उप्र राज्य शिक्षा सेवा आयोग के अस्तित्व में न आने से परिषदीय प्राथमिक स्कूलों में 69 हजार शिक्षकों की भर्ती पुरानी पद्धति से ही होगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने परिषदीय विद्यालयों तथा सहायता प्राप्त प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालयों, माध्यमिक विद्यालयों और महाविद्यालयों के शिक्षकों, प्रधानाध्यापकों, प्रधानाचार्य और प्राचार्य के चयन के लिए उत्तर प्रदेश राज्य शिक्षा सेवा आयोग के गठन का निर्देश दिया था।

राज्य शिक्षा सेवा आयोग का स्वरूप तय करने के लिए अंतर विभागीय बैठकें हुई थीं, राज्य शिक्षा सेवा आयोग का स्वरूप तय करने के लिए शिक्षा अधिकारियों की समिति गठित की गई थी।
यह है पुरानी पद्धति : पहले से लागू पद्धति के तहत परिषदीय प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षकों की भर्ती के लिए सचिव, परीक्षा नियामक प्राधिकारी परीक्षा आयोजित कराते हैं और उसका रिजल्ट घोषित करते हैं। उसके बाद नियुक्ति की प्रक्रिया बेसिक शिक्षा परिषद शुरू करता है। मेरिट लिस्ट में चयनित अभ्यर्थियों से फॉर्म भराया जाता है।