बीएड डिग्री को प्राथमिक में शामिल करने से बढ़ेंगी यूपी के शिक्षामित्रों की मुश्किलें ? -primary ka master - प्राइमरी का मास्टर - UPTET | Primary Ka Master | Basic Shiksha News | Shiksha Mitra News
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    Wednesday, 12 June 2019

    बीएड डिग्री को प्राथमिक में शामिल करने से बढ़ेंगी यूपी के शिक्षामित्रों की मुश्किलें ? -primary ka master

    बीएड डिग्री को प्राथमिक में शामिल करने से बढ़ेंगी यूपी के शिक्षामित्रों की मुश्किलें ? -primary ka master



    यूपी की योगी सरकार ने कैबिनेट बैठक में सहायक अध्यापकों की भर्ती को लेकर एक महत्वपूर्ण फैसला लिया है. इसके तहत अब बीएड डिग्री धारक भी प्राइमरी शिक्षक बन सकेंगे. हालांकि ऐसे शिक्षकों को नियुक्ति के 2 साल के भीतर ही प्राथमिक शिक्षा का ब्रिज कोर्स करना होगा. लेकिन ऐसा माना जा रहा है कि इससे शिक्षामित्रों की परेशानी बढ़ने वाली है  ।


    दरअसल सुप्रीम कोर्ट ने फैसला दिया था कि यूपी के शिक्षा मित्र को दो लगातार भर्तियों के जरिए सहायक अध्यापक बनने का मौका दिया जाए. एक भर्ती पहले हो चुकी है. इस भर्ती पर भारी अनियमतिताओं की वजह से सीबीआई जांच चल रही है. वहीं दूसरी भर्ती की प्रक्रिया चल रही है. इस समय जो भर्ती चल रही है, उसमें कुल 69 हजार पदों को भरा जाना है. इसके लिए करीब 30 हजार शिक्षा मित्रों ने भी आवेदन किया है. यह शिक्षा मित्रों के लिए सहायक अध्यापक बन जाने का आखिरी मौका है.

    आवेदन के समय नहीं था प्रावधान

    इस भर्ती का आवेदन 5/12/2018 को निकाला गया था. तब इसमें सिर्फ B.Ed डिग्री धारकों के भी शिक्षक बन जाने का प्रावधान नहीं था. लेकिन सोमवार को लिया गया कैबिनेट का फैसला 28 जून 2018 से लागू किया गया है. अब इस परीक्षा में यूपी के करीब 4 लाख B.Ed डिग्री धारक भी शामिल हो जाएंगे. इसे लेकर शिक्षा मित्रों की जान सांसत में आ गई है.

    शिक्षा मित्रों की मुश्किलें

    यूपी में शिक्षा मित्रों के प्रतिनिधि रिजवान अंसारी कहते हैं कि योगी सरकार ने यह निर्णय जान-बूझकर हमारे रास्ते में रोड़ा अटकाने के लिए लिया है. रिजवान शिक्षा मित्रों के मामले में याचिकाकर्ता भी हैं. उन्होंने कहा कि शिक्षामित्रों को अध्यापक बनाए जाने की राह में कई रोड़े अटकाए गए हैं. पहले TET की बाध्यता लगाई गई तो फिर उसके बाद लिखित परीक्षा रखी गई. लिखित परीक्षा में हमारे साथ यह खेल हुआ कि पहले पास नंबर 67 ही रखे गए थे लेकिन बाद में इसे बढ़ाकर 97 कर दिया गया.

    रिजवान कहते हैं कि दरअसल सिर्फ B.Ed को भर्ती प्रक्रिया की अर्हता मानने को चुनौती देने वाली एक याचिका पहले से कोर्ट में चल रही है. सरकार इसमें खुद को घिरते देख अब ऐसा नियम लेकर आई है, जिससे सीधे B.Ed डिग्री धारकों को एंट्री दिलवाई जा सके. इससे शिक्षा मित्रों को सीधे तौर पर नुकसान होगा.

    ये है व्यवस्था -

    अभी तक वे B.Ed डिग्री धारक ही अप्लाई कर सकते थे, जिन्होंने टीईटी क्वालीफाई किया है या फिर उम्मीदवार राष्ट्रीय शिक्षा परिषद से दो वर्षीय डी.एल.एड ( बी.टी.सी ) या यूपी TET पास हो. लेकिन अब साधारण बीएड डिग्री धारक भी सहायक शिक्षक पद के लिए आवेदन कर सकते हैं ।

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