69000 शिक्षक भर्ती में चयनित शिक्षकों का अभिलेख सत्यापन अधर में, सचिव के आदेश के बावजूद भी नही हो पाया वेरीफिकेशन - up primary teacher verification

69000 शिक्षक भर्ती में चयनित शिक्षकों का अभिलेख सत्यापन अधर में, सचिव के आदेश के बावजूद भी नही हो पाया वेरीफिकेशन - up primary teacher verification

प्रयागराज : बेसिक शिक्षा परिषद के प्राथमिक स्कूलों में नियुक्ति पाने वाले शिक्षकों का अभिलेख सत्यापन अधर में है। बेसिक शिक्षा अधिकारियों की अनदेखी से 69000 शिक्षक भर्ती का कार्य पूरा नहीं हो पा रहा है। परिषद सचिव प्रताप सिंह बघेल ने सभी बीएसए को कड़े निर्देश दिए थे कि वे अप्रैल तक इसे कराकर रिपोर्ट भेजें। आनलाइन सत्यापन में गूगल शीट तक सही से नहीं भरी गई है। अब आठ मई तक कार्य पूरा करने का निर्देश दिया गया है।




भर्ती में नियुक्ति पाने वालों के अभिलेख सत्यापन के लिए परिषद मुख्यालय कई पत्र जारी कर चुका है। वेतन भुगतान से पहले शैक्षिक व प्रशिक्षण प्रमाणपत्रों सहित अन्य का सत्यापन होना जरूरी है। परिषद सचिव ने अप्रैल में लिखा था कि बीएसए इस संबंध में जिला स्तर पर अपेक्षित कार्यवाही नहीं कर रहे हैं, जबकि माध्यमिक शिक्षा परिषद, परीक्षा नियामक प्राधिकारी व कई विश्वविद्यालयों की वेबसाइट पर परीक्षाफल उपलब्ध हैं। अभ्यर्थियों के अभिलेखों का आनलाइन सत्यापन किया जा सकता है। इसके लिए बीएसए हर जिले में अपने साथ एक अधिकारी व एक सहायक अधिकारी नामित करें, जो वेबसाइट से सत्यापित करते हुए प्रिंट निकालेंगे। इस पर बीएसए व अन्य अफसरों के हस्ताक्षर करके सुरक्षित करना होगा। आनलाइन सत्यापन के साथ ही शैक्षिक अभिलेखों का भौतिक सत्यापन भी कराना होगा। परिषद ने अभिलेख सत्यापन के लिए सभी जिलों की गूगल शीट तैयार कराकर जिलों में भेजी थी जिसमें विकासखंडवार सभी विवरण अंकित किए जाने हैं। परिषद सचिव ने जिलावार गूगल शीट का ब्योरा सार्वजनिक किया है। इसमें 43 जिलों के बीएसए ने शीट पर अद्यतन ब्योरा ही नहीं दिया है, जबकि छह जिलों ने अपूर्ण विवरण भरा है। वहीं, 26 जिलों के विवरण को फिर से जांचने का निर्देश दिया गया है। यह कार्य आठ मई तक पूरा करके भेजना है। पत्र में साफ कहा गया था कि त्रुटिपूर्ण या गलत व विलंब से सत्यापन के लिए बीएसए स्वयं जिम्मेदार होंगे। विश्वविद्यालय व संस्थाओं की ओर से सत्यापन के लिए निर्धारित शुल्क जिला स्तर से दिया जाएगा।
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