Corona ki dava india में आने तक स्कूल रहें बन्द, मामले पर जनहित याचिका दायर
Public interest litigation has been filed on Wednesday in the Lucknow bench of the High Court, requesting that all the schools till the twelfth of the state be closed till there is a single patient of Corona or its medicine.  At the same time, another public interest petition has challenged the decision of CBSE and ICSE to conduct the remaining examinations of the tenth and twelfth board.
लखनऊ। कोरोना का एक भी मरीज रहने या इसकी दवा आने तक प्रदेश के बारहवीं तक के सभी स्कूलों को बंद रखे जाने के आग्रह वाली जनहित याचिका बुधवार को हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच में दायर की गई है। वहीं, एक अन्य जनहित याचिका में दसवीं व बारहवीं बोर्ड की बची परीक्षा कराने के सीबीएसई और आईसीएसई के निर्णय को चुनौती दी गई है।



 दोनों याचिकाएं राजधानी के छात्र अनुज निषाद ने दायर की हैं। इन पर 15 जून को सुनवाई हो सकती है। याची के अधिवक्ता केके पाल के मुताबिक कोरोना के बढ़ रहे मरीजों के मद्देनजर स्कूलों में शारीरिक दूरी व मास्क लगाने के दिशा-निर्देशों का पूरी तरह पालन संभव नहीं है। 

In such a situation, instructions should be given to the state government to keep all the schools up to the twelfth of the state closed until the Kovid-19 epidemic is completely eradicated or its medicine comes.  In the second petition too, raising the issue of Corona, it has been requested to instruct the Central Boards, including the Central Government, to give marks on the basis of internal assessment of students by not conducting the remaining board examinations of secondary level.
ऐसे में प्रदेश के बारहवीं तक के सभी स्कूलों को कोविड-19 महामारी पूरी तरह खत्म होने या इसकी दवा आने तक बंद रखे जाने के निर्देश राज्य सरकार को दिए जाने चाहिए। दूसरी याचिका में भी कोरोना का मुद्दा उठाते हुए केंद्र सरकार समेत केंद्रीय बोडों को माध्यमिक स्तर की बची बोर्ड परीक्षाएं न करवाकर विद्यार्थियों के आंतरिक मूल्यांकन के आधार पर अंक दिए जाने के निर्देश देने की गुजारिश की गई है।