बहराइच | वार्षिक खेल के समापन समरोह 2021 | विधायिका की जुबान फिसली शिक्षकों ने किया कड़ा विरोध, इस टिप्पणी पर हुआ था विरोध | Annual Games Closing Ceremony 2021

बहराइच | वार्षिक खेल के समापन समरोह 2021 | विधायिका की जुबान फिसली शिक्षकों ने किया कड़ा विरोध, इस टिप्पणी पर हुआ था विरोध | Annual Games Closing Ceremony 2021

विधायिका की जुबान फिसली शिक्षकों ने किया कड़ा विरोध
बहराइच । परिषदीय विद्यालयो के वार्षिक खेल के समापन पर भाजपा विधायक सरोज सोनकर की जुबान फिसलने पर काफी शर्मिंदगी का सामना करना पड़ गया । भाजपा विधायक के बयान को लेकर शिक्षक अपने स्थान से खड़े होकर बयान वापस लो के शोर करने लगे । जिलाधिकारी और बेसिक शिक्षा अधिकारी की ही मौजदूगी मे शिक्षकों का उग्र रूप देख सभी सकते मे आ गए । जिलाधिकारी के काफी समझाने बुझाने पर आक्रोशित शिक्षक शांत हुए ।

*परिषदीय विद्यालयो के वार्षिक क्रीड़ा समापन के अवसर पर बलहा विधायक बतौर मुख्य अतिथि आमंत्रित थी । वह बच्चो की प्रस्तुति पर काफी खुश दिखी लेकिन उनकी जुबान बोलते बोलते फिसल गई शिक्षकों की तारीफ करती हुई उन्होने विद्यालय मे सोने और हमेशा मोबाइल पर ही व्यस्त रहने का आरोप लगाती हुई ऐसा न करने की नसीहत देने लगी । विद्यालयो मे सोने को लेकर सभी शिक्षक शोर करते हुए विधायक के सामने आ गए । प्राथमिक शिक्षक जिला संरक्षक के के पाण्डेय ने कड़ा विरोध करते हुए कहा यह बयान शिक्षकों के लिए अपमानजनक है इसके लिए निंदा प्रस्ताव पारित किया जाना चाहिये ।



 शिक्षक नफीस अहमद ने कहा यह बयान किसी भी तरह से उचित नही कहा जा सकता । शिक्षक नेता उमाकांत तिवारी ने विधायिका के बयान का कड़ा विरोध व्यक्त करते हुए जनप्रतिनिधि से ऐसे बयान की उम्मीद नही की जा सकती है । विधायिका के संबोधन मे शिक्षकों के अपमान को लेकर शिक्षक काफी आक्रोशित दिखे ।चित्तौरा के मंत्री विश्वनाथ पाठक ने माफी मांगने को लेकर आवाज बुलंद की। प्राथमिक शिक्षक संघ जिला मंत्री विजय उपाध्याय ने विधायिका के बयान की निन्दा की किया और कहा की इससे शिक्षकों का मनोबल गिरेगा माननीया विधायक को अपनी बात वापस लेना चाहिए और शिक्षक समाज से माफी मांगना चाहिए। विद्या विलास पाठक ने कहा विधायिका का यह बयान काफी हास्यापद है। उन्होने कहा आज प्राथमिक शिक्षा की शिक्षकों की मेहनत के कारण अलग पहचान बनी है । जिला अध्यक्ष आनंद पाठक ने बयान पर कड़ा एतराज व्यक्त किया । सभी शिक्षक अनुचित बयान से काफी नाराज दिखे। शिक्षकों के हंगामे को देखकर विधायिका समय से पहले ही कार्यक्रम छोड़ कर चली गई ।
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