बीटीसी भर्तियां और प्रशिक्षण जिला आवेदन बाध्यता (भाग 1 - भर्ती इतिहास) - AG - Primary Ka Master || UPTET, Basic Shiksha News, TET, UPTET News
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    Tuesday, 5 March 2019

    बीटीसी भर्तियां और प्रशिक्षण जिला आवेदन बाध्यता (भाग 1 - भर्ती इतिहास) - AG

    बीटीसी भर्तियां और प्रशिक्षण जिला आवेदन बाध्यता (भाग 1 - भर्ती इतिहास) - AG

    1) 17 मई 2010 - प्राइमरी शिक्षकों की कमी को देखते हुए 2004 के बाद बीटीसी में एडमिशन के लिए आवेदन आमंत्रित किये गए। चयन अकादमिक मेरिट आधारित था। कुल सीट्स में से आधी males के लिए आधी फीमेल्स के लिए। उनमें भी 50% आर्ट और 50% साइंस की। आवदेन जिस जनपद के मूल निवासी उसी जिले में प्रवेश के लिए आमंत्रित किये गए थे। बैच था 2010।

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    2) चूंकि ये मात्र बीटीसी प्रवेश के लिए था नियुक्ति के लिए नहीं इसलिए इसको किसी ने चैलेंज नहीं किया। हालांकि इससे पहले इस प्रकार की बाध्यता को कोर्ट रद्द कर चुकी थी पर वो बीएड एलटी के बाद ब्रिज कोर्स के लिए था और उससे नौकरी मिलनी थी इसलिए चैलेंज किया गया और जीत भी मिली। उसके बारे में विस्तृत विवरण पोस्ट कर चुके हैं स्क्रॉल करके देख सकते हैं। कहा यही जाता था बीटीसी मतलब नौकरी की गारंटी इसी गारंटी के चलते लोग लाखों के प्राइवेट पैकेज और तो और 4200 यहां तक कि 4600 ग्रेड पे को नौकरियां तक ठुकराकर बीटीसी में एडमिशन लेते थे।

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    3) 72825 भर्ती के बाद SBTC, BTC, UBTC के लिए काफी ज्ञापनों के बाद 9770(08.10.2012), 10800(26.04.2013) और 10000(15.10.2013) भर्तियां आई। NCTE 23.08.2010 गाइडलाइन्स से टेट पास को ही नियुक्त करने का आदेश हुआ था, टेट 2011 हुआ और बीटीसी 2010 बैच के लिए कोई समस्या नहीं हुई नौकरी पाने में। जिस 2010 BTCIAN ने टेट 2011(जिसे पास करना बाएं हाथ का खेल था) उत्तीर्ण कर लिया उनको इन भर्तियों में नौकरी मिल गयी। इन भर्तियों में भी आवेदन बस उसी जिले में करना था जहां से BTC की थी लेकिन पद अधिक थे और अभ्यर्थी कम। सबका होगया किसी ने इन भर्तियो को जिला बाध्यता को लेकर चैलेंज नहीं किया।

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    4) इन सब के बीच 2011 बैच में प्रवेश प्रक्रिया प्रारंभ हुई और दिसंबर 2011 से सत्र शुरू किया गया। मायावती सरकार ने भी जनवरी 2011 में शिक्षामित्रों की दूरस्थ बीटीसी कराने की अनुमति ले ली हालांकि समाज मे एक मिथक ठंडा मतलब कोका कोला की तरह चलन में था कि बीटीसी में नम्बर आना मतलब सरकारी नौकरी, इसलिए सब अपनी धुन में मस्त थे। हाई अकेडमिक मेरिट वालो को तो कहीं कोई मतलब ही नहीं था वो अपने गुरुर में रहते थे। किसी ने इस ओर ध्यान ही नहीं दिया। सरकार बदली अखिलेश भैया ने भी शिक्षामित्रों पर डोरे डाले बीटीसी को लेकर कोई ठोस नीति ही नहीं थी।

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    5) 2011 बैच में पहला सेमेस्टर ही 11 माह में जाकर पूर्ण हुआ कारण था प्राइवेट कॉलेजेस में एडमिशन लेट होना और सबको एक साथ लाने का असफल प्रयास। सबसे ज्यादा लेट लतीफी इसी बैच के साथ हुई। हालांकि अंत मे मई 2014 में बीटीसी प्रशिक्षण पूरा होगया और बीटीसी 2012 बैच भी साथ साथ तेजी से चल रहा था मतलब परीक्षा रिजल्ट आदि।

