जिसने खोली 69000 शिक्षक भर्ती भ्रष्टाचार की पोल, उन्हें मिली ईमानदारी की सजा,  SSP Satyarth Anirudh Pankaj's transfer पर मचा बवाल
प्रयागराज। 69 हजार शिक्षक भर्ती परीक्षा में धांधली करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ करने वाले एसएसपी सत्यार्थ अनिरुद्ध पंकज का तबादला चर्चा का विषय बना रहा। सोशल मीडिया पर उनके समर्थन में सैकड़ों ट्वीट-पोस्ट कर युवाओं ने सरकार इस कार्रवाई पर निशाना साधा तो शहर में भी राजनीतिक समेत अन्य दलों ने प्रदर्शन किए। आरोप लगाया कि एसएसपी को ईमानदारी की सजा मिली। एसएसपी सत्यार्थ अनिरुद्ध पंकज का सोमवार रात अचानक उनके पद से हटा दिया गया उन्हें कहीं पोस्टिंग न देकर फिलहाल प्रतीक्षारत रखा गया है। सुबह जैसे ही इसकी जानकारी लोगों को मिली, यह घटना चर्चा का विषय बन गई। सोशल मीडिया पर तो सुबह से ही शासन के इस निर्णय की आलोचना होने लगी। ट्विटर व फेसबुक पर सैकड़ों यूजरों ने कमेंट किए। किसी ने इसे हैरान कर देने वाला निर्णय बताया तो किसी ने इसे ईमानदारी से काम करने का तोहफा बताते हुए कटाक्ष किया। बहुत से यूजर ऐसे भी रहे उन्होंने शिक्षक भर्ती में धांधली कर लाखों अभ्यर्थियों के भविष्य से खिलवाड़ करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ करने पर एसपी का आभार भी जताया। उधर इविवि परिवार समेत अन्य जगहों पर राजनीतिक दलों व अन्य संगठनों ने भी एसएसपी को हटाए जाने की कार्रवाई का विरोध जताया। 69 हजार शिक्षक भर्ती में धांधली का आरोप लगाकर इविवि छात्रसंघ भवन पर प्रदर्शन कर रहे पूर्व छात्रसंघ पदाधिकारियों, एनएसयूआई, कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि जिस तरह से शिक्षक भर्ती घोटाले का भंडाफोड़ करने वाले एसपी का तबादला किया गया, उसे यही लगता है कि यह धांधली सरकार के संरक्षण में हुई। प्रदर्शन करने वालों में पूर्व अध्यक्ष संजय तिवारी, विवेकानंद पाठक, पूर्व महामंत्री सुरेश यादव, पूर्व छात्रसंघ उपाध्यक्ष अखिलेश यादव, अनिल पांडेय, हसीब अहमद, गिरीश चंद्र दुबे समेत अन्य शामिल रहे। उधर आम आदमी पार्टी ने भी विरोध जताया। प्रवक्ता सत्यम राय संघर्ष ने आरोप लगाया कि सरकार अपनी नाकामी छिपाने के लिए इस तरह तबादला करती है।

तबादले पर प्रियंका हैरान

कांग्रेस की महासचिव प्रियंका गांधी ने सत्यार्थ के स्थानांतरण पर आश्चर्य व्यक्त करते हुए ट्वीट किया है। उन्होंने लिखा है कि प्रयागराज के एसएसपी सत्यार्थ अनिरुद्ध का ट्वीट देख कर आश्चर्य हुआ। जिस समय उन्होंने इतने बड़े घोटाले का खुलासा किया है, उनके जाने से जांच का नुकसान न हो। वजह जो भी है, ऐसे अफसरों को पब्लिक का पूरा समर्थन मिलना चाहिए जो ईमानदारी से निर्भय हो कर अपना कर्तव्य निभाते हैं। पूर्व नौकरशाह सूर्य प्रताप सिंह ने ट्वीट कर कहा है कि शिक्षक भर्ती घोटाले पर सरकार की मर्जी के खिलाफ जाकर कार्रवाई करना एसएसपी प्रयागराज को भारी पड़ गया।