69000 शिक्षक भर्ती परीक्षा 2019 में आपत्तियां ही आपत्तियाँ - primary ka master 69K Answer key Matters

प्रयागराज : 69000 शिक्षक भर्ती की लिखित परीक्षा में पूछे गए प्रश्नों के जवाब पर आपत्ति करने वालों की संख्या काफी अधिक है। इलाहाबाद हाईकोर्ट की मुख्य न्यायपीठ से लेकर लखनऊ खंडपीठ तक कई याचिकाएं भी दाखिल हो चुकी है। कुछ की सुनवाई की तारीख मुकर्रर हो गई है तो अन्य में सुनवाई होने की दरकार है। 



कोर्ट में याचिका दाखिल करने वाले सभी अभ्यर्थियों को शिक्षक बनने का अवसर मिलना मुश्किल है, फिर भी याचियों की तादाद कम होने का नाम नहीं ले रही। शिक्षक भर्ती की लिखित परीक्षा में पूछे गए 150 सवालों में से कुछ प्रश्नों के जवाब ऐसे हैं, जिनको लेकर शुरू से अभ्यर्थी सहमत नहीं है। 


अंतिम उत्तर कुंजी आने तक उन्होंने इंतजार किया, जब उन प्रश्नों के जवाब नहीं बदले तो आहत अभ्यर्थियों ने कोर्ट की शरण ली है। इसमें वे अभ्यर्थी हैं जो चंद अंकों से परीक्षा में अनुत्तीर्ण हुए हैं, उनका दावा है कि करीब आधा दर्जन प्रश्नों के जवाब बदलने पर वे परीक्षा उत्तीर्ण हो जाएंगे।



 उनके दावे पर यकीन कर भी लिया जाए तो वे भले ही लिखित परीक्षा में उत्तीर्ण हो जाएंगे लेकिन, शिक्षक बनने की राह इस बार बेहद कठिन है। शिक्षक पद पर चयन में उन्हीं याचियों को लाभ होगा, जो शिक्षामित्र हैं या फिर अनुसूचित जाति जनजाति के हैं। 


परीक्षा उत्तीर्ण होते ही शिक्षामित्र भारांक के दम पर आसानी से चयनित हो जाएंगे तो एसटी के तय पदों के सापेक्ष अभ्यर्थी परीक्षा उत्तीर्ण नहीं है।