69000 Topper Couples Marksheet Viral They get 128
69 हजार शिक्षकों की चली रही भर्ती (69000 Assistant Teachers) में घालमेल की खबरों में बीच में रायबरेली (Raebareli) के टॉपर निधि सिंह और अनिल सिंह के अंकपत्र सोशल मीडिया पर बहुत ही वायरल हो रहे हैं। पति और पत्नी ने सुपरटेट (Super TET) परीक्षा में 128 अंक पाए हैं। 
दोनों के ही परीक्षा में एक साथ इतने अंक आने के बाद अब सवाल उठ रहे हैं। सवाल उठने का सबसे बड़ा कारण यह है कि निधि सिंह और अनिल सिंह का एकेडमिक ग्राउण्ड सेकेंड डिवीजन ही रहा है। पति और पत्नी अब 69 हजार शिक्षक भर्ती (69000 Assistant Teachers) में चयनित भी हो गए हैं। एक साथ में इतनी चीजें होने को इत्तेफाक न कह कर लोग घालमेल कह रहे हैं। बता दें निधि सिंह का सुपर टेट (Super TET) में रोल नंबर 29310502258 है और अनिल कुमार सिंह का सुपर टेट का रोल नंबर 29322110662 है।

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यह सिर्फ बानगी है ऐसे ही न जाने कितने ही अभ्यर्थियों के अंकपत्र सोशल मीडिया (Social Media) पर वायरल हो रहे हैं। अभ्यर्थी ऐसे छात्रों के अंकपत्र एसटीएफ (Special Task Force) को भी भेज रहे हैं, ताकि ऐसे लोगों की जांच हो सकें और फर्जी तरीके के अभ्यर्थी भर्ती से बाहर हो सकें। सोशल मीडिया (Social Media) पर इस समय ऐसे बहुत से अभ्यर्थियों की सूची भी वायरल हो रही है, जिन्होंने किसी कोचिंग संस्थान से पढ़ाई करके महज एक महीने के अंदर ही कीर्तिमान रच दिया है। कीर्तिमान रचने वाले छात्रों की सूची अभ्यर्थी एसटीएफ (Special Task Force) के पास भेजकर उनकी जांच कराने की मांग कर रहे हैं। अभ्यर्थियों की तरफ से इलाहाबाद, मऊ, वाराणसी, लखनऊ, मेरठ सहित अन्य बड़े शहरों के कोचिंग संस्थान के भी नाम बताए गए हैं, जहां पर पढ़ाई करने वाले अभ्यर्थियों ने बेहतर अंक हासिल किए हैं। सबसे मजे की बात यह है कि ऐसे ही छात्रों ने टेट में सिर्फ 82 से लेकर 84 या फिर 90 से 92 के बीच में ही अंक पाए हैं।



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एसटीएफ की मदद कर रहे अभ्यर्थी

इस समय 120 से ऊपर अंक पाने वाले अभ्यर्थियों के नाम सोशल मीडिया (Social Media) पर बहुत ही तेजी से मांगे जा रहे हैं। यही नहीं, अभ्यर्थियों की तरफ से एक बात यह भी कहीं जा रही है कि अगर आपकी जानकारी में कोई ऐसा व्यक्ति हो जिसने की धांधली करके परीक्षा पास की है, उसका भी नाम गुप्त तरीके से बताने को कहा जा रहा है ताकि ऐसे लोगों को भर्ती (69000 Assistant Teachers) से बाहर किया जा सकें। ऐसा तब हो रहा है जब प्रयागराज पुलिस (Prayagraj Police) ने पेपर आउट कराने वाले गैंग का खुलासा किया है। अब इस गैंग के तार कई जिलों से जुड़े होने की बात सामने आ रही है और ऐसा कहा जा रहा है कि परीक्षा में भारी मात्रा में नकल की गई है। ऐसे में प्रयागराज पुलिस (Prayagraj Police) ने सरकार से एसटीएफ (Special Task Force) या फिर किसी अन्य एजेंसी से कराने की मांग की है। सरकार ने अब इस मामले की जांच एसटीएफ (Special Task Force) को सौंप दी है और एएसपी रैंक के अफसर को निगरानी करने के लिए लगाया गया है।



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सोशल मीडिया पर चल रहा अभियान

69 हजार शिक्षक भर्ती (69000 Assistant Teachers) मामले में नकल के खेल का पर्दाफाश करने में लगी एसटीएफ (Special Task Force) की मदद छात्र भी कर रहे हैं। अभ्यर्थी ऐसे लोगों को बेनकाब करने के लिए पुलिस की मदद कर रहे हैं। वैसे, इस मामले में नकलमाफियाओं का पर्दाफाश करने के लिए एसटीएफ (Special Task Force) लगी हुई है और उससे प्रयागराज के अलावा अन्य कई जिलों में भी इसके तार जुड़े होने की बात सामने आ रही है। इस परीक्षा (69000 Assistant Teachers) में अब अपनी मेहनत से पास हुए अभ्यर्थी भी उनकी मदद करने में जुट गए हैं। फर्जीवाड़ा करके परीक्षा में बेहतर अंक पाने वाले अभ्यर्थियों का पता लगाने को प्रतियोगी छात्र सोशल मीडिया (Social Media) पर अभियान चला रहे हैं। एक दूसरे को मैसेज करके पता लगा रहे हैं कि आखिर वह टॉपर अभ्यर्थी कौन हैं और उनका शैक्षिक स्तर कैसा रहा है। यह सब एकत्रित करके पूरी डिटेल पुलिस तक पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं। ऐसे ही पुलिस ने रायबरेली (Raebareli) के दंपत्ति का भी रिकॉर्ड पुलिस तक भेजा है। इसके अलावा प्रयागराज के सैकड़ों छात्रों का रिकॉर्ड भी पुलिस तक भेजा है।
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परिणाम आते ही टॉपरों की सूची वायरल


69 हजार शिक्षकों की भर्ती (69000 Assistant Teachers) का परीक्षा परिणाम आने के बाद सोशल मीडिया (Social Media) पर टॉपरों (Topper) की सूची खूब वायरल हो रही थी और अभ्यर्थी सवाल भी उठा रहे थे, लेकिन जब प्रदेश के शिक्षामंत्री सतीश द्विवेदी (Satish Diwedi) ऐसी टॉपरों की तारीफ कर रहे थे, लेकिन अब जब इन लोगों की हकीकत सामने आई है, तो उन्हें मजबूरन में जांच एसटीएफ से करानी पड़ रही है। सोशल मीडिया (Social Media) पर 143 से लेकर 120 तक अंक पाने वाले ऐसे अभ्यर्थियों की सूची वायरल बहुत की जा रही थी। जब सोरांव पुलिस ने फर्जीवाड़े का खुलासा करते हुए 142 अंक पाने धर्मेंद्र पटेल को गिरफ्तार किया, तो उसके बाद टॉपरों की हकीकत खुलकर सामने आ गई। टॉपरों को देश के राष्ट्रपति तक का भी नाम नहीं मालूम था। अब प्रतियोगी छात्र व्हाट्सएप पर ग्रुप बनाकर एक दूसरे को मैसेज कर रहे हैं कि भी 120 अंक से ज्यादा नंबर पाए हैं, उनके बारे में जानकारी एक दूसरे से एकत्र करने के लिए कह रहे हैं। ऐसे अभ्यर्थियों की सूची प्रयागराज एसएसपी (Prayagraj SSP) के सीयूजी नंबर (CUG Number) पर भेजा जाए। यह अभियान प्रदेश के सभी जिलों में प्रतियोगी छात्रों की मदद से चल रहा है।