलम है।

    NPS की निकासी पर Tax Exemption

    अभी तक हमने जमा पर टैक्स छूट की चर्चा की है। लेकिन अब बात होगी एनपीएस के maturity amount withdrawal पर मिलने वाली टैक्स छूट के बारे में । NPS का पैसा आप 5 तरीकों से पा सकते हैं। सबके लिए टैक्स के नियम अलग हैं।

    60 साल की उम्र के बाद Lump-sum Amount


    60 साल की उम्र के बाद  Annuity Scheme के जरिए monthly pension


    मैच्योरिटी से पहले partial withdrawal


    वक्त से पहले NPS account बंद करने पर


    खाता धारक की मृत्यू पर


    1. Maturity पर टैक्स छूट

    60 साल की उम्र होने पर आपका NPS Account Mature हो जाता है। उसके बाद आप 60% तक की रकम एकमुश्त निकाल सकते हैं। बाकी बचे पैसों को Annuity Scheme में लगाना होता है। इस स्कीम से आपको हर महीने पेंशन मिल सकेगी।
    मैच्योरिटी के बाद आप जो 60% तक की रकम निकालेंगे उस पर कोई tax नहीं लगेगा। इस तरह से ये पूरी रकम tax-free होगी। 2019 से पहले सिर्फ 40% रकम को टैक्स छूट मिली हुई थी। लेकिन अब पीपीएफ, ईपीएफ की तरह इसकी maturity amount पर भी कोई टैक्स नहीं लगेगा।

    2. मासिक पेंशन पर टैक्स

    NPS स्कीम के तहत जो भी पैसा इकट्ठा होगा उसके 40% हिस्से को एन्यूटी स्कीम में लगाना जरूरी है। ये स्कीम हर महीने आपको पेंशन देगी। लेकिन हर महीने मिलने वाली इस पेंशन पर किसी तरह की स्पेशल टैक्स छूट नहीं है। बल्कि ये दूसरी तमाम पेंशन की तरह taxable होगी। आपके टैक्स स्लैब के हिसाब से इस पेंशन पर टैक्स देना होगा। चूंकि सीनियर सिटीजन को टैक्स में रियायत दी जाती है इसलिए आपकी पेंशन पर टैक्स तभी बनेगा जब पेंशन की रकम ज्यादा होगी। फिलहाल सीनियर सिटीजन को 3 लाख तक की आमदनी पर टैक्स नहींं देना होता है।

    3. आंशिक निकासी पर टैक्स छूट

    ईपीएफ की तरह, मैच्योरिटी से पहले भी आप NPS से आंशिक निकासी कर सकते हैं। ये पैसा तभी दिया जाएगा जब higher education, बच्चों की शादी, medical treatment या फिर घर खरीदने के लिए पैसे की जरूरत हो।

    इस partial withdrawal के लिए 25% की limit तय की गई है। यानी आप NPS corpus से केवल 25% तक रकम ही निकाल सकते हैं। और हां, ये 25% रकम भी आपके अपने contribution का हिस्सा होगी। नियोक्ता ने जो पैसा जमा किया है उसमें से कुछ भी नहीं मिलेगा।
    सरकार ने इस आंशिक निकासी को भी टैक्स छूट दी है। इनकम टैक्स एक्ट से सेक्शन 10 में क्लॉज 12B में इसका जिक्र है।

    4. वक्त से पहले खाता बंद हुआ तो

    अगर आप चाहें तो 60 साल की उम्र से पहले ही खाता बंद कर सकते हैं। लेकिन आपको कुल इकट्ठा रकम के 80% हिस्से को Annuity Scheme में लगाना होगा। बाकी 20% हिस्से को एकमुश्त निकाल सकते हो। इस 20% रकम पर भी कोई टैक्स नहीं लगेगा।

    5. खाताधारक की मृत्यू पर

    अगर NPS के खाताधारक की मौत हो जाती है तो उसके nominee को खाते का कुल पैसा निकालने का हक है। और सरकार इस पैसे पर कोई टैक्स नहीं लगाएगी। लेकिन अगर नॉमिनी Annuity Scheme में पैसा लगाता है तो हर महीने मिलने वाली पेंशन टैक्सेबल इनकम मानी जाएगी।

    टियर-2 खाते पर टैक्स

    NPS के टियर-2 खाते पर कोई रोक-टोक नहीं है। ये खाता किसी दूसरे म्यूचअल फंड स्कीम की तरह काम करता है। जब मन करे पैसा डालो और निकालो। इस अकाउंट के जरिए आपको बेहद सस्ती फंड मैनेजमेंट सर्विस मिल जाती है।
    इस बीच केन्द्र सरकार ने अपने कर्मचारियों को टियर-2 अकाउंट में भी टैक्स छूट दी है। कर्मचारी इस अकाउंट में पैसा लगाकर भी tax deduction claim कर सकेंगे। हालांकि अगर आप टैक्स छूट का फायदा लेते हैं तो टियर-2 अकाउंट में पैसे को कम से कम 3 साल रखना होगा। आपको पता ही होगा कि टैक्स सेविंग म्यूचुअल फंड में भी पैसा 3 साल के लिए लॉक हो जाता है।
    इस पोस्ट में हमने आपको NPS के tax treatment के बारे में सब कुछ बताया । अब ये स्कीम काफी आकर्षक हो गई है क्योंकि इसका टैक्स नियम ईपीएफ के टैक्स नियम जैसा हो गया है। इसलिए आप ईपीएफ या पीपीएफ के बजाय इसी स्कीम में पैसा लगाकर टैक्स बचा सकते हैं।