ग्रेच्युटी स्पेशली फ़ॉर बेसिक अपडेटेड पोस्ट | शासनादेश और ग्रेच्यूटी फार्म डाउनलोड करें | Gratuity Form and Govt Order 25 may 2023

ग्रेच्युटी स्पेशली फ़ॉर बेसिक अपडेटेड पोस्ट | शासनादेश और ग्रेच्यूटी फार्म डाउनलोड करें | Gratuity Form and Govt Order 25 may 2023

यदि विकल्प देकर कोई परिषदीय शिक्षक 60 वर्ष में ही सेवानिवृत्ति का विकल्प ले लेता है तो 60 वर्ष पर रिटायर होने पर या उससे पहले असामयिक मृत्यु होने पर शिक्षक/उसके आश्रित को भी ग्रेच्युटी का लाभ मिलेगा।

नियुक्ति चाहे आपकी अप्रैल 2005  से पहले हो या उसके बाद ,ग्रेच्युटी के लिए विकल्प भरना अनिवार्य है।

सचिव बेसिक शिक्षा परिषद द्वारा जारी आदेश दिनांक 19-05-2022 के अनुसार ग्रैच्युटी के लिए  60 वर्ष का विकल्प भरना  अनिवार्य है।

शासनादेश संख्या 2491/15-5-2002-212/2001 दिनांक 10-06-2002 द्वारा सेवानिवृत्ति के 01 वर्ष पूर्व  59 वें वर्ष की आयु में अर्थात जिस शैक्षणिक सत्र में  विकल्प पत्र के अनुसार आपकी सेवानिवृत्ति होगी,उसकी पहली जुलाई तक विकल्प परिवर्तन करके आप  पुनः सेवा वर्ष 62 साल कर सकते हैं।

62 वर्ष में पुनः सेवानिवृत्ति विकल्प बदलने के लिए यहां ध्यातव्य है कि विकल्प पत्र में परिवर्तन 59 वें वर्ष में ही करना है ,भले ही आपको सत्र लाभ मिलकर 63 साल तक सेवा करनी थी।
यदि बेसिक के अधीन कर्मचारी के साथ 60 साल तक कोई अप्रत्याशित घटना नही होती है और वह  ग्रैच्युटी का लाभ लेता है तो उसे 60 वर्ष पर रिटायर कर उसको ग्रैच्युटी की निर्धारित राशि  दे दी जाएगी।

बेसिक में 60 साल का विकल्प देने पर  सेवानिवृत्ति/डेथ gratuity में अधिकतम देय राशि 20 लाख होगी।

डेथ ग्रेच्युटी अलग अलग सेवा वर्षो के लिए अलग अलग निर्धारित है।

01वर्ष से कम सेवा वर्ष के लिए मासिक वेतन का 2 गुना।

01 वर्ष से अधिक लेकिन 05 वर्ष से कम सेवावर्ष के लिए मासिक वेतन का 06 गुना।

05 वर्ष से अधिक लेकिन 11 वर्ष से कम की सेवावर्ष में मासिक वेतन का 12 गुना।

11 वर्ष से अधिक लेकिन 20 वर्ष कम सेवावर्ष में मासिक वेतन का 20 गुना।

20 वर्ष या उससे अधिक सेवावर्ष अधिकतम 20 लाख।

ग्रेच्युटी का विकल्प बेसिक के सभी कर्मचारियो के लिए खुले है ग्रैच्युटी का लाभ लेने के लिए अब विकल्प  पत्र भरना अनिवार्य हो गया है।

सभी शिक्षक साथी दिए गए  प्रारूप को 4 प्रति में भर कर brc पर जमा कर दे इसमे एक प्रति आपको वापस कर दी जाएगी।

ग्रेच्युटी और टैक्स दायित्व के इस पहलू को भी ध्यान रखिये।
(1) रिटायर्मेंट पर आपको मिलने वाली ग्रेच्युटी की रकम पूरी तरह से टैक्स मुक्त होती है, लेकिन उतनी ही जितनी निर्धारित फार्मूले के हिसाब से आपकी ग्रेच्युटी बनती है।20 लाख से अधिक ग्रेच्युटी जितनी भी राशी है उस पर छूट नहीं मिलती, अधिक राशी टैक्सेबल मानी जाती है।

(2) मृत्यु ग्रेच्युटी जो नॉमिनी को प्राप्त होती है वह ग्रेच्यूटी पाने वाले व्यक्ति पर लागू इनकम टैक्स स्लैब के अनुसार होगी। ग्रेच्युटी के रूप में मिली रकम को प्राप्त करने वाले व्यक्ति की *अन्य श्रोंतों से प्राप्त हुई आमदनी* में मानकर टैक्स कैलकुलेट किया जाता है। यहां पूरी राशी टैक्सेबल होती है।
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