आर्थिक रूप से कमजोर मेधावियों को मिलने वाली शुल्क प्रतिपूर्ति पर ग्रहण - up scholarship latest news
लखनऊ  Coronavirus Effect: आर्थिक रूप से कमजोर मेधावियों को मिलने वाली शुल्क प्रतिपूर्ति पर ग्रहण लगने वाला है। नए वित्तीय वर्ष में बजट का आवंटन भले ही कर दिया गया हो, लेकिन शुल्क प्रतिपूर्ति के भुगतान के लिए वित्तीय सहमति लेना अनिवार्य होगा। पहले बजट मिलने के साथ ही उतने पैसे का भुगतान विद्यार्थियों के खाते में कर दिया जाता था। कोरोना संकट के चलते ऐसा निर्णय लिया गया है। हालांकि, शुल्क प्रतिपूर्ति के लिए आवेदन का शेड्यूल जारी कर दिया गया है। 24 जुलाई से ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया होगी।

 
समाज कल्याण विभाग की ओर से आर्थिक रूप से कमजोर मेधावियों की फीस शुल्क प्रतिपूर्ति के रूप में दी जाती है। हर वर्ष की दो अक्टूबर और 26 जनवरी काे विद्यार्थियों के खाते में फीस भेजने का प्रावधान है। काेरोना महामारी के चलते शुल्क प्रतिपूर्ति के लिए जारी बजट का खर्च वित्त विभाग की सहमति के बगैर न करने का आदेश जारी किया गया। ऐसे में वर्ष 2020-21 वित्तीय वर्ष में शुल्क प्रतिपूर्ति के भुगतान पर असमंजस की स्थिति बनी गई है।


 
सामान्य वर्ग की शुल्क प्रतिपूर्ति और छात्रवृत्ति के लिए 52,500 लाख रुपये और अनुसूचित जाति व जनजाति के शुल्कप्रतिपूर्ति व छात्रवृत्ति के लहए 98,012 लाख रुपये का बजट स्वीकृत है, लेकिन भुगतान के पहले वित्त विभाग की सहमति लेनी होगी। पूर्व दशम कक्षा नौ और 10 और दशमोत्तर कक्षा 12 के ऊपर विद्यार्थियों के लिए आवेदन प्रक्रिया का शिड्यूल जारी किया गया है। इसकी पूरी जानकारी स्कॉलरशिप की वेबसाइट scholarship.up.nic.in पर ली जा सकती है।
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