68500 UP Teacher में पुनर्मूल्यांकन में सफल अभ्यर्थियों की नियुक्ति पर जल्द निर्णय ले सरकार,
प्रयागराज : इलाहाबाद हाईकोर्ट ने प्रमुख सचिव बेसिक शिक्षा को उप सचिव बेसिक शिक्षा परिषद द्वारा 25 जून 2020 को बनियों के चयनित होने की संस्कृति पर नियमानुसार निर्णय लेने का निर्देश दिया है। यह आदेश न्यायमूर्ति एमसी त्रिपाठी ने प्रदीप कुमार व 11 अन्य की याचिका को निस्तारित करते हुए दिया है। 


याचिका में सहायक अध्यापक भर्ती में याचियों ने काउंसिलिंग का फार्म भरने के लिए ऑफिशियल वेबसाइट खोलने व चयन प्रक्रिया में हिस्सा लेने की अनुमति देने का समादेश जारी करने की मांग की है। परिषद के अधिवक्ता ने कोर्ट को बताया कि यारियां की उत्तर पुस्तिका का पुनर्मूल्यांकन किया गया। सभी बाकी सफल घोषित किए गए है। नियुक्ति की संस्कृति राज्य सरकार के अनुमोदन के लिए भेजा गया है। लेकिन, कोविड-19 के चलते उन्हें कोई जानकारी नहीं मिल सकी है। अनुमोदन मिलते ही कार्रवाई पूरी की जाएगी। इस पर कोर्ट ने प्रमुख सचिव को निर्णय लाने का निर्देश दिया है।

 
 इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 68500 सहायक अध्यापक भर्ती में पुनर्मूल्यांकन में सफल घोषित किए गए अभ्यर्थियों की नियुक्ति पर शीघ्र निर्णय लेने का निर्देश दिया है। हाईकोर्ट के निर्देश पर इन अभ्यर्थियों की उत्तर पुस्तिकाओं का पुनर्मूल्यांकन किया गया था। उपसचिव बेसिक शिक्षा परिषद ने 25 जून को इन अभ्यर्थियों को सफल घोषित करने की संस्तुति प्रमुख सचिव बेसिक शिक्षा से की थी। प्रमुख सचिव द्वारा निर्णय लेने में देरी के कारण प्रदीप कुमार और 11 अन्य ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की है।



याचिका पर न्यायमूर्ति एम.सी त्रिपाठी ने सुनवाई की। याचिका में कहा गया है कि चूंकि वह पुनर्मूल्यांकन में सफल हुए हैं, इसलिए सहायक अध्यापक भर्ती की काउंसिलिंग का फार्म भरने के लिए आफीशियल वेबसाइट खोली जाए और याचीगण को भी चयन प्रक्रिया में हिस्सा लेने की अनुमति दी जाए। कोर्ट के पूछने पर परिषद के अधिवक्ता ने बताया कि याचीगण की उत्तर पुस्तिकाओं का पुनर्मूल्यांकन किया गया है। जिसमें सभी याची सफल घोषित किए गए हैं। उनकी नियुक्ति की संस्तुति राज्य सरकार के अनुमोदन के लिए भेजी गई है। उस पर क्या निर्णय लिया गया है, इसकी जानकारी कोविड 19 के चलते नहीं मिल सकी है। 


अनुमोदन मिलते ही चयन प्रक्रिया शुरु कर दी जाएगी। इस पर कोर्ट ने प्रमुख सचिव को निर्देश दिया है कि वह संस्तुति पर नियमानुसार यथाशीघ्र निर्णय लें।