School,Education Quality : परिषदीय स्कूलों के शैक्षिक स्तर का होगा मूल्यांकन, बेसिक शिक्षा विभाग हाल ही में संपन्न हुई सत्र 2018-19 की वार्षिक परीक्षा के रिजल्ट का करेगा विश्लेषण - Primary Ka Master || UPTET, Basic Shiksha News, TET, UPTET News
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    Wednesday, 22 May 2019

    School,Education Quality : परिषदीय स्कूलों के शैक्षिक स्तर का होगा मूल्यांकन, बेसिक शिक्षा विभाग हाल ही में संपन्न हुई सत्र 2018-19 की वार्षिक परीक्षा के रिजल्ट का करेगा विश्लेषण

    School,Education Quality : परिषदीय स्कूलों के शैक्षिक स्तर का होगा मूल्यांकन, बेसिक शिक्षा विभाग हाल ही में संपन्न हुई सत्र 2018-19 की वार्षिक परीक्षा के रिजल्ट का करेगा विश्लेषण


    लखनऊ : परिषदीय स्कूलों के बच्चों के सीखने-समझने के स्तर को सुधारने के मकसद से बेसिक शिक्षा विभाग हाल ही में संपन्न हुई सत्र 2018-19 की वार्षिक परीक्षा के रिजल्ट का विश्लेषण करेगा। इससे यह पता चल सकेगा कि छात्रों के प्रदर्शन के आधार पर किन स्कूलों ने बेहतर प्रदर्शन किया है। परिषदीय विद्यालयों के प्रदर्शन के आधार पर यह भी जाना जा सकेगा कि बेसिक शिक्षा में कौन से जिले उम्दा हैं और कौन पिछड़े।
    प्रदेश में 1.12 लाख प्राथमिक स्कूल और 46 हजार उच्च प्राथमिक स्कूल बेसिक शिक्षा परिषद द्वारा संचालित हैं। इसके अलावा 23 हजार उच्च प्राथमिक विद्यालय परिषद से मान्यताप्राप्त और संबद्ध हैं। परिषदीय प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्कूलों में लाखों की संख्या में शिक्षक तैनात हैं। बावजूद इसके विभिन्न सरकारी व गैर सरकारी संगठनों की ओर से किये गए सर्वेक्षण अध्ययनों में परिषदीय विद्यालयों के बच्चों के सीखने-समझने का स्तर निराशाजनक है। इसलिए विभाग ने हाल ही में संपन्न हुई परीक्षा के आधार पर बच्चों और स्कूलों के शैक्षिक सत्र का मूल्यांकन करने का मन बनाया है। इससे पहले राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) ने सत्र 2015-16 की वार्षिक परीक्षा के आधार पर छात्रों, स्कूलों और जिलों के शैक्षिक स्तर का मूल्यांकन किया था।
    पिछले दो वर्षों के दौरान बच्चों के सीखने-समझने के स्तर को सुधारने पर बेसिक शिक्षा विभाग का फोकस रहा है। इसी क्रम में विभाग यह कवायद करने जा रहा है। निदेशक बेसिक शिक्षा डॉ.सर्वेंद्र विक्रम बहादुर सिंह ने बताया कि इससे हमें यह पता चलेगा कि 2015-16 की तुलना में 2018-19 में शैक्षिक स्तर में कुछ सुधार हुआ या नहीं। सुधार हुआ तो कितना। इसकी तुलना राष्ट्रीय उपलब्धि सर्वेक्षण के नतीजों से भी की जा सकेगी।



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