आगामी डिग्री शिक्षक भर्ती प्रक्रिया की शुरुआत से पहले दूसरे विशेषज्ञों के चयन पर विचार विमर्श करेगा यूपीएचईएससी, भर्ती परीक्षा में प्रश्नों का गलत चयन करने वाले विशेषज्ञ होंगे बाहर - प्राइमरी का मास्टर - UPTET | Primary Ka Master | Basic Shiksha News | Shiksha Mitra News
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    Friday, 26 April 2019

    आगामी डिग्री शिक्षक भर्ती प्रक्रिया की शुरुआत से पहले दूसरे विशेषज्ञों के चयन पर विचार विमर्श करेगा यूपीएचईएससी, भर्ती परीक्षा में प्रश्नों का गलत चयन करने वाले विशेषज्ञ होंगे बाहर

    आगामी डिग्री शिक्षक भर्ती प्रक्रिया की शुरुआत से पहले दूसरे विशेषज्ञों के चयन पर विचार विमर्श करेगा यूपीएचईएससी, भर्ती परीक्षा में प्रश्नों का गलत चयन करने वाले विशेषज्ञ होंगे बाहर


    प्रयागराज : उप्र उच्चतर शिक्षा सेवा चयन आयोग (यूपीएचईएससी) से अब भविष्य में होने वाली परीक्षाओं में उन विशेषज्ञों से काम नहीं लिया जाएगा जिनकी बदौलत असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती परीक्षा की प्रश्नावली में व्यापक गड़बड़ी हुई। आगामी भर्ती प्रक्रिया की शुरुआत से पहले दूसरे विशेषज्ञों के चयन पर विचार विमर्श होने लगा है। विज्ञापन संख्या 47 के तहत हुई परीक्षा के लगभग सभी विषयों में जिस प्रकार चार हजार से अधिक आपत्तियां दर्ज हुईं और उसके अनुसार गलतियां भी पाई जा रही हैं। दोबारा ऐसी नौबत से बचने के लिए यूपीएचईएससी सजग हो गया है।
    यूपीएचईएससी ने असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती की लिखित परीक्षा अपने बलबूते पहली बार कराई है। इससे पहले कानपुर यूनिवर्सिटी के माध्यम से विज्ञापन संख्या 46 के तहत लिखित परीक्षा कराई गई थी। दिसंबर और जनवरी में तीन चरण में लिखित परीक्षा 35 विषयों में असिस्टेंट प्रोफेसरों के 1150 पदों पर भर्ती के लिए कराई गई थी।

    परीक्षा के दिन से ही प्रश्नों के चयन पर अभ्यर्थियों की जो आपत्ति उठी तो यूपीएचईएससी की ओर से पिछले दिनों जारी संशोधित उत्तरकुंजी में उसे मानते हुए प्रश्नों को रद किया गया। यहां तक कि एक प्रश्न के तीन उत्तर विकल्प भी सही माने गए। 16 विषयों में आपत्ति लेने और उसे निस्तारित करने की प्रक्रिया अभी चल रही है।

    इस फजीहत से बचने के लिए यूपीएचईएससी में नए विशेषज्ञों की तलाश पर मंथन शुरू हो गया है। असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती की आगामी परीक्षा अब तक की सर्वाधिक रिक्तियों के लिए होने के आसार हैं। इसलिए प्रश्नपत्र तैयार करने की जिम्मेदारी भी नए विशेषज्ञों को दी जाएगी। सचिव वंदना त्रिपाठी का कहना है कि विशेषज्ञों का चयन यूपीएचईएससी के अध्यक्ष और सदस्यों का बोर्ड करता है। बदलाव का निर्णय भी बोर्ड को ही करना है। लेकिन, इतना तय है कि जिन विशेषज्ञों ने प्रश्नों के चयन में व्यापक गड़बड़ी की है उनसे अब भविष्य में किसी भी परीक्षा के लिए काम नहीं लिया जाएगा।

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