संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय के फर्जी प्रमाण पत्र पर परिषदीय विद्यालयों में नौकरी करने वाले शिक्षकों की संख्या 37 सौ से अधिक हो सकती है
फर्जीवाड़े की जांच कर रही एसआईटी के निर्देश पर विश्वविद्यालय प्रमाण पत्रों का सत्यापन करा रहा है। अब तक सत्यापन में सर्वाधिक फर्जी अंकपत्र बलिया, देवरिया, कुशीनगर, सिद्धार्थ नगर और बागपत जिलों के मिले हैं। परिषदीय विद्यालयों की नियुक्ति में बड़ा घालमेल सामने आने की संभावना है। इसमें पूर्व मध्यमा, उत्तर मध्यमा, शास्त्री और बीएड के फर्जी अंकपत्र व फर्जी प्रमाण पत्र लगाकर 37 सौ से अधिक शिक्षक परिषदीय विद्यालयों में नौकरी कर रहे हैं।

संस्कृत विश्वविद्यालय अभी तक 69 जिलों के शिक्षकों के अंकपत्रों व प्रमाण पत्रों का सत्यापन कर चुका है। जिले में 35 शिक्षक संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय के अंक पत्रों व प्रमाण पत्रों पर जनपद में 35 अध्यापक परिषदीय विद्यालयों में नौकरी कर रहे हैं। बीएसए राकेश सिंह ने शिक्षकों की के हाल ही में एसआईटी को थी। इसमें 25 शिक्षकों के अंकपत्र फर्जी होने की आशंका जताई जा रही। शिक्षकों के अंक पत्रों व प्रमाण पत्रों का सत्यापन कर विवि एसआईटी को रिपोर्ट सौंप चुका है।

दस वर्षों का विवरण तलब कर एसआईटी ने वर्ष 2004 से 20१4 के बीच संस्कृत विश्वविद्यालय की डिग्री पर शिक्षक बने अभ्यर्थियों का ब्योरा बेसिक शिक्षा विभाग से तलब किया है। है।