सिर्फ 2010 के बाद वाले शिक्षकों का ही होना है Document verification, बीएसए ने अपने जिले में बदल दिया था आदेश
आगरा। अब आगरा में भी वर्ष 2010 के बाद नौकरी पाने वाले शिक्षक-शिक्षिकाओं के ही सत्यापन के लिए अभिलेख जमा होंगे।
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने अपना आदेश बदल दिया है। सभी शिक्षकों के अभिलेखों को लेकर शिक्षक संगठनों ने विरोध किया था। यूनाइटेड टीचर्स एसोसिएशन (यूपी) के प्रदेश अध्यक्ष राजेन्द्र सिंह राठौर ने बताया कि जनपद में इस आदेश के पीछे फर्जी शिक्षकों को बचाने का षडयंत्र था। विभागीय बाबू अधिक से अधिक फसलें इकट्ठी करके जांच अधिकारियों को उनके उद्देश्य से भटकाने की जुगाड़ में लगे थे। इसी योजना के तहत शिक्षकों से उनके आवेदन पत्र और बैंक ड्राफ्ट जैसे अनावश्यक अभिलेख मांगे जा रहे थे। जो संभव ही नहीं है। अभिलेख मांग कर जांच को लटकाने का मकसद पूरा किया जा रहा है। यूटा के जिलाध्यक्ष केशव दीक्षित, जिला महामंत्री राजीव वर्मा, कोषाध्यक्ष अशोक जादौन, धर्मेन्द्र चाहर, केके शर्मा, नीलम सिंह, सुशील शर्मा, निधि वर्मा, रवि सिंगर, मनोज मुदगल, अरुण सिंह, लेखराज चाहर, चेतन शर्मा, विजय कुमार, संतोष राजपूत, राजीव रावत, जागृति आदि ने बीएसए को चेतावनी दी थी कि जिम्मेदार अधिकारी बाबुओं के षडयंत्र को समझें। जांच के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति नहीं होने दें। बाबू जांच में अधिकारियों को उलझा देंगे। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी राजीव कुमार यादव ने वर्ष 2010 के बाद हुई भर्तियों के शिक्षकों से ही अभिलेख जमा कराने के लिए संशोधित पत्र निर्गत किया है। इन भर्तियों में सीधी भर्ती 68500, 12600, 6448, 15000, 72825, 10000, 108009700 उर्दू शिक्षक भर्ती 3500 व 4280, विज्ञान व गणित सहायक अध्यापक जूनियर भर्ती 29334 शामिल हैं।