कोरोना पँचायत चुनाव ड्यूटी बनी शिक्षकों के लिए डेथ वारंट - साथियों की मौत के बीच दोबारा लगी शिक्षकों की चुनाव ड्यूटी - panchayat election duty death warrant for teachers

एक के बाद साथियों की कोरोना से हो रही मौत के बीच फतेहपुर में पंचायत चुनाव कराने के लिए ड्यूटी लगने से शिक्षक दहशत में हैं। 15 अप्रैल को चुनाव कराने के बाद लौटे तकरीबन आधा दर्जन शिक्षकों की मौत हो चुकी है जबकि बड़ी संख्या में शिक्षक बीमार बताए जा रहे हैं । लगातार कोई न कोई संक्रमित मिल रहा है।


तीसरे चरण में 26 अप्रैल को प्रस्तावित फतेहपुर में चुनाव के लिए जिले के 300 से अधिक शिक्षकों की ड्यूटी लगाई गई है। मंगलवार की शाम ड्यूटी तय होने के बाद से ही शिक्षक डरे हुए हैं। कई शिक्षक ऐसे हैं जिन्होंने 15 अप्रैल को ड्यूटी की थी और 26 को भी लगा दी गई हैं। कई शिक्षक सिफारिश से ड्यूटी कटवाने में लगे हैं।

प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष देवेन्द्र कुमार श्रीवास्तव का कहना है कि प्रथम चरण के चुनाव में कई शिक्षक कोरोना संक्रमित हो चुके हैं और तकरीबन आधा दर्जन का निधन हो है। अब उन्हें दोबारा चुनाव में झोंका जा रहा है जिससे शिक्षकों में भय का माहौल है। शिक्षक नेता ब्रजेन्द्र सिंह का कहना है कि हम शिक्षकों को चुनाव कार्य कराने से डर नही लगता है। डर है तो वर्तमान परिस्थितियों में फैली बीमारी,भय, व्यवस्था के प्रति असंतोष से हमें एतराज है उस व्यवस्था से जिसमें किसी को दोबारा ड्यूटी करनी पड़ रही है तो कोई एक भी नहीं किया है ।
केस 1 - प्राथमिक विद्यालय तेवरिया कला सहायक अध्यापिका गजाला खातून का बुधवार को कोरोना से इंतकाल हो गया। 15 अप्रैल को चुनाव ड्यूटी करने के बाद से ही वक संक्रमित थीं।

केस 2  - उच्च प्राथमिक विद्यालय बिसौना की सहायक अध्यापिका नज़मा फारुख का भी बुधवार को कोरोना से इंतकाल हो गया।
प्राथमिक विद्यालय शिक्षक ओम प्रकाश कटियार का कोरोना से रविवार को निधन हो गया। 15 अप्रैल को पंचायत चुनाव कराने के बाद वह संक्रमित हो गए थे।