    *** 28.01.2014 - अखिलेश सरकार ने लोक सभा चुनाव से पूर्व शिक्षामित्रों पर डोरे डाल और उनके समायोजन करने का असवैधानिक निर्णय ले लिया इसके विरुद्ध विभिन्न याचिकाकाएँ दाखिल की गई। 72825 के समय से ही सहायक अध्यापकों के रिक्त पदों पर बीएड वालो की गिद्ध दृष्टि रही है उन्होंने भी शिक्षामित्रों के समायोजन के विरुद्ध याचिकाये फ़ाइल की***

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    6) लेकिन 2013 में आई भर्ती के बाद भी कोई भर्ती सरकार ने नहीं निकाली, बीटीसी की ओर सरकार का कोई ध्यान नहीं बस प्राइवेट कॉलेज खोलने पर जोर था भर्ती को लेकर नहीं। बीटीसी 2011 में बेचैनी शुरू हुई और धरने ज्ञापन का कार्यक्रम शुरू हुआ योगेश पांडे, अजय कुमार, अखिलेश, मनबहादुर जी आदि ने मोर्चा संभाला धरना हुआ, बीटीसी वालों ने पहली बार लाठियां खाई और 14.07.2014 को विशाल प्रदर्शन हुआ तथा सचिव ने 15000 भर्ती का प्रस्ताव शासन को भेजने का आश्वासन दिया।

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    7) सबसे अविश्वसनीय समाचारपत्र राष्ट्रीय सहारा में खबर आई सिंतबर 2014 में आवेदन और अक्टूबर में नियुक्ति पत्र बांटने की ताकि धरना टूट जाये। सितंबर आया कुछ नहीं हुआ फिर आंदोलन हुआ फिर आश्वासन। एच एल गुप्ता ने कहा हमारी तरफ से हां है पर NIC आवेदन लेने में अभी असमर्थ हैं। फिर आमरण अनशन हुआ जिसमें कई बीटीसी मरते मरते बचे।

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    8) 09.12.2014 - 15000 भर्ती का शासनादेश जारी। जनपदों के रिक्त पदों में भारी असमानता। बलरामपुर, सीतापुर जैसे जनपदों में 800 800 रिक्तियां वहीं कुछ में बस 10 यहां से जिला बाध्यता का ट्रेलर दिख रहा था।

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    9) 12-13.12.2014 - 15000 भर्ती का विज्ञापन जारी। जिस जिले से बीटीसी वहीं आवेदन की बाध्यता। सब हवा में कि अपने जिले में प्रथम काउंसलिंग में न हुआ तो द्वितीय में कहीं न कहीं हो जाएगा।

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    10) 05.03.2015 - आवेदन की अंतिम थी। 2012 बैच का रिजल्ट भी आगया उन्होंने भी फॉर्म भरा। एक ही भर्ती में 2 बैच आ रहे थे। इससे पहले बैच वरीयता हुआ करती थी जिसे मायावती ने खत्म कर दिया था। इसके विरुद्ध शैलेन्द्र प्रताप सिंह जालौन की बैच वरीयता बहाली की याचिका डाली गई जो अभी भी पेंडिंग है, हालांकि कोई कोर्ट बैच वरीयता बहाल नहीं करेगी इसलिए इस जिन को चिराग में ही रहने दिया जाए। बीटीसी को आपस मे खूब लड़ाया गया।

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    11) 16.04.2015 - काउंसलिंग का wait किया जा रहा था तभी देवेंद्र नारायण पांडे की याचिका से वेबसाइट दोबारा खोली गई और फिर से इनके साथ साथ बाकि लोगो ने मौके का फायदा उठाया और फॉर्म भरे। 30 अप्रैल अंतिम तिथि थी।(533/2015)

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    12) 14-25.05.2015 - काउंसलिंग कराने को लेकर लक्ष्मण मेला में धरना हुआ लेकिन असफल रहा।

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    13) 19.08.2015 - PNP से 2012 प्राइवेट के साथ विशिष्ट बीटीसी का भी रिजल्ट जारी कर दिया गया। 

