बेरोजगार है Anamika Shukla, Fake jobs in 25 districts का हो मीडिया में था हंगामा Real story
अनामिका शुक्ला। जिसके नाम पर प्रदेश के 25 जिलों में दूसरी ‘अनामिकाएं’ नौकरी कर रही थीं वह आज भी बेरोजगार है। यह खुलासा खुद असली अनामिका ने मंगलवार को गोण्डा के बीएसए के समक्ष शपथपत्र दायर कर किया है। अनामिका का कहना है कि उसने नौकरी के लिए 2017 में आवेदन जरूर किया था पर व्यक्तिगत परेशानी के कारण उसने कहीं योगदान नहीं दिया। बीएसए के सामने पेश हुई अनामिका ने कहा कि इस मामले में पकड़ी गई युवती ने उसके शैक्षिक अभिलेखों का गलत इस्तेमाल किया और अलग-अलग जगहों पर नौकरी हासिल कर ली। इस चौंकाने वाले खुलासे के बाद बीएसए ने पूरी रिपोर्ट शासन को भेजी है।

बीएसए ने बताया कि अनामिका शुक्ला की ओर से इस आशय का शपथ दिया गया है कि उसके शैक्षिक अभिलेखों का फर्जी ढंग से इस्तेमाल किया गया। उसने शपथ पत्र में लिखा है कि मीडिया में मामला देखा तो मंगलवार को सच्चाई अवगत कराने के लिए यहां आई। उसने आशंका जताई है कि इसके पीछे एक बड़ा रैकेट हो सकता है।

अनामिका को हाईस्कूल में 80.16 फीसदी अंक मिले थे


अनामिका ने वर्ष 2007 में हाईस्कूल की परीक्षा कस्तूरबा बालिका इंटर कॉलेज से पास की थी, जिसमें उसे 80.16 फीसदी अंक मिले थे। इंटरमीडिएट की परीक्षा उसने वर्ष 2009 में पास बेनी माधव जंग बहादुर इण्टरकॉलेज से दी थी, जिसमें उसे 78.6 फीसदी अंक मिले। स्नातक की परीक्षा उसने रघुकुल महिला विद्यापीठ से 2012 में दी थी, जिसमें उसे 55.61 फीसदी अंक प्राप्त हुए। उसने आदर्श कन्या महाविद्यालय जियापुर, टांडा, अम्बेडकरनगर से वर्ष 2014 में स्नातकोत्तर किया, जिसमें उसे 76.5 प्रतिशत अंक मिले। टीईटी की परीक्षा उसने 2015 में दी जिसमें वह 60 फीसदी अंकों से पास हुई थी।

एकेडेमिक रिकॉर्ड चोरी

अनामिका ने बीएसए को बताया कि उसके एकेडेमिक रिकॉर्ड चोरी कर कई जगह नौकरी करने का मामला प्रकाश में आने के बाद गांव वाले उसे ताने देने लगे थे। इसी के चलते उसे मंगलवार को शपथ पत्र देना पड़ा। अनामिका के पिता सुभाष चन्द्र शुक्ला रेलवे में नौकरी करते थे। इस वजह से उसने रेलवे कालोनी में बने कस्तूरबा बालिका इंटर कॉलेज से हाईस्कूल की परीक्षा दी थी। बीएड करने के बाद अनामिका की शादी मुजेहना ब्लॉक के कमड़ावा गांव निवासी दुर्गेश कुमार शुक्ल से हो गई। उसके परिवार में न वह, न पति और न ही ससुर किसी सरकारी सेवा में हैं।

कस्तूरबा स्कूल के लिए आवेदन करना पड़ा भारी - Has had to apply for Kasturba school -

अनामिका ने बताया कि उसने 2017 में साइंस टीचर पद पर सुल्तानपुर, जौनपुर, बस्ती, मिर्जापुर व लखनऊ जिले के लिए आवेदन किया था। बच्चा छोटा होने की वजह से किसी भी जिले की काउंसलिंग में भाग लेने नहीं गई।

डिग्री का बेजा इस्तेमाल करने वालों पर केस दर्ज करने की तहरीर दी :
अनामिका ने अपने शैक्षिक अभिलेख का फर्जी दुरुपयोग कर नौकरी हथियाने वालों पर केस चलाने की तहरीर नगर कोतवाली में दी है। कोतवाल ने बताया कि अधिकारियों के निर्देश के बाद रिपोर्ट दर्ज कर कर्रवाई की जाएगी।


अनामिका शुक्ला कार्यालय में मंगलवार को पेश हुई है। उसने अपने शैक्षिक अभिलेखों का दुरुपयोग किए जाने व खुद अभी तक कोई नौकरी नहीं करने का शपथ पत्र दिया है। उच्चाधिकारियों को इससे अवगत करा दिया गया है।
-डॉ. इन्द्रजीत प्रजापति, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी