अब कितने घण्टे होगी ऑनलाइन पढ़ाई तय करेगा मन्त्रालय - online study duration limit by mhrd
नई दिल्ली : लॉकडाउन के बीच शुरू हुआ आनलाइन पढ़ाई का चलन स्कूली बच्चों पर भारी पड़ने लगा है। जिसके चलते उन्हें कई-कई घंटे कंप्यूटर, लैपटाप और मोबाइल फोन के सामने गुजारने पड़ रहे हैं। अभिभावकों की चिंता और इसे लेकर आई शिकायतों के बाद मानव संसाधन विकास मंत्रलय आनलाइन पढ़ाई को लेकर मानक प्रक्रिया (एसओपी) तैयार करने में जुट गई है। जिसके तहत छात्रों की उम्र और क्लास के आधार पर आनलाइन पढ़ाई के घंटे तय होंगे।

मानव संसाधन विकास मंत्रलय के आला अधिकारियों ने इसे लेकर एक उच्च स्तरीय बैठक भी की है। बाद में उसकी जानकारी मानव संसाधन विकास मंत्री को भी दी है। अभिभावकों की ओर से लगातार यह शिकायत मिल रही है, कि बच्चों को स्कूलों की ओर से घंटों आनलाइन पढ़ाया जा रहा है। होमवर्क भी उसी पर दिया जा रहा है। जिसके चलते बच्चे दिन-दिन भर कंप्यूटर, लैपटाप और मोबाइल से चिपके रहते हैं। इसके चलते उनका व्यवहार बदल रहा है। उनमें चिड़चिड़ापन बढ़ रहा है। आने वाले दिनों में यह बदलाव उनके स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक हो सकता है।

मंत्रलय इसके लिए मानक तय करने में जुट गया है। इसमें बच्चों की उम्र और क्लास को देखकर आनलाइन पढ़ाई के घंटे तय होंगे। साथ ही बच्चों को कुछ इस तरह के इसाइनमेंट (काम) दिए जाएंगे, जो वे स्क्रीन के सामने बैठे बगैर भी किताबों की मदद से कर सकते हैं। फिलहाल मंत्रलय को उम्मीद है, कि जल्द ही एसओपी जारी कर दी जाएगी। जो सभी स्कूलों के लिए जरूरी होगी।

बच्चों पर बढ़ रहे दबाव और परिजनों की शिकायत पर बढ़ाए कदम

के वि में 20 जून के बाद शुरू हो सकती है एडमिशन प्रक्रिया

लॉकडाउन के चलते केंद्रीय विद्यालयों में प्रवेश की लटकी प्रक्रिया 20 जून के बाद शुरू हो सकती है। फिलहाल इसे लेकर तेजी से तैयारी चल रही है। यह पूरी प्रक्रिया आनलाइन ही होगी। जिसमें आवेदन के दौरान मोबाइल नंबर देना जरूरी होगा ताकि आवेदन से जुड़ी प्रगति की जानकारी उन्हें समय-समय पर दी जा सके। प्रवेश मिलने की सूचना भी मोबाइल पर ही दी जाएगी। वैसे भी केंद्रीय विद्यालयों में प्रवेश के लिए आनलाइन आवेदन की प्रक्रिया पिछले कई सालों से चल रही है। साइबर कैफे आदि के खुलने के बाद अभिभावकों के आनलाइन आवेदन में भी आसानी होगी। फिलहाल केंद्रीय विद्यालय संगठन को इसे लेकर मंत्रलय की मंजूरी का इंतजार है।