बेसिक विद्यालयों में अब मिड-डे मील में नहीं हो सकेगा गोलमाल, स्कूलों में मध्यान्ह भोजन करने वाले छात्रों के रोजाना होंगे हस्ताक्षर - primary ka master | basic shiksha news | updatemarts | uptet news | basic shiksha parishad
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    Thursday, 4 April 2019

    बेसिक विद्यालयों में अब मिड-डे मील में नहीं हो सकेगा गोलमाल, स्कूलों में मध्यान्ह भोजन करने वाले छात्रों के रोजाना होंगे हस्ताक्षर

    बेसिक विद्यालयों में अब मिड-डे मील में नहीं हो सकेगा गोलमाल, स्कूलों में मध्यान्ह भोजन करने वाले छात्रों के रोजाना होंगे हस्ताक्षर



    परिषदीय स्कूलों में उपस्थिति रजिस्टर पर छात्रों की संख्या अधिक दर्शाकर एमडीएम योजना में हो रहे गोलमाल पर लगाम लगने वाली है। अब स्कूलों में मध्यान्ह भोजन करने वाले छात्रों का अलग से एमडीएम रजिस्टर बनाया जाएगा। इसपर रोजाना छात्रों के हस्ताक्षर कराए जाएंगे। यही नहीं अधिकारी भी समय समय पर इसका निरीक्षण करेंगे। इसको लेकर बीएसए ने जिले के सभी बीईओ को निर्देश जारी किए हैं। अधिकारियों की माने तो यह प्रक्रिया नए शैक्षिक सत्र से स्कूलों में शुरू हो गई है। .

    बेसिक शिक्षा परिषद से संचालित परिषदीय स्कूलों में पढ़ने वाले छात्रों को सर्व शिक्षा अभियान के तहत कई योजनाओं का लाभ दिया जा रहा है। इनमें बैग, यूनीफार्म, जूता मोजा, पुस्तकें आदि शामिल हैं। यही नहीं छात्रों को एमडीएम योजना के तहत दोपहर का भोजन भी स्कूल में ही दिया जाता है। इससे लिए शासन स्तर से प्रत्येक स्कूल को बजट भी दिया जात है। पूरनपुर बीआरसी क्षेत्र की बात करें तो यहां 325 प्राथमिक और 142 उच्च प्राथमिक स्कूल हैं। .

    बताया जाता है कि एमडीएम योजना में अधिकांश स्कूलों के शिक्षक काफी गोलमाल करते हैं। नामांकन रजिस्टर पर छात्रों की संख्या अधिक दर्शा दी जाती है। कई स्कूलों में तो बिना भोजन दिए ही अधिकारियों को एमडीएम बनने की रिपोर्ट भेज दी जाती है। हालांकि शिक्षकों की इस कार्यप्रणाली पर अब रोक लगने की उम्मीद जताई जा रही है। शासन के निर्देशानुसार अब सभी परिषदीय स्कूलों में एमडीएम योजना का अलग से रजिस्टर बनाया जाएगा। इसमें छात्रों के रोजाना हस्ताक्षर कराए जाएंगे। इस निर्देश को जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी देवेंद्र स्वरूप से जिले के सभी बीईओ के लिए अग्रसारित किया है। हालांकि एमडीएम योजना के तहत भोजन लेने वाले छात्रों के हस्ताक्षर होने से हो रहे गोलमाल पर लगाम लगने की बात कही जा रही है। .