सीएम के अनुमोदन के बिना चोरी छिपे बीईओ के तबादले पर सहायक शिक्षा निदेशक सस्पेंड - AD BASIC Suspend for Illegal beo transfer
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंजूरी के बिना नियमों के विरुद्ध कूटरचित और गुपचुप तरीके से किये गए तीन खंड शिक्षा अधिकारियों के तबादलों को शासन ने गंभीरता से लिया है।...


लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंजूरी के बिना, नियमों के विरुद्ध, कूटरचित और गुपचुप तरीके से किये गए तीन खंड शिक्षा अधिकारियों के तबादलों को गंभीरता से लेते हुए शासन ने शिक्षा निदेशक (बेसिक) कार्यालय, प्रयागराज में तैनात सहायक शिक्षा निदेशक (सेवा -2) हृदय राम आजाद को निलंबित कर उनके खिलाफ विभागीय जांच शुरू कर दी है। इन्हीं मामलों में स्थानांतरण आदेश जारी करने वाली अपर शिक्षा निदेशक (बेसिक) गायत्री के खिलाफ भी विभागीय कार्रवाई के आदेश दिए गए हैं। इन दोनों शिक्षा अधिकारियों के मामलों में मंडलायुक्त प्रयागराज को जांच अधिकारी नामित किया गया है।



शासन की जानकारी में आया था कि शिक्षा निदेशक (बेसिक) कार्यालय, प्रयागराज ने वार्षिक स्थानांतरण नीति के बारे में कार्मिक विभाग की ओर से जारी किए गए शासनादेश का उल्लंघन करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के अनुमोदन के बिना कुछ खंड शिक्षा अधिकारियों के तबादले कर दिए हैं। इस पर शासन ने महानिदेशक स्कूल शिक्षा से रिपोर्ट मांगी। शासन को भेजी अपनी रिपोर्ट में महानिदेशक स्कूल शिक्षा ने बताया है कि कार्मिक विभाग की ओर से 12 मई 2020 को जारी शासनादेश में स्थानांतरण पर अग्रिम आदेशों तक रोक लगाए जाने के बावजूद तीन खंड शिक्षा अधिकारियों के तबादले कर दिए गए।


इन तबादलों को करने से पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का अनुमोदन भी प्राप्त नहीं किया गया। जिन तीन खंड शिक्षा अधिकारियों के तबादले किए गए, उनमें धोखे लाल राणा को बिजनौर से बदायूं स्थानांतरित करने का आदेश तीन जून को जारी किया गया। त्रिलोकीनाथ गंगवार को रामपुर से मुरादाबाद भेजने का आदेश पांच जून और पोप सिंह को हाथरस से मुरादाबाद स्थानांतरित करने का आदेश एक जुलाई को जारी किया गया। इस मामले में निलंबित किए गए हृदय राम आजाद को बेसिक शिक्षा निदेशक कार्यालय लखनऊ से संबंध किया गया है।