मनरेगा के जरिये प्रदेश के सरकारी बेसिक स्कूल होंगे जल भराव मुक्त - primary ka master latest news in lucknow

राजधानी सहित प्रदेश के सभी जिलों के सरकारी प्राइमरी तथा जूनियरस्कूलों को जलभराव से मुक्त कराया जाएगा। बारिश के दिनों में स्कूलों में होने वाले जलभराव को खत्म करने के लिए मनरेगा से बड़ी योजना तैयार की गई है।

ग्राम विकास आयुक्त के रविन्द्र नायक की ओर से इसके लिए आदेश जारी कर दिया गया हैं। उनके आदेश के वाद महानिदेशक स्कूल शिक्षा विजय किरन आनंद ने प्रदेश के सभी बेसिक शिक्षा अधिकारियों को जलभराव वाले सभी स्कूलों की तत्काल सूची तैयारकर जिलाधिकारियों को उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है।

लखनऊ में ही सैकड़ों स्कूलों में बारिश के दिनों में भीषण जलभराव होता है। जिसकी वजह से स्कूलों को बंद करना पड़ता है। बच्चों को पानी में से स्कूल आना जाना पड़ता है। सरकार ने इस समस्या के निदान के लिए बड़ी योजना तैयार कराई है। इन स्कूलों को जलभराव से मुक्त कराने के लिए मनरेगा से काम कराने का निर्णय लिया गया है। इसके तहत स्कूल परिसर से लेकर बाहर तक बच्चों के आने जाने वाले रास्ते को भी जलभराव से मुक्त कराया जाएगा। महानिदेशक विजय किरन आनंदने इस संबंध में 1 अप्रैल को आदेश जारी किया। इसके बाद बेसिक शिक्षा अधिकारी व मंडलीय सहायक बेसिक शिक्षा निदेशक पीएन सिंह ने भी 3 अप्रैल को निर्देश जारी कर दिए। उन्होंने लखनऊ के समस्त खंड शिक्षा अधिकारियों से शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों के ऐसे सभी स्कूलों की तत्काल सूची तैयार कराने का निर्देश दिया है।


ये काम कराए जाएंगे

स्कूल परिसर में जहां गड्ढे होंगे उन्हें भरा जाएगा जिन स्कूलों के

मैदान नीचे होंगे उन्हें मिट्टी डालकर ऊंचा व समतल किया जाएगा ताकि परिसर में पानी न भरे

स्कूल परिसर से पानी निकालने के लिए ड्रेनेज सिस्टम बनेगा

स्कूल के बाहर भी पानी का जलजमाव न हो इसके लिए बाहर के हिस्से को भी ऊंचा किया जाएगा बाहर भी पानी निकासी के लिए

नाले नालियां बनाई जाएंगी बच्चों के स्कूल आने जाने वाले रास्ते भी दुरुस्त कराए जाएंगे

गांव व कस्बों से स्कूल के रास्ते में जो गड़े होंगे उन्हें भी मिट्टी भराई कर पाटा जाएगा

जिन विद्यालयों के सामने सड़क ऊंची होगी और स्कूल नीवे होंगे वहा विशेष ड्रेनेज सिस्टम विकसित होगा सोक पिट बनाई जाएगी

| 700 परिषदीय स्कूलों में जलभराव होने से परेशानी

लखनऊ के शहरी व ग्रामीण इलाकों के करीब 700 परिषदीय प्राइमरी तथा जूनियर स्कूलों में जल भराव होता है। लंबे समय से बेसिक शिक्षा विभाग इन स्कूलों को जलभराव से मुक्त कराने के प्रयास में लेगा था। लेकिन एक भी स्कूल जल भराव से मुक्त नहीं हो पाए है। अब इस बार उम्मीद बनी है।