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    14) एक नई याचिका(7406/2015) योजित हुई जिसमें AGE की कटऑफ डेट का मैटर उठाया गया। चाहते थे 1 जुलाई 2015 से आयु की गणना की जाए न कि 2014 से।

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    15) 31.08.2015 - संजू बाबा ने आदेश किया और साइट तिबारा 2 से 11.09.2015 के लिए खोली गई और विशिष्ट बीटीसी 2004, 2007 और 2008 के आवेदन लिए गए पीछे से 2012 प्राइवेट ने भी धड़ल्ले से फॉर्म भरे।

    ***12.09.2015 - शिक्षामित्रों का समायोजन इलाहबाद हाई कोर्ट ने निरस्त कर दिया।(WA- 34833/2014 आनंद कुमार यादव) इससे बीटीसी के दिन सुधरेंगे उम्मीद की जाने लगीं।***

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    16) कॉउंसीलिंग की कोई डेट आई नहीं थी लोग निदेशालय के चक्कर काट रहे थे और फिर decide हुई धरने की डेट फिर से संजू बाबा ने सहारा में खबर छपवाई की 30.09.2015 से कॉउंसीलिंग और 15.10.2015 तक नियुक्ति पत्र बांटे जाएंगे। धरना टूट गया। सब हवाबाजी कोई कॉउंसीलिंग नहीं हुई।

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    17) 06.10.2015 - निदेशालय में अंकुर त्रिपाठी और टीम ने ताला ठोक दिया। 250 btcians के खिलाफ तहरीर दी गयी। ऐसा उग्र प्रदर्शन बीटीसी के इतिहास में आज तक नहीं हुआ हम भी देख रहे हैं तब से। उसके बाद 10.10.2015 को कॉउंसीलिंग की समय सारणी आगयी। इसमें भी झोल। डाक्यूमेंट्स मान्य किये गए बस 05 मार्च 2015 तक के प्राइवेट 2012 बैच भर्ती से बाहर हो गया।

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    18) सुल्तानपुर के अनिल मौर्य और ध्रुवलाल फतेहपुर ने प्राइवेट 2012 को शामिल कराने के लिए याचिका दाखिल की।

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    19) 26.10.2015 - प्रथम कॉउंसीलिंग हो रही थी तभी दोपहर में सचिव का आदेश आ गया कि 2012 प्राइवेट को शामिल किया जाए। अनिल मौर्य की याचिका 59443/15 के कारण ऐसा हुआ था।

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    20) द्वितीय काउंसलिंग के लिए विज्ञपति जारी हुईं। बलरामपुर और बदायूं को छोड़कर कहीं भी सामान्य वर्ग के लिए पद नहीं थे। यहां से प्रशिक्षण जिला आवेदन बाध्यता का असली मर्म समझ आने लगा था। लड़कियां सबसे अधिक मुसीबतें भर रही थी कई लड़कियों और उनके रिश्तेदारों को होटल में रूम तक नहीं मिले बस स्टॉप और रेलवे स्टेशन्स पर रात बिताई नबम्बर की ठंड में। हजारों का हुजूम जनपदों में उमड़ रहा था। इसके बाद ही सामान्य btcian को समझ आया कि आरक्षण कितना बड़ा अभिशाप बनके सामने आया। आरक्षण रोस्टर के कारण सभी जनपदों में ओबीसी एससी को भी unreserved सीट्स पर लिया गया जिससे कहीं भी सीट्स नहीं बचीं एससी ओबीसी के पद खाली के खाली रहे कहीं जनपदों में।( प्रशिक्षण जिला आवेदन बाध्यता को कोर्ट में चैलेंज किया गया इसको अगली पोस्ट में कवर करेंगे)

    ***इसके बाद से जिनका अकेडमिक से नहीं हो रहा था उनको बीएड वालो की तरह टेट मेरिट रास्ता दिखाई देने लगी। कई btcians ने टेट मेरिट समर्थक बीएड के नेताओं को अपना आका बना लिया और बीटीसी की ओर से 15वां 16वां संशोधन चैलेंज हुआ**

