निजी प्राइवेट स्कूलों की फीस वसूली के विरोध में दाखिल याचिका की सुनवाई आज - primary ka master Private School Fees Court Case
प्राइवेट स्कूलों द्वारा आपदा के दौरान भी पूरी फीस वसूले जाने और अभिभावकों पर दबाव डालने के खिलाफ इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की गई है। इस पर बृहस्पतिवार को सुनवाई होगी।
याचिका हाईकोर्ट के अधिवक्ता सुशांत चंद्रा और आदर्श भूषण ने दाखिल की है। इसमें कहा गया है कि प्रदेश सरकार के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद कई निजी स्कूल अभिभावकों पर अप्रैल माह की पूरी फीस जमा करने के लिए दबाव बना रहे हैं। उनकी ओर से लगातार यह मैसेज भेजा जा रहा है कि छात्र का दाखिला स्कूल जारी रखने के लिए फीस जमा करें। एक स्कूल द्वारा भेजे गए मैसेज का हवाला भी याचिका में दिया गया है। याची का कहना है कि कोरोना संक्रमण के कारण लोगों के व्यापार और काम धंधे बुरी तरह से प्रभावित हुए हैं। आमदनी काफी कम हो गई है। तनख्वाह में भी कटौती हो रही है। ऐसी स्थिति में स्कूलों द्वारा सिर्फ जरूरत भर की ही फीस ली जानी चाहिए। याचिका में बढ़ी फीस को कम करने और फीस जमा करने की समयावधि बढ़ाने की मांग की गई है।