वार्षिक गोपनीय आख्या हेतु 8 जनवरी 2021 को आया आदेश कहीं शिक्षकों के शोषण का जरिया तो नही, देखें कुछ पहलू - Basic teacher Confidential Report or Teacher Harassment

इसी वर्ष 8 जनवरी 2021 को हुए आदेश में प्रधानाध्यापकों/अध्यापकों की वार्षिक गोपनीय आख्या संबंधी बी.ई.ओ. व बे.शि.अ. द्वारा शाशन को भेजे जाने का फरमान आया है।जिसे देखने पर यह प्रतीत हो रहा है कि यह मात्र शिक्षकों के उत्पीड़न के लिए लाया गया।इसके कुछ बिंदुओं को देखें----

1.ऑपरेशन कायाकल्प के 14 बिंदुओं के संतृप्तिकरण पर 10 अंक मिलेंगे।क्या इसके लिए प्रधानाध्यापक उत्तरदायी हैं ? जबकि यह कार्य प्रधान द्वारा होना था।जब प्रधान द्वारा यह कार्य न हो पाया तब 2020-21 में कम्पोजिट ग्रांट का 25000 कायाकल्प में लगाने को कहा गया।किन्तु क्या 25000 में दिव्यांग शौचालय बन सकता है ? कक्षा कक्ष का टाइलीकरण हो सकता है ? जहां प्रधान ने कायाकल्प में 1 रुपये न खर्च किये हों वहां कायाकल्प के संतृप्तिकरण के लिए प्रधध्यापक जिम्मेदार कैसे ?

2- छात्र उपस्थिति 60-80 % पर 5 व 80 से ऊपर है तो 10 अंक।छात्र उपस्थिति शिक्षकों की संख्या से प्रभावित होती है।यदि 5 कक्षाओं के लिये 1 या 2 अध्यापक हैं तो अभिभावक बच्चों को स्कूल इसलिये नहीं भेजते क्योंकि उनका कहना है कि 2 अध्यापक 5 कक्षाओं व जूनियर का 10 विषय को कैसे पढ़ा सकते हैं ? यहां छात्र उपस्थिति का सीधा संबंध शिक्षकों की संख्या से है जिसका उत्तरदायी शाशन स्वयं है।तो इसकी जिम्मेदारी शिक्षक पर क्यों ?

3- शिक्षक की उपस्थिति 60-80% है तो 5 अंक,80 से ऊपर है तो 10 अंक।पहली बात शिक्षक यदि अनुपस्थित रहता है तो आ.अवकाश या मेडिकल अवकाश लेकर।यदि अवकाश नही लेता है तो उस पर कार्यवाही पहले ही हो जाती है।तो इस अंक का क्या मतलब ? कोई मेडिकल लीव लेकर छुट्टी पर रहे तो उसको 0 अंक देंगे ? शिक्षक की वैधानिक छुट्टी पर यह शोषण क्यों ?

4- लर्निंग आउटकम में बच्चों के ग्रेड पर शिक्षकों को अंक। यदि सभी विषय के अध्यापक उपलब्ध नहीं हैं तो बच्चों के कम अंक पाने के जिम्मेदार अध्यापक कैसे ? यह तो अन्याय है।

5- दीक्षा के नियमित उपयोग एवं कंटेट के कक्षा में प्रयोग पर अंक।दीक्षा app स्मार्टफोन में चलता है।जिसके पास स्मार्टफोन नहीं है या जो नियमित 555 का रिचार्ज नहीं करा सकता अपने वेतन से वह दीक्षा का प्रयोग कैसे करे ? इसके लिए स्मार्टफोन व रिचार्ज के पैसे शासन दे तब इसे लागू करे।