प्राइमरी टीचर के घर के कोई कोरोना संक्रमित हो जाये तो भी जाना होगा स्कूल, वर्क फ्रॉम होम की स्थिति स्पष्ट नही, बेसिक शिक्षा मंत्री ने आदेश के बावजूद नही जारी हुआ स्पष्ट आदेश - not clear guidelines for primary teacher work form home

बेसिक शिक्षा परिषद की ओर से संचालित प्राथमिक और जूनियर विद्यालयों में तैनात शिक्षकों के परिवार में कोई कोरोना पॉजीटिव होता है तो उसे वर्क फ्राम होम की अनुमति मिलेगी या नहीं इस पर स्थिति साफ नहीं है। जबकि बेसिक शिक्षा मंत्री डॉ. सतीश द्विवेदी के निर्देश पर शिक्षा महानिदेशक की ओर से जारी आदेश के मुताबिक अगर शिक्षक कोरोना पॉजीटिव होता है, तो उसे वर्क फ्राम होम की अनुमति दी जाएगी।



कुछ ऐसे शिक्षक हैं जिनके पति या पत्नी पॉजीटिव हैं, लेकिन उनको स्कूल बुलाया जा रहा है। जोन दो व एक में ऐसे प्रकरण हैं। बीईओ नूतन जायसवाल ने बताया कि महानिदेशक का आदेश है कि यदि शिक्षक कोरोना पॉजीटिव पाये जाते हैं तो उनके संपर्क में आए दूसरे शिक्षकों को होमआइसोलेशन में भेजा जाता है। तो उस अवधि को वर्क फ्रॉम होम माना जाये।


यह कहीं नहीं है कि शिक्षक के परिवार में कोई पॉजीटिव है तो भी शिक्षक को वर्क फॉर्म होम की अनुमति दी जाये । इस संबंध में प्राथमिक प्रशिक्षित शिक्षक स्नातक एसोसिएशन के प्रांतीय अध्यक्ष विनय कुमार सिंह कहते हैं कि शिक्षक खुद कोरोना पॉजीटिव हो या फिर उसके कोई परिवार हो तो ऐसी स्थिति में यदि शिक्षक ड्यू टी के बाद घर जाता है और फिर दूसरे दिन आता है तो निश्चित ही सक्रमण फैलेगा, ऐसे में उस शिक्षक को वर्क फॉर्म होम की अनुमति दी जानी चाहिए.

शिक्षक अगर पॉजिटिव है तो उसे वर्क फॉर्म होम की अनुमति दी जायेगी, लेकिन अगर कोई उसके घर में पॉजीटिव है और वह छुट्टी की मांग करता है तो उसका परीक्षण किया जायेगा।साथ ही महानिदेशक के आदेश का पालन किया जाएगा। -पीएन सिंह, एडी बेसिक, लखनऊ मंडल व कार्यवाहक बीएसए