69000 सहायक अध्यापक भर्ती में सफल अभ्यर्थियों को कोर्ट ने आवेदन में संशोधन का मौका दिया है। कोर्ट की ओर से परीक्षार्थियों की मांग पर जनपदीय चयन समिति को उचित निर्णय लेने का निर्देश दिया गया है। जिला चयन समिति सफल अभ्यर्थियों को आवेदन में वही संशोधन का मौका देगी जिससे शिक्षक भर्ती की मेरिट प्रभावित न हो।



परीक्षार्थियों की मांग पर यदि पूर्णांक एवं प्राप्तांक में परिवर्तन का मौका दिया गया तो पूरी शिक्षक भर्ती की मेरिट बदल जाएगी। शिक्षक भर्ती सफल अभ्यर्थियों का कहना था कि वह आवेदन करते समय साइबर कैफे की गलती के चलते मूल आवेदन में नाम, माता-पिता का नाम, जन्म तिथि आदि के साथ हाईस्कूल, इंटरमीडिएट, स्नातक एवं बीएड, बीटीसी, डीएलएड के पूर्णांक और प्राप्तांक में परिवर्तन की मांग कर रहे हैं।

परीक्षा में शामिल इन अभ्यर्थियों की मांग पर यदि परीक्षा में प्राप्त अंकों में संशोधन किया गया तो बेसिक शिक्षा परिषद की ओर से जारी मेरिट बदल जाएगी। मेरिट बदलने पर बड़ी संख्या में अभ्यर्थी चयन से बाहर होंगे तो कुछ अंदर भी होंगे। ऐसे में एक बार फिर से पूरी भर्ती विवादित हो जाएगी।

इसके लिए फिर से दूसरे बाहर होने वाले अभ्यर्थी कोर्ट जाएंगे। शिक्षक भर्ती आवेदन के दौरान बड़ी संख्या में परीक्षार्थियों ने बीटीसी का रिजल्ट आए ही आवेदन कर दिया। आवेदन में बीटीसी सहित दूसरी परीक्षाओं में अनुमानित अंक भर दिया कि परिणाम आने पर परीक्षा संस्था से आग्रह करके अंकों में संशोधन करवा लेंगे।

रिजल्ट के बाद बड़ी संख्या में अभ्यर्थी जब परीक्षा में सफल हो गए तक अब आवेदन में संशोधन की मांग कर रहे हैं। शासन एवं सचिव बेसिक शिक्षा परिषद की ओर से मांग अनसुनी किए जाने के बाद इन अभ्यर्थियों ने कोर्ट से मांग उठाई कि उन्हें आवेदन में संशोधन का मौका दिया जाए।