दिल्ली में नेशनल ट्रेनर्स की ट्रेनिंग पूरी हो चुकी है। अब यही ट्रेनर प्रदेश स्तर पर मास्टर ट्रेनर्स को प्रशिक्षण देंगे। मास्टर ट्रेनर्स की राज्यस्तरीय ट्रेनिंग फरवरी से
लखनऊ में शुरू होने की संभावना है। प्रशिक्षण के बाद मास्टर ट्रेनर जिलों में जाकर फील्ड में काम करने वाले प्रगणकों और सुपरवाइजरों को तैयार करेंगे। जनगणना के पहले चरण में कुल 33 सवाल पूछे जाएंगे। इसमें परिवार के मुखिया से संबंधित विवरण, परिवार में उपलब्ध और अर्जित सुविधाओं से जुड़े सवाल होंगे। इस बार पूरी प्रक्रिया डिजिटल होगी।
प्रगणक अपने मोबाइल फोन में विशेष जनगणना एप डाउनलोड कर उसी के जरिये आंकड़े दर्ज करेंगे। इससे न सिर्फ समय बचेगा, बल्कि डाटा की शुद्धता भी बढ़ेगी। प्रदेश में पहले बुलंदशहर, बहराइच और प्रयागराज के कुछ क्षेत्रों में ट्रायल किया जा चुका है। वहां से मिले फीडबैक के आधार पर मोबाइल एप को और सरल व यूजर-फ्रेंडली बनाया जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार, प्रगणक और सुपरवाइजर को एप के जरिये ही सारी जानकारी भरनी होगी, इसलिए तकनीकी प्रशिक्षण पर खास जोर दिया जा रहा है।
