सफाई कर्मी बनेंगे ग्राम पंचायत अधिकारी, ग्राम पंचायत अधिकारी के 20 फीसदी पदों पर पदोन्नति देने पर सैद्धांतिक सहमति बनी थी पिछले साल - Sweeper will become Gram Panchayat Officer VDO
लखनऊ। प्रदेश के एक लाख सफाईकर्मी ग्राम पंचायत अधिकारी के पद पर पदोन्नति का अवसर पाने का लंबे समय से इंतजार कर रहे हैं। लेकिन इस निर्णय न होने से उनमें नाराजगी बढ़ रही है। संघ ने पंचायतीराज मंत्री भूपेंद्र चौधरी से पदोन्नति संबंधी आदेश जल्द से जल्द जारी कराने का आग्रह किया है।



दरअसल, प्रदेश के सफाई कर्मियों के लिए वर्तमान में पदोन्नति का कोई अवसर नहीं है। संवर्ग में बड़ी संख्या में उच्च शिक्षित योग्य कर्मियों की उपलब्धता व सेवाकाल में पदोन्नति का एक अवसर उपलब्ध कराने पर कई वर्षों से विचार हो रहा है। पंचायतीराज ग्रामीण सफाई कर्मचारी संघ के प्रदेश महामंत्री रामेंद्र कुमार बताते हैं कि वित्त, कार्मिक व पंचायतीराज विभाग के बीच कई दौर की चर्चा के बाद पिछले वर्ष ग्राम पंचायत अधिकारी के 20 फीसदी पदों पर पदोन्नति देने पर सैद्धांतिक सहमति हो गई थी।


 वित्त व कार्मिक विभाग को भी कोई आपत्ति नहीं थी। इसके बाद पंचायतीराज विभाग ने निदेशक पंचायतीराज से इस संबंध में कई अहम जानकारियां मांगी। एक जुलाई, 2020 को निदेशक के स्तर से शासन को यह जानकारी भी उपलब्ध करा दी गई। लेकिन नौ माह बीतने वाले हैं, शासन स्तर पर इस संबंध में निर्णय नहीं हो पा रहा है।


रामेंद्र ने बताया कि पंचायतीराज मंत्री को पत्र देकर पूरी स्थिति से अवगत कराया गया है। मंत्री से कार्मिक व वित्त विभाग की मंशा के हिसाब से पदोन्नति संबंधी निर्णय कराने का आग्रह किया गया है। उन्होंने बताया कि कोविड महामारी के दौरान सफाई कर्मियों ने


निदेशक से पहला एसीपी व एरियर दिलाने की मांग

पंचायतीराज ग्रामीण सफाई कर्मचारी संघ ने निदेशक पंचायतीराज किंजल सिंह से ग्रामीण सफाई कर्मियों को एसीपी का लाभ व बकाया एरियर दिलाने का आग्रह किया है। संघ के प्रदेश महामंत्री रामेंद्र ने निदेशक को इस संबंध में पत्र लिखा है। इसमें उन्होंने कहा है कि सफाई कर्मियों को 10 वर्ष की सेवा पूरी होने पर पहला सुनिश्चित कैरियर प्रोन्नयन (एसीपी) मिलना चाहिए। लेकिन नियुक्ति के 13 वर्ष बीतने वाले हैं अमेठी, सीतापुर, श्रावस्ती, बहराइच, बलरामपुर, चित्रकूट, महोबा, हमीरपुर, देवरिया अयोध्या आदि जिलों में कर्मियों को एसीपी का लाभ नहीं मिला है। जिन जिलों ने 12 वर्ष सेवा पूरी होने पर एसीपी दी, वहां दो वर्ष के एरियर भुगतान नहीं किया जा रहा है। उन्होंने निदेशक से भुगतान सुनिश्चित कराने की मांग की है।

जान हथेली पर रखकर काम किया 
इस दौरान कई साथियों की मौत भी हो गई। इन हालातों में काम करने के बावजूद पदोन्नति का निर्णय न होने से कर्मियों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है।