Examination Regulatory Authority Secretary अनिल भूषण ने कहा कि अभ्यर्थियों ने ऑनलाइन आवेदन पत्र में स्वयं को अभ्यर्थी ही अंकित किया है। अब काउंसलिंग इसलिए ही कराई जा रही है
ताकि यह सत्यापित हो जाए कि अभ्यर्थियों ने परीक्षा के आवेदन पत्र में जो तथ्य प्रस्तुत किए हैं वह सत्य हैं या नहीं। उन्होंने कहा कि इनका चयन ओबीसी अभ्यर्थी के रूप में हुआ है, यदि ओबीसी का प्रमाण पत्र नहीं हुआ तो उनका चयन निरस्त हो जाएगा। चतुर्वेदी ने कहा कि ऑनलाइन फार्म भरने पर एक घोषणा पत्र देना होता है कि जो भी अंकित किया गया है उसे चेक कर लिया है।