क्या वाकई सरकारी स्कूलो मे छुट्टियां अधिक होती हैं, राज्य/केंद्र के कर्मचारियों से एक तुलनात्मक अध्ययन - प्राइमरी का मास्टर - UPTET | Primary Ka Master | Basic Shiksha News | Shiksha Mitra News
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    Friday, 13 September 2019

    क्या वाकई सरकारी स्कूलो मे छुट्टियां अधिक होती हैं, राज्य/केंद्र के कर्मचारियों से एक तुलनात्मक अध्ययन

    क्या वाकई सरकारी स्कूलो मे छुट्टियां अधिक होती हैं, राज्य/केंद्र  के कर्मचारियों से एक तुलनात्मक अध्ययन

    क्या वाकई सरकारी स्कूलो मे छुट्टियां अधिक होती हैं, राज्य/केंद्र  के कर्मचारियों से एक तुलनात्मक अध्ययन

    मुख्यमंत्री कार्यालय और सचिवालय के अधिकारियों और कर्मचारियों के अवकाश

    5 दिवसीय कार्यदिवस (52 शनिवार +52 रविवार) के कारण अवकाश- 104 दिन
    अर्जित अवकाश- 30 दिन
    औपबंधित अवकाश- 02 दिन
    आकस्मिक अवकाश- 14
    सार्वजनिक अवकाश- 23
    कुल अवकाश- 173*

    बैंक कर्मचारी — 173- 28 ( पहला और चौथा शनिवार) = 145

    अब एक शिक्षक का अवकाश
    रविवार अवकाश- 52 दिन
    अर्जित अवकाश- 00 दिन
    औपबंधित अवकाश- 00 दिन
    आकस्मिक अवकाश- 14 दिन
    सार्वजनिक अवकाश- 23 दिन

    ग्रीष्मावकाश 21 मई से 24 जून (34 दिन -5 दिन रविवार) = 29 दिन
    कुल अवकाश- 118 दिन
    ----------------------------------------
    अन्तर = 173 - 118 = 55 दिन और 145-118 = 27 दिन
    अर्थात इस सत्र मे *शिक्षक बाकी कर्मचारियो की अपेक्षा 55 दिन और बैंक कर्मियों की अपेक्षा 27 दिन अधिक कार्य करेंगे* ,
    जबकि राज्य कर्मचारियों को मिलने वाली किसी प्रकार की कोई सुविधा यथा चिकित्सकीय आदि प्राप्त नही है।

    फिर भी सबसे कामचोर शिक्षकों को ही ठहरा दिया जाता है ।

    आखिर क्यों ??? सरकार की नजर में शिक्षक ही चोर है 5000 अधिकारी पकड़ते पकड़ते थक गए चोरी नही पकड़ पाए बल्कि खुद बिक गए लग गए शिक्षक को सताने और लूटने में अब देख आ गइल प्रेरणा एप

    माननीय सी एम साहब को जहाँ चोरी हो रही है नजर नही जा रही है ।ग्राम सचिव या कार्यालयों के बाबू का वेतन 2600 है उसका आलीशान बगला, और गाड़ी अकूत संम्पति कहा से आई नजर नही आ रहा और 70000 वेतन वाले शिक्षक तो बच्चों की फीस और पेट्रौल   में ही थका भारत नजर आ रहा है ???? दूर दराज के बिद्यालय में घण्टे आध घण्टे समय का चोरी का कर ले रहा है जैसे देश द्रोही हो गया, और बी पी एल कॉर्ड धारी नेता एक ही पंचवर्षिय बीतते अकूत धन संम्पति कहा से आया वह सफेदपोश ईमानदार हो गये ,पांच साल में 10 करोड़ की संम्पति कहा से आई कोई जांच नही सिर्फ शिक्षक को बदनाम करे यही काम है ।
    डॉ. ज्ञान प्रकाश सिंह
    जय वैचारिक शिक्षक परिवार

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