न्याय समिति ने उठायी मांग 69000 शिक्षक भर्ती की यूपी लेवल की हो जांच, केंद्रों तक न रहे सीमित - primary ka master investigation
69 हजार शिक्षक भर्ती में प्रदेश सरकार जवाबदेही से पीछे हट रही है। यह आरोप शिक्षक भर्ती परीक्षा को लेकर पूरे 39 दिन तक परीक्षा नियामक प्राधिकारी कार्यालय पर अनशन करने वाले न्याय मोर्चा के सुनील मौर्य ने लगाया है। उनका कहना है कि पुलिस एवं एसटीएफ की ओर से हो रही जांच कुछ केंद्रों पर शहर तक सीमित 
रखी जा रही, जबकि गड़बडी पूरे प्रदेश में हुई है। उनका कहना है कि सरकार अपनी जिद पर अड़ी है, वह न तो सीबीआई जांच की मांग स्वीकार कर रही है और न ही भर्ती निरस्त कर रहो है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार पूरे मामले को कुछ सेंटर का मामला बनाकर भ्रष्टाचार को दबाना चाहती है। न्याय मोर्चा का आरोप है कि परीक्षा से एक दिन पहले पांच जनवरी को प्रश्नपत्र लीक होने के साथ उत्तरकुंजी वायरल हो गई थी।
यू- ट्यूब पर मौजूद वी द वीडियो को साक्ष्य के रूप में देखा जा सकता है। इसको जांच करवाकर भ्रष्टाचार का खुलासा किया जा सकता है।