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    21) 06.11.2015 - द्वितीय कॉउंसीलिंग सम्पन्न हुई। कम पदों वाले जिलों में कुछेक ओबीसी एससी को छोड़कर सब आरक्षण रोस्टर से सामान्य वर्ग के लिए पद न होने के कारण हाई मेरिट होते हुए भी बाहर। अपने जनपद में कम रिक्तियां आने से नुकसान बस जनरल को नहीं हुआ ओबसी एससी को भी बराबर हुआ क्योंकि लॉटरी सिस्टम बन गया।

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    22) यहां एक इंटरेस्टिंग घटना भी घटित हुई। नियुक्ति पत्र कहीं नहीं बंटे थे लेकिन आवेश विक्रम सिंह और अन्य ने सुलतानपुर BSA रमेश यादव पर दबाव बनाकर 296 नियुक्ति पत्र बंटवा दिए जिसमें बड़ी फजीहत हुई थी और सचिव के शोकॉज नोटिस के बाद रोक लगा दी गयी।

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    23) 14-28.12.2015 - संजू बाबा ने फिर आदेश किया और साइट चौथी बार खोली गई कारण बीएलएड वाले कोर्ट से उस भर्ती में आवेदन का आदेश करा लाये थे।(1205/2015)

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    24) 18.12.2015 - आशीष गोयल सचिव उप्र शासन ने 15000 भर्ती की सबसे बड़ी कमी कोई कटऑफ डेट न होने की समस्या का निदान करने के लिए GO जारी कर आवेदन के लिए समय सीमा बढ़ाते हुए अर्हता की अंतिम तिथि 15 जनवरी 2016 घोषित कर दी और सभी को फॉर्म भरने की छूट दे दी।

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    25) 11.01.2016 - संजू बाबा ने सभी डेटा मर्ज कर 1 फरवरी 2016 को कॉउंसीलिंग और 5 फरवरी को नियुक्ति पत्र देने के आदेश जारी किया।

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    26) 29.01.2016 - डेटा मर्ज से कई बाहर होने तय थे आशीष गोयल के आदेश के विरुद्ध महेंद्र प्रताप सिंह ने SS 326/2016 दाखिल की जिसके फलस्वरूप संजू बाबा ने भर्ती पर स्टे ऑर्डर कर दिया।

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    27) इसी बीच लगभग 19000 पद सृजित किये गए जिसमें 16448 सहायक अध्यापक के थे शेष उर्दू के लिए। बहुत जद्दोजहद की गई कि 15000 भर्ती में ये पद जोड़ दिए जाएं। परिषद कोर्ट चला गया कि क्या ऐसा करलें मतलब भर्ती में पद जोड़ दें लेकिन इस सब के बाद कोर्ट ने नए पद जोड़ने से मन कर उनको नई भर्ती से भरने और 15000 भर्ती की कटऑफ डेट 15.01.2016 ही decide करके भर्ती को आगे बढ़ाने का आदेश किया गया। कुछ सप्ताह बाद काउंसलिंग का कार्यक्रम जारी कर दिया गया 14.06.2016 प्रथम काउंसलिंग और 21.06.2016 द्वितीय कॉउंसीलिंग और 25 जून नियुक्ति पत्र। पुरानी कॉउंसीलिंग बेकार रह गईं।

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    28) 14.06.2016 - नवीन प्रथम कॉन्सेल्लिंग सम्पन्न हुई लेकिन कटऑफ निर्धारण में भारी गड़बड़ी हुई, जिसको देखते हुए 17.06.2016 को दोबारा काउंसलिंग कराने का आदेश हुआ। प्रशिक्षण जनपद से आवेदन बाध्यता के कारण मेरठ, गाजियाबाद, लखनऊ, कानपुर जैसे जनपदों में हाई मेरिट btcian भर्ती से बाहर। इन जनपदों को VIP जनपद कहा जाने लगा था।

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    29) 16.06.2016 - 15000 में नियुक्ति पत्र बंटे नहीं कि 16448 भर्ती करने का GO जारी। फिर से VIP जनपदों के हाथों निराशा, मेरठ में अनारक्षित 3 पद मिले, 5 भी नहीं और एक नया एक्सपेरिमेंट किया गया हापुड़, जालौन बागपत में 0 रिक्त पद दिए गए।

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    30) 21.06.2016 - 15000 भर्ती की द्वितीय कॉउंसीलिंग होनी थी लेकिन संजू बाबा ने आदेश किया कि बाहर के जनपद वालो को न लिया जाए उसी जनपद से आवेदन करने वालो की ही प्रथम कॉउंसीलिंग करवाई गई। समायोजन रद्द होने से शिक्षामित्रों को भी भर्ती में अवसर दिया जा रहा था। याचिकाएँ दाखिल की गयीं जो आज भी लंबित हैं।

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    31) 24.06.2016 - रिक्त पदों पर अन्य जनपद वालों की काउंसलिंग कराई गई। अनारक्षित पद कहीं नहीं बचे सब जनरल वर्ग भर्ती से बाहर। उम्मीद में कहीं कहीं गए जहां आरक्षण रोस्टर न लगाने कर कारण पद दिखाए गए लेकिन कॉउंसीलिंग कराने पहुंचने से पहले ही रास्ते मे ही संशोधित विज्ञप्तियां जारी होने लगी और जनरल की सीट्स 0 हो गयीं, ओबीसी एससी के लिए भी लॉटरी सिस्टम था। सही जगह decide करना ही मुश्किल। आलम ये कि दोस्त दोस्त को नहीं बता रहा कि काउंसलिंग के लिए कहां जा रहा अपने से कम गुणांक वालो से ही बातेँ साझा की जा रही थीं। जो सही जगह पहुंच गया उसका हो गया। सही जगह हाई मेरिट वाले के लिए भी चुनने में मुश्किल हो रहा था।

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    32) 25.06.2016 - 15000 भर्ती पूरी नहीं हुई पर 16448 की गाइडलाइन्स जारी। 6(ख) में डीएड, बीएलएड वालों को कहीं से भी आवेदन करने की छूट लेकिन एक डिस्ट्रिक्ट का btcian उनके अनुसार दूसरे डिस्ट्रिक्ट में एलियन था जो किसी और जनपद में प्रथम कॉउंसीलिंग के लिए आवेदन नहीं कर सकता था। हापुड़ जालौन और बागपत वाले 0 पद आने पर खुश क्योंकि उन्हें 25.06.2016 के क्लॉज़ 6(ख) द्वारा किसी भी मनपसंद जिले में आवेदन करने और उसी जनपद में प्रथम कॉउंसीलिंग का अवसर मिल रहा था।(इसके विरुद्ध भी याचिकाएं योजित हुईं उन्हें अगली पोस्ट में कवर करेंगे)

    ***आगरा के तिलकपाल जो 15000 भर्ती में प्रशिक्षण जिला वरीयता के खिलाफ थे, केस भी दाखिल किया था और फंड भी इकट्ठा किया था वो अब इसके बचाव में अशोक खरे को 5 लाख दे आये। कारण उनके जनपद आगरा में पदों की संख्या बढ़के आयी थी।***

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    33) 26-27.06.2016 - 16448 भर्ती की विज्ञप्तियां जारी

    28.06.2016 - 15000 भर्ती में नियुक्ति पत्र अधिकांश जगह जारी किए गए।

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    34) 29.06.2016 - कोर्ट के आदेश पर 15000 जोइनिंग पर रोक लगी।(बदायूं डीएड मैटर) 15000 वालों ने 16448 में भी आवेदन किया।

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    35) अंततः आदेश स्पष्ट होने पर जुलाई 2016 में जाकर 15000 भर्ती में जोइनिंग हुई।

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    36) 09.07.2016 - 16448 में आवेदन की अंतिम तिथि

    ***हापुड़ और गाजियाबाद का प्रशिक्षण, एक डाइट होने के कारण हापुड़ में ही होता था। गाजियाबाद वालों ने जो 15000 में बाहर हुए थे जिला वरीयता के कारण, हापुड़ से बीटीसी दिखाकर 16448 में आवेदन किया और कुछ अब भी इसी सहारे नौकरी पर हैं।***

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    37) 03.08.2016 - कॉउंसीलिंग की समय सारिणी जारी।

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    38) 14-16.08.2016 - प्रथम काउंसलिंग सम्पन्न। फिर से प्रशिक्षण जिला बाध्यता के चलते रिक्त पद इक्का दुक्का होने के कारण हाई मेरिट अपने ही जनपद से प्रथम काउंसलिंग में बाहर।

    24.08.2016 - द्वितीय काउंसलिंग सम्पन्न। यहां भी कई जनपदों में शिक्षामित्रों को बिना NOC के शामिल होने की हरी झंडी मिली जिस कारण पदों का समीकरण बिगड़ गया और जिस जनपद के लिए लोग सेकंड कॉउंसीलिंग के लिए निकले अधिकांश में वहां जाकर सूचना की जनरल के लिए रिक्त पद शून्य है। जहां 2 दिन पहले कई रिक्तियां दिखाई गई थी वहां अब संशोधित विज्ञप्तियां उनको ट्रेन में बस में कार में सोशल मीडिया के माध्यम से मिलने लगीं। ये खबरें किसी मृत्यु के शोक समाचार से रत्ती भर भी कम नहीं थीं। आलम ये कि अब व्यक्ति किसी और जनपद में जा भी नहीं सकता जहां पद शेष हों। इस कारण अधिकतर जनपदों से जिला बाध्यता से पीड़ित btcian बिना कॉउंसीलिंग कराए ही लौट आये क्योंकि दिख रहा था पद नहीं तो मेरिट में नाम आएगा ही कहाँ से। और अब कॉउंसीलिंग कराए तो दोबारा डाक्यूमेंट्स लेने जाओ, बेरोजगार वैसे ऊपर से इतनी दूर जाने का खर्च। लड़कियों के लिए और भी मुश्किल सब कुछ छोड़कर घरवाले उनके साथ जाते थे ऊपर से पड़ोसियों रिश्तेदारों के ताने जिन्हें 72825, 29334 में लगे उनके बीएड रिश्तेदार ही टैलेंट की खान नजर आते थे और बीटीसी वाले अचयनित चाहे कितनी मेरिट अच्छी हो उसको यही सुननेको मिलता मेरिट कम होगी या टेट पास न होगा। 5 5 बार के टेट सीटेट पास को भी ये ताने मिलते थे।

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    39) 26.08.2016 - 16448 में नियुक्ति पत्र जारी।

    (इन सभी के बीच टेट अकादमिक का केस जो चल रहा था - SA 657/2015 दीपक शर्मा - उसका निस्तारण 01.12.2016 हाई कोर्ट से हो गया और अकादमिक मेरिट 15वां 16वां संशोधन रद्द कर दिया गया जिससे सभी अकादमिक भर्तियां सुप्रीम कोर्ट पर निर्भर हो गयीं)

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    40) 15.12.2016 - 12460 भर्ती का शासनादेश जारी। इस बार 24 जनपदों में शून्य पद रिक्त जिसके कारण जिला वरीयता समर्थकों में हड़कंप था वहीं कुछ जिला बाध्यता से पीड़ित जनपदो में अभी भी कम पद थे जिससे ये अभिशाप 12460 में भी अपनी छाप छोड़ने के लिए तैयार बैठा था।

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    41) 21-22.12.2016 - 12460 विज्ञप्ति प्रकाशित

    26.12.2016 सचिव ने गाइडलाइन्स जारी की जिसमें 24 जनपदों में जहां शून्य रिक्त पद थे उन्हें हापुड़ जालौन बागपत की तरह छूट दी गयी।

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    42) 09.01.2017 - आवेदन की अंतिम तिथि

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    43) 19.01.2017 - संशोधन की अंतिम तिथि।

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    44) 18-21.03.2017 - प्रथम काउंसलिंग उसी जनपद में आवेदन करने वालो के लिए सम्पन्न।(कई जगहों पर जिला वरीयता को लेकर हंगामा, हाथरस में कॉउंसीलिंग तक रोकी गयी। अपना चयन सुनिश्चित करने के लिए कई लोगो ने एक से अधिक जिलों में आवेदन किया उनको जेल भेजे जाने की और कूटने की धमकियां सोशल मेद्य के द्वारा दी गयीं। जबकि मल्टीपल वालो को 16448 भर्ती में कुछ नहीं बिगड़ पाया अब भी नौकरी कर रहे हैं।)

    ***2013 बैच की यह पहली भर्ती थी और 2013 से बीटीसी में एडमिशन के लिए मूल जनपद से आवेदन की बाध्यता समाप्त की जा चुकी थी साथ ही पासिंग मार्क्स में अंतर था और डिवीज़न की जगह ग्रेडिंग सिस्टम लागू किया गया था। जिसके चलते 2013 बैच के अधिकतर btcians को T और P में 12 12 गुणांक मिल जा रहे थे और 2012 बैच के btcian भर्ती से बाहर हो रहे थे। सभी को मिल रहे 12-12 गुणांक को रोकने के लिए 2012 बैच की ओर से याचिका दाखिल की गई जिसे शार्ट में ग्रेडिंग केस कहा गया।***

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    45) 23.03.2017 - भाजपा सरकार प्रदेश में बनी और आते ही अखिलेश के कार्यकाल में हुई भर्तियों की समीक्षा की बात कही। मुख्य सचिव के मौखिक आदेश पर सचिव से सभी भर्तियों पर अग्रिम आदेश तक रोक लगादी। इस आदेश के विरुद्ध 30577/2017 दाखिल की गयी।

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    46) 16.05.2017 - बीटीसी बैच 12 और 13 में डिवीज़न से गुणांक निर्धारण में विसंगति को लेकर योजित याचिका 3293/2017 ज्ञान चन्द्र के कारण रिफिक्सइंग का ऑर्डर हुआ और तब तक के लिए भर्ती प्रक्रिया को रोक दिया गया। (इसके विरुद्ध अपील 365/2017 दाखिल की गई जो अभी पेंडिंग है, 30.01.2018 को सुनवाई है)

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    47) 25.07.2017 - सुप्रीम कोर्ट से शिक्षामित्रों के समायोजन निरस्त करने पर मोहर (CA 9529/2017) साथ ही 15-16वां संशोधन बहाल टेट मेरिट खारिज लेकिन जो कोर्ट के आदेश से टेट मेरिट से लगे उनको नहीं निकाला गया।(CA 4347/2017)

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    48) 03.11.2017 - 23 मार्च 2017 सचिव का भर्ती रोकने का आदेश हाई कोर्ट से निरस्त (WA 27870/2017 नीरज कुमार पांडे, 30557/2017) सरकार इस ऑर्डर के विरुद्ध खंडपीठ में अपील कर चुकी है याचिका पेंडिंग है।

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    49) 09.11.2017 - 1981 नियमावली में 20वां संशोधन, सहायक अध्यापक भर्ती अब भर्ती परीक्षा से कराने को लेकर संशोधन किया गया।

    (भर्ती परीक्षा के प्रतिशत का 60% + 40% अकादमिक गुणांक) + शिक्षामित्रों को अधिकतम 25 अंक का भारांक के लिए परिशिष्ट में संशोधन

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    50) 09.01.2018 - 68500 भर्ती का शासनादेश और भर्ती परीक्षा की गाइडलाइंस जारी

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    17.01.2018 - भर्ती परीक्षा के लिए निर्देश जारी।

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    23.01.2018 - 68500 भर्ती के लिए परीक्षा का विज्ञापन जारी(PNP)

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    25.01.2018 - आवेदन के लिए वेबसाइट प्रारम्भ

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    05.02.2018 - आवेदन की अंतिम तिथि।

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    51) 31.01.2018 - 25 जुलाई 2017 के 15 16वां संशोधन अकादमिक व शिक्षामित्रों के समायोजन को लेकर सुप्रीम कोर्ट के आदेश के विरुद्ध दाखिल रिव्यु पेटिशन्स खारिज।(RP 2116/17, 2829/17 व अन्य)

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    52) 02.02.2018 - 12460 में refixing के विरुद्ध दाखिल अपील SPLAD 365/2017 का आर्डर रिजर्व्ड।

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    लखनऊ हाई कोर्ट द्वारा टेट 2017 में 15 प्रश्नों पर आपत्ति को लेकर याचियों को 68500 में 12 फरवरी 2018 तक आवेदन देने का आदेश।(SS 28222/2017)

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    ~AG

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    PS:- फैक्ट्स में कोई त्रुटि हो या कुछ ऐड कराना हो तो हमको इनबॉक्स कीजिये। आने वाले BTCIANS(DELEDIANS) को भी ज्ञात पड़ जाए कि BTC करना क्या वाकई नौकरी की गारंटी है। अगला भाग जल्द ही पोस्ट करेंगे।