बेसिक शिक्षक परिवार डॉट काम रिपोर्ट - न्यूज़ पेपरों की कटिंग व पीडीएफ को सोशल मीडिया पर शेयर करना अपराध है । ऐसे लोग जो लगातार अख़बारों की कटिंग व  पीडीएफ वट्सऐप व टेलीग्राम ग्रुप में दिन रात शेयर करते हैं ।

अखबारों की कटिंग व ई पेपर, पीडीएफ सोशल मीडिया शेयर करना हुआ अपराध, दोषी खाएँगे जेल की हवा

 वह सावधान हो जाएँ । ई पेपर कॉपी कर आप सोशल मीडिया पर शेयर नही कर सकते हैं । ऐसा करना डिजिटल पायरेसी के अंतर्गत अपराध की श्रेणी में आता है । न्यूज़ एजेंसियो के अनुसार ऐसा करने वालों कर क़ानूनी कार्यवाही की जाएगी ।  कोरोना वायरस कोविड 19 के कारण पूरे देश में लॉकडाउन चल रहा है ।

डिजिटल पायरेसी क्या है इसे समझें - अख़बार की कटिंग व पीडीएफ सोशल मीडिया पर शेयर ना करें

भारत सरकार के स्वास्थ्य एडवाइज़री में लोगों को बाहर से आने वाली वस्तुओं से कोरोना संक्रमण फैल सकता है । अख़बार भी बाहर से आने वाली वस्तुओं में ही शामिल है । लोगों ने इस कारण अख़बार लेना बंद कर दिया है । इस कारण अख़बार से जुड़े लोगों की आजीविका के लिए संकट खड़ा हो गया है । अख़बार व न्यूज़ एजेंसी ने डिजिटल पायरेसी की तरफ़ ध्यान केंद्रित किया है । इंडियन न्यूज़ पेपर सोसायटी ने स्पष्ट किया है कि न्यूज़ कटिंग व पीड़ीएफ सोशल मीडिया पर सरकुलेट करना दंडनीय अपराध है । इससे खबरों के सब्सक्रिप्शन पर निगेटिव इफ़ेस्ट पड़ता है । ऐसा करने वालों के ख़िलाफ़ हम सख़्ती से निपटेंगे ।

Newspaper cutting and sharing PDF social media is a crime


अगर लोगों को सोशल मीडिया पर खबर नही मिलेगी तो वह सीधे अख़बार का ई पेपर सब्सक्राइब करेंगे । अख़बारों का सब्सक्रिप्शन चार्ज भी लगेगा । जिससे इस विपरीत समय में कुछ न कुछ रेवेन्यू तो मिलेगा । अख़बारों के सोशल मीडिया पर वायरल होने से अख़बारों का रेवेन्यू का बड़ा लॉस होता है । किसी भी ग्रुप में अख़बारों की कटिंग, ई पेपर  अवैध तरीक़े से सरकुलेट होने पर उस ग्रुप के एडमिन को कार्यवाही के दायरे में लाया जाएगा ।

खुद को असली व बाक़ी को नक़ल टिप्पू बताने वाले ठप्पा धारी ब्लॉग भी कर करें डिजिटल पायरेसी का अपराध - 


बेसिक शिक्षा विभाग की खबरों के लिए बने बहुत से ब्लॉग भी न्यूज़पेपर की कटिंग व न्यूज़ पेपर का ऑनलाइन कंटेंट पब्लिस करते हैं । कुछ बेसिक शिक्षा न्यूज़ के ब्लॉग तो उन न्यूज़ कटिंग पर बाक़ायदा अपने ब्लॉग का लोगों भी लगाते हैं । ऐसे लोग भी कार्यवाही के दायरे आ सकते हैं ।

मज़ेदार बात यह है कि अख़बारों की कटिंग ब्लॉग पर पब्लिश कर खुद के ब्लॉग को असली बताते हैं । और बाक़ी के चल रहे बेसिक शिक्षा न्यूज़ ब्लॉग को नक़ल टिप्पू बताते हैं । नक़ल टिप्पुओ से सावधान का नारा लागने वाले ब्लॉग भी डिजिटल पायरेसी क्राइम के दायरे में हैं । अख़बारों द्वारा ऐसे ब्लॉगों पर कार्यवाही होने के आसार हैं ।