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    Sunday, 3 June 2018

    Special BTC 2004 Highcourt GPF CASE :  विशिष्ट बी टी सी 2004 बैच की स्पेशल अपील में डबल बेंच से मिली राहत : क्लिक कर जाने पिछला अंतरिम आदेश बहाल

    Special BTC 2004 Highcourt GPF CASE :  विशिष्ट बी टी सी 2004 बैच की स्पेशल अपील में डबल बेंच से मिली राहत : पिछला अंतरिम आदेश बहाल

    विशिष्ट बी टी सी 2004 बैच की स्पेशल अपील में डबल बेंच से मिली राहत।*
    *(पिछला अंतरिम आदेश बहाल।*)
    विशिष्ट बी टी सी वेलफेयर असोसिएशन 
    ऐशोशिएशन की रिट 57686/2015 के 8/10/15 के न्यायमूर्ति स्थालकर जी के अंतरिम आदेश पर प्रतापगढ़ में
    जी0पी0एफ0 (पुरानी पेंशन स्कीम के तहत)  कटौती शुरू होने के बाद रोकने के प्रयास पर *21/12/2017 दिन वृहस्पतिवार को प्रतापगढ़ का याचिका 62082/2017 पर एक ऐतिहासिक निर्णय देते हुये,माननीय जस्टिस सुनीत कुमार जी ने प्रतापगढ़ में 30/11/2017 के श्रीमान् जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी के आदेश को रोकते हुये। 30/10/2017 के श्रीमान् जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी के पूरे जनपद में जी पी एफ कटौती के आदेश को बहाल कर दिया था।*
    यद्यपि 2अप्रैल के बाद से सम्बंधित जज ही सुनवाई करें, सम्बन्धित याचिकाओं पर, व समस्त गैर सम्बन्धित बंच को समाप्त कर दिया गया था माननीय चीफ जस्टिस के आदेश पर, फिर भी अज्ञात कारणों से(शायद मेरी जानकारी का अभाव अथवा मृतक आश्रित भाईयों के वकीलश्री अनिल तिवारी व स्टैंडिंग काउंसिल के निवेदन पर) माननीय न्यायमूर्ति श्री सूर्य प्रकाश केसरवानी जी के द्वारा दिनांक 18/05/2017 को मृतक आश्रित व 2004 बैच दोनों का संयुक्त निर्णय आया। 
    जिसमें लखनऊ खण्डपीठ के निर्णय के मद्देनजर /ध्यान में रखकर मृतक आश्रित भाईयों की 22142/2011 महेश प्रसाद व अन्य को राहत मिली, किन्तु 2004 बैच के विपरीत निर्णय गया।
    याचियों को लगा कि कई पक्षों पर माननीय न्यायालय का ध्यान नहीं गया /रखा जा सका व फाइनल हियरिंग के दिन सरकारी पक्ष की बहस के बाद याची के वकील श्री अशोक खरे का उपस्थित न रह पाना (को न सुना जाना) शायद प्रमुख कारण रहा। 
    2004 बैच की लगभग 26 याचिकाओं में से *प्रतापगढ़ के याचियों द्वारा माननीय न्यायालय की डबल बेंच में, (*अनन्त पाल सिंह व अन्य द्वारा*)
    स्पेशल अपील की गयी। 
    *जिसमें बहस के दौरान श्री अशोक खरे याची के वकील से सहमत माननीया न्यायमूर्ति भारती सप्रू एवं माननीय न्यायमूर्ति श्री सरल श्रीवास्तव जी के द्वारा तत्काल पिछले अंतरिम आदेश को बहाल करते हुये, सरकारी पक्ष से एक माह में काउण्टर एफिडेविट /जवाब लगाने को कहा है।*
             *सत्यमेव जयते*