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    Saturday, 15 June 2019

    25 जून से स्कूल खोलने का स्वागत ! पर 41 दिन की छुट्टियों का ढोंग बंद कर,प्राथमिक शिक्षकों को EL दे यूपी सरकार,

    25 जून से स्कूल खोलने का स्वागत ! पर 41 दिन की छुट्टियों का ढोंग बंद कर,प्राथमिक शिक्षकों को EL दे यूपी सरकार

    मैं 25 जून से स्कूल खुलने का स्वागत करता हूँ और समस्त शिक्षक भी चाहते है कि बेसिक शिक्षा में सुधार हो, उसके लिए हर शिक्षक सब कुछ करने को तैयार है। समाज मे एक मानसिकता फैली है कि, शिक्षक पढ़ाना ही नही चाहते तो, जरा सोच कर बताइये की 25 को स्कूल किसलिए खुल रहा है पढ़ाने के लिए?

    बस यही कारण है सुधार न होने का । ग्राम प्रधान समिति का अध्यक्ष है, विद्यालय की देखरेख उसकी जिम्मेदारी है । सफाईकर्मी है सफाई उसकी जिम्मेदारी है पर, हर बात शिक्षक पर ही क्यो थोप दी जाती है ?

    खोलिए स्कूल 25 से नही 20 जून से ही पर साफ सफाई के लिए नही अभिभावक संपर्क के लिए खोलिए, स्कूल चलो अभियान के लिए खोलिए, नामांकन के लिए खोलिए पर नही, स्कूल इसलिए खोलना है कि शिक्षक घर बैठा दिख रहा है।

    अरे हम भी नही चाहते 40 दिन की अनचाही छुट्टी हर किसी की आंख में खटकती है ये छुट्टी और शिक्षक पूरी गर्मी जबरजस्ती छुट्टी बिताता है।

    बंद करिये ये छुट्टी चलाइये  20 मई से 20 जून तक
    ● समर कैम्प चलाइये
    ● नामांकन अभियान
    ● चलाइये बुजुर्गों को शिक्षित करने का अभियान
    ● चलाइये सरकारी योजनाओं को बताने का अभियान कराये
    ● smc गठन करिये
    ● ट्रेनिंग करिये
    ● अभिभावक मीटिंग करिये 
    ● स्वस्थ परीक्षण

    जितने भी ये बाधक कार्य है । सब करवा लीजिए इन 40 दिनों में हम तैयार है औए हमे भी दे दीजिए 35 EL हम भी आवश्यकता होनेे पर लें लेंगे । हम भी खुश, आप भी खुश और समाज भी खुश।

    पर ये तरीका गलत है 40 छुट्टी का ढकोसला पर कभी भी बुलवा लेते है। हमे भी दीजिये 35 EL जरूरत होगी तो लेंगे, नही लेंगे तो पैसा तो मिल जाएगा।

           कभी कभी तो लगता है कि सारे प्रोग्राम व्यवस्था सुधारने के लिए नही, शिक्षक को नकारा घोषित करने के लिए है।

        माननीय मुख्यमंत्री जी पूरा शिक्षक समाज आपके साथ, आपके उस मिशन के साथ हैै, जिसमे आप शिक्षा को सुधारना चाहते है पर, कुछ सुझाव उन शिक्षको के भी लीजिए जिन्हें ये सब करना है । जब तक उनके विचार नही लेंगे, योजनाएँ फलीभूत नहीं होंगी ।

    POST CREDIT  - आपका अनुज
                     विवेकानंद