फीस के लालच में Private schools का अपना तमाशा, Corona epidemic मे school opening की तैयारी, अभिभावकों ने उठायी सत्र शून्य करने की मांग

लखनऊ।  राजधानी के निजी स्कूलों ने आगामी जुलाई माह से क्लासेज संचालित करने की तैयारी शुरू कर दी है।अनएडेडे प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन की ओर से इस संबंध में उपमुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा है। एसोसिएशन के अध्यक्ष अनिल अग्रवाल ने कहा कि कोविड-19 संक्रमण से बच्चों की पूरी सुरक्षा का ध्यान रखते हुए स्कूल खोले जाएंगे। 


उधर, अभिभावकों की ओर से इसका विरोध किया गया है। अभिभावक कल्याण संघ के अध्यक्ष प्रदीप कुमार श्रीवास्तव का कहना है कि कक्षाओं का संचालन स्थितियां सामान्य होने के बाद ही किया जाना चाहिए।


यह है प्रस्तावित कार्यक्रम
निजी स्कूलों के संगठन के प्रस्तावित कार्यक्रम के तहत 20 जुलाई से सीनियर क्लासेज का संचालन किया जा सकता है। इसके अलावा,  तीन अगस्त से जूनियर की कक्षाओं, 10 अगस्त से प्राइमरी की कक्षाओं और 24 अगस्त से प्री-प्राइमरी की कक्षाएं संचालित करने का प्रस्ताव भेजा गया है।


दो शिफ्ट में क्लासेज चलाने का सुझाव
स्कूल प्रबंधनों के प्रस्ताव में दो शिफ्ट में क्लासेज संचालित करने का प्रस्ताव रखा गया है। इसमें, कक्षा में छात्रों को अलग-अलग सेक्शन में विभाजित करने,  सभी स्कूल कैंपस में सैनिटाइजेशन की उचित व्यवस्था करने और  बच्चों की सेफ्टी को विशेष तौर पर वरीयता देने का सुझाव रखा गया है।


अभिभावकों में नाराजगी, बोले जल्दबाजी न करें
अभिभावकों में इस प्रस्ताव को लेकर खासी नाराजगी है। अभिभावक कल्याण संघ के प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप कुमार श्रीवास्तव का कहना है कि कोरोना का खतरा अभी बरकरार है। निजी स्कूल प्रबंधन इजराइल जैसी गलतियां न करें। वहां, स्कूल खोलने पर सैकड़ों बच्चे संक्रमित हुए हैं। संघ की ओर से इस सत्र को शून्य किए जाने की मांग उठाई गई है।