मानदेय बढाये जाने समेत अन्य मांगों को लेकर जिलों में आंगनबाड़ी महिलाओं का प्रदर्शन कल से होगा शुरू - primary ka master | basic shiksha news | updatemarts | uptet news | basic shiksha parishad
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    Monday, 4 February 2019

    मानदेय बढाये जाने समेत अन्य मांगों को लेकर जिलों में आंगनबाड़ी महिलाओं का प्रदर्शन कल से होगा शुरू

    मानदेय बढाये जाने समेत अन्य मांगों को लेकर जिलों में आंगनबाड़ी महिलाओं का प्रदर्शन कल से होगा शुरू




    लखनऊ (एसएनबी)। मानदेय बढ़ाये जाने समेत विभिन्न मांगों को लेकर प्रदेश भर की आंगनबाड़ी महिलाएं एवं सहायिकाएं एक बार फिर आंदोलन की राह अपनाने को विवश है। प्रदेशभर की लाखों महिलाएं पांच व छह फरवरी को जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन कर प्रदेश के मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंगेंगी। यह निर्णय रविवार को आंगनबाड़ी बचाओ संयुक्त संघर्ष मोर्चा से सम्बद्ध सभी यूनियनों के राज्य कमेटी सदस्यों की नरही स्थित लोहिया भवन में हुई बैठक में लिया गया। बैठक में इस बात को लेकर रोष जताया गया कि केन्द्र सरकार द्वारा पेश किये गये अनपूरक बजट में केन्द्र सरकार ने आंगनबाड़ी महिलाओं को कुछ नहीं दिया गया है। बैठक में मोर्चा के अध्यक्ष गिरीश पाण्डेय ने कहा कि आठ व नौ जनवरी की हड़ताल के सफल होने के लिए प्रदेशभर की आंगनबाड़ी महिलाएं बधाई की पात्र है लेकिन हमे अभी और कड़े संघर्षो के लिए तैयार होना पड़ेगा। 11 फरवरी को प्रदेश का बजट आने वाला है अपनी मांगों को बजट में शामिल करवाने के लिए हम सभी को संघर्ष तेज करना होगा। इसको लेकर 25 फरवरी को दिल्ली में प्रदर्शन किया जाएगा। इसी तरह पांच व छह फरवरी तक जिला स्तर पर डीपीओ कार्यालयों पर धरना देकर आईसीडीएम निदेशक को अपना मांगपत्र प्रदेश के मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौपेगी। बैठक में मोर्चा के संयोजक बीना पाण्डेय ने कहा कि जो आंगनबाड़ी महिलाएं वर्तमान समय में 43 से55 वर्ष की है सभी रिटायरमेंट की ओर बढ़ रही है उनके बारे में सरकार कुछ भी नहीं सोच रही है। हम प्रमोशन में आयुसीमा खत्म करने तथा पद पर शतप्रतिशत उनका प्रमोशन करने,आईसीडीएस विभाग पूरे प्रदेश में आंगनबाड़ी के लाभार्थियों को सीधे नकद पैसा हस्तांतररित करने की स्कीम ला रहा है नकदी हस्तांतरण का विरोध करते है। क्योंकि यदि यह लागू हुआ तो आंगनबाड़ी के न्द्रों की उपयोगिता समाप्त हो जाएगी । उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी केन्द्रों पर बच्चों की भरपूर मात्रा मात्रा जाती है और हमे इन बच्चों कोभी वर्दी जूता, मोजा स्वेटर किताबे, बस्ता मिलना चाहिए। बैठक में आंगनबाड़ी महिलाओं को बीमा योजना लागू होने के बावजूद भी प्रदेश में बीमा की सुविधा नहीं मिल पा रही है। इस लिए हमारी मांग है कि बीमे की आयु सीमा बढ़ाकर 65 वर्ष की जाए ना कि 59 वर्ष जो अभी लागू है। बैठक में संयोजक बीना गुप्ता, प्रदेश अध्यक्ष शोभा शर्मा, नीलम पाण्डेय, ऊषा शर्मा, चमन आरा समेत महिला आंगनबाड़ी की प्रदेश सचिव नीतू सिंह, इच्छा तोमर समेत तमाम विभिन्न संगठनों के पदाधिकारी व आंगनबाड़ी कार्यकत्री मौजूद